मिशन शक्ति 3.0 के अंतर्गत विकास भवन में कार्यशाला का आयोजन

कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम-2013 के 08 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष में उक्त कानून के प्रावधानों पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश के निर्देशानुसार मुख्य विकास अधिकारी लखनऊ की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार लखनऊ में किया गया।
इस कार्यक्रम में जनपद स्तरीय अधिकारियों/कार्मिकों द्वारा प्रतिभाग किया गया एवं रेनू मिश्रा, आली संस्था, लखनऊ एवं डॉ0 नेहा आनन्द, मनोवैज्ञानिक/ परामर्शदाता, लखनऊ विशेषज्ञ के रूप में ‘‘कार्यस्थल पर महिलाओं का लैगिंक उत्पीड़न अधिनियम-2013‘‘ के प्रावधानों पर जागरूक एवं संवेदीकरण किया गया।
कार्यक्रम में सर्वप्रथम डॉ0 नेहा आनन्द द्वारा कार्यस्थल पर महिलाओं का लैगिंक उत्पीड़न अधिनियम-2013 के अन्तर्गत सभागार में उपस्थित समस्त जनपद स्तरीय अधिकारियों/कार्मिकों को समाज में व्याप्त लैंगिक असमानताओं, विकृतियों के बारे में विस्तार से चर्चा की गयी। आनन्द द्वारा सम्बन्धित विषय से पीड़ित व्यक्ति की मनोदशा किस प्रकार प्रभावित होती है, साथ ही समस्या का समाधान न होने की स्थिति में उसके व्यवहार में परिवर्तन भी प्रदर्शित होता है, इसलिए आवश्यक है इस प्रकार की समस्याओं का निस्तारण किया जाये। रेनू मिश्रा, आली संस्था, लखनऊ द्वारा उक्त अधिनियम के अन्तर्गत विधिक विशेषज्ञ के रूप में अधिनियम के प्रावधान, नियम एवं दण्ड संहिता के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गयी तथा उक्त अधिनियम की बारीकियों से अवगत कराते हुए बताया कि कार्यस्थल पर किस तरह के व्यवहार एवं गतिविधियों को कार्यस्थल पर उत्पीड़न की श्रेणी में लिया जाता है, जिसके विरूद्ध पीड़ित व्यक्ति अपनी शिकायत आंतरिक परिवाद समिति/स्थानीय परिवाद समिति के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है।
मुख्य विकास अधिकारी लखनऊ द्वारा ‘‘कार्यस्थल पर महिलाओं का लैगिंक उत्पीड़न अधिनियम-2013‘‘ के प्राविधानों को समस्त गैर सरकारी/सरकारी कार्यालयों में सुचारू रूप से क्रियान्वयन करने के निर्देश दिये गये एवं कार्यालय के सूचना पटल पर आंतरिक परिवाद समिति में गठित सदस्यों के नाम व विवरण चस्पा किये जायें व विभिन्न विभागों द्वारा समय-समय पर ‘‘कार्यस्थल पर महिलाओं का लैगिंक उत्पीड़न अधिनियम-2013‘‘ के प्राविधानों पर कार्यक्रम आयोजित कराये जाने के निर्देश दिये गये।








