UPCM ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के जनपदों में फसल ऋण मोचन योजना की प्रगति की समीक्षा बैठक की

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने शास्त्री भवन में आयोजित वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के जनपदों में फसल ऋण मोचन योजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि 01 जून से 15 जून, 2018 तक ऋण माफी की शिकायतों के लिए निर्मित पोर्टल को खोल दिया जाए ताकि किसान अपनी-अपनी शिकायतें दर्ज कर सकें। उन्होंने कहा कि ऋण माफी से सम्बन्धित किसानों की शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध ढंग से किया जाए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को इस कार्य में व्यक्तिगत रुचि लेते हुए इसे शीघ्र पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि इन शिकायतों का हर हाल में जनपद स्तर पर समाधान किया जाए।
UPCM ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा यह योजना लघु एवं सीमान्त किसानों को लाभान्वित करने के लिए लागू की गई थी। उन्होंने कहा कि पात्र किसानों को हर हाल में लाभान्वित किया जाए। उन्होंने इस कार्य के लिए बैंकों से समन्वय स्थापित करते हुए शिकायतों का निस्तारण करवाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए कटिबद्ध है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा मंत्रिपरिषद की पहली बैठक में 31 मार्च 2016 तक लघु व सीमान्त किसानों को जितना भी फसली ऋण दिया गया था, उसका 31 मार्च, 2017 को अचुकता अवशेष माफ करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया था, जिसकी अधिकतम सीमा प्रति किसान एक लाख रुपए तय की गई थी।
इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, मुख्य सचिव राजीव कुमार, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय, प्रमुख सचिव वित्त संजीव कुमार मित्तल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।








