प्राकृतिक संरक्षण के लिए हमें अपने शास्त्रों की ओर लौटना होगा : संयुक्ता भाटिया

चौक स्थित कुड़ियाघाट में  हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा फाउंडेशन एवं पर्यावरण संरक्षण गतिविधि द्वारा आयोजित प्रकृति वंदन कार्यक्रम में महापौर संयुक्ता भाटिया उपस्थित होकर वृक्षों का पूजन किया।

इस अवसर पर बोलते हुए महापौर संयुक्ता भाटिया ने कहा कि आज मनुष्यों की जनसंख्या एवं उनकी बढ़ती जरूरतों के कारण प्राकृतिक संसाधनों का दोहन हो रहा है। आज पूरी धरती पर मनुष्य अपनी जरूरतों की पूर्ति के लिए बड़ी मात्रा में खनिज,कोयला ,लकड़ी,कच्चे तेल,प्राकृतिक गैस इत्यादि का खनन कर रहा है। बड़ी मात्रा में जंगलों को साफ किया जा रहा है जिससे हमारे प्रकृति में असंतुलन हो गया है। लगातार गर्म होती धरती से हमारे मौसम में अप्रत्याशित बदलाव आया है जिसे हम सब महसूस कर रहे है।

उन्होंने आगे कहा हमारा देश तो प्राकृतिक पूजक राह है। हमारे यहाँ तो वृक्षों, नदियों,पहाड़ों ,नागों  कि पूजा होती है। हमारे धर्म मे तो प्रकृति से संतुलन बैठा कर ही सारे वैदिक कार्य एवं पूजा-पाठ होते है। लेकिन मनुष्यों की बढ़ती आवश्यकता की पूर्ति के लिए आज यह संतुलन बिगड़ रहा है। हमे अपने वेदों की ओर लौटना होगा तभी हमारी धरा रहने लायक बनी रहेगी। अंत मे उन्होंने सभी को संकल्प दिलाते हुए कहा कि आइए आज प्रकृति का पूजन एवं वंदन करके हम सभी इस प्रकृति वंदना को अपने अपने तरीके पूजन कर इस संकल्प को साकार करे।

इस अवसर पर महापौर संग विशेष सचिव वन ब्रह्मदेव राम तिवारी, एस.आर इंस्टिट्यूट के चेयरमैन पवन सिंह, पाषर्द अनुराग मिश्रा, प्रान्त प्रमुख डॉ प्रमोद शुक्ला, सह-संयोजक एस. एस. गगन, नारी शक्ति प्रमुख डॉ नीरजा सिंह, रमिता पाण्डेय, प्रतिमा शुक्ला सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button
btnimage