गौमय गौमूत्र से होगा नैनो टेक्नोलॉजी द्वारा बहुमूल्य उत्पाद निर्माणः अनुसंधान आधारित गोवंश उपयोगिता का नया आयाम

मुख्यमंत्री निराश्रित/बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना के अंतर्गत आज वृहद गो संरक्षण केन्द्र, तेज कृष्ण खेड़ा, काकोरी में चयनित किसानों को गोवंश गोद दिये गए।इस अवसर पर 31 गोवंशों को कुपोषण से प्रभावित निर्धन किसानों एवं परिवारों को सुपुर्द किया गया, जिससे उन्हें पोषण, आय एवं प्राकृतिक कृषि के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रोत्साहन प्राप्त हो सके। यह योजना न केवल गोवंश संरक्षण का सशक्त माध्यम है, बल्कि इससे ग्रामीण किसानों को गोपालन आधारित आजीविका को बढ़ावा मिलता है।
कार्यक्रम में लाभार्थी किसानों को गोवंश सुपुर्द करते हुए अध्यक्ष श्री श्याम बिहारी गुप्त जी ने कहा कि गो-सुपुर्दगी कार्यक्रम न केवल बेसहारा गोवंश के लिए संरक्षण का माध्यम है, बल्कि किसानों के लिए गो आधारित प्राकृतिक कृषि, जैविक उत्पादों और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक व्यावहारिक पहल है। गौसेवा केवल भावनात्मक आस्था नहीं, बल्कि कृषि, पर्यावरण और आजीविका का सुनिश्चित जरिया है। मुख्यमंत्री गो सहभागिता योजना प्रदेश की गौशालाओं को आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने की दिशा में क्रांतिकारी प्रयास है।
उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग इस प्रकार के आयोजनों को स्थायी गो-संवर्धन मॉडल विकसित करने की दिशा में अत्यंत उपयोगी प्रयास है।
गोद देने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्याम बिहारी गुप्त, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग थे। इस अवसर पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, लखनऊ, पी.एस. ओझा, निदेशक, प्रवृद्ध फाउंडेशन उपस्थित भी रहे।








