UPCM_योगी_आदित्यनाथ ने लेखपालों को #लैपटॉप_वितरण कार्यक्रम का शुभारम्भ किया

लखनऊ (19 जून, 2019)। UPCM योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन में राजस्व लेखपालों को लैपटॉप वितरण के शुभारम्भ कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पूर्ण रूप से वित्त पोषित ई-डिस्टिंक्ट योजना के अन्तर्गत लेखपालों को लैपटॉप उपलब्ध कराया जा रहा है। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं लखनऊ मण्डल के 21 लेखपालों को लैपटॉप वितरित किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व विभाग जनता से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण विभाग है। लेखपाल इस विभाग की एक महत्वपूर्ण इकाई हैं। इन्हें तकनीक से जोड़कर ही हम जनता को बेहतर सुविधाएं दे सकते हैं। वर्तमान प्रदेश सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ की नीति पर अमल करते हुए प्रदेश के सर्वांगीण विकास और गरीबों के सशक्तिकरण के लिए निरन्तर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ सभी जरूरतमंद लोगों को मिल सके। इसके लिए आवश्यक है कि सरकार के पास सही आंकड़े उपलब्ध हों। इस कार्य में राजस्व लेखपालों की बड़ी भूमिका है। लेखपालों के पास अपने क्षेत्र से सम्बन्धित सभी आंकड़े उपलब्ध रहने चाहिए। इस कार्य के लिए शुरूआत में परिश्रम करना पड़ सकता है, किन्तु बाद में यह प्रयास सुविधाजनक सिद्ध होगा। इस सम्बन्ध में सेना का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के समय जितना पसीना बहाओगे, युद्ध के मैदान में उतना कम खून बहाना पड़ता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लैपटॉप की सुविधा न केव ल लेखपालों को स्मार्ट बनाएगी, बल्कि इससे आमजन को सुविधा का नया माहौल भी प्राप्त होगा। लैपटॉप का वितरण ही नहीं, बल्कि इसका प्रशिक्षण भी आवश्यक है। इससे लेखपालों को कार्य करने में और आसानी होगी। उन्होंने कहा कि इससे लेखपालों के कार्यां में पारदर्शिता आएगी। उन्होंने कहा कि सिर्फ स्मार्ट फोन और लैपटॉप से नहीं बल्कि लेखपालों को अपने कार्यां में भी स्मार्टनेस दिखानी होगी। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग की रिक्तियों को भरने की प्रक्रिया चल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटलाइजेशन और कम्प्यूटरीकरण से राजस्व विभाग को मजबूत आधार मिलेगा। वर्तमान समय में टेक्नोलॉजी का भरपूर उपयोग करके ही आमजन में भरोसा और विश्वास जागृत किया जा सकता है। तकनीक का उपयोग कर हम कार्यों को बेहतर और प्रभावी ढंग से सम्पन्न कर सकते हैं। राज्य सरकार की मंशा है कि जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, लोक प्रशासन के समस्त दायित्वों का निर्वहन सरल, सहज, सुगम एवं पारदर्शी बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व विभाग आधुनिक तकनीक को अपनाते हुए जनता को बेहतर सेव ाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। खसरा एवं शजरा आदि सेवाओं को भी ऑनलाइन किए जाने के सम्बन्ध में कार्यवाही की जा रही है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार की संयुक्त रूप से वित्त पोषित योजना के माध्यम से प्रदेश के सभी राजस्व लेखपालों को स्मार्ट फोन पूव र् में उपलब्ध कराए जा चुके हैं। UPCM ने कहा कि राजस्व विभाग के लेखपालों के कार्य अत्यन्त महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ सीधे जनता से जुड़े हैं। राजस्व अभिलेखों में नाम परिवर्तन, खसरा-खतौनी व शजरा तैयार करना, खरीफ, रबी और जायद की फसलों को जिंस वार तैयार करना और सीमा व भू-माप चिन्हों की सूची बनाना राजस्व लेखपालों का उत्तरदायित्व है। इसके अलावा, उत्तराधिकार के निर्विवाद मामलों का निस्तारण, राजस्व लगान, माल एवं वसूली की जमाबन्दियों का विवरण तैयार करना और इन अभिलेखों का रख-रखाव भी लेखपालां की जिम्मेदारियां में शामिल है। कृषक दुर्घटना बीमा योजना, आम आदमी बीमा योजना, अवैध कब्जों को हटाने, एण्टी भू-माफिया अभियान और खतौनी के सह खातेदारों के अंश निर्धारण में भी राजस्व लेखपालों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लेखपाल के दायित्व सीधे जनता से जुड़े हुए हैं। शासन की योजनाओं को स्थानीय स्तर पर प्रभावी तौर पर लागू करने में लेखपाल की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसलिए लेखपाल के कार्य सम्पादन तथा कार्यशैली का राज्य सरकार की छवि पर बड़ा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि राजस्व सम्बन्धी विवादों का निस्तारण समय पर करने से राजस्व सम्बन्धी विवाद कम होता है, जिससे कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि एण्टी भू-माफिया टास्क फोर्स ने अच्छा काम किया है। इसके माध्यम से बड़ी मात्रा में सरकारी भूमि और ग्राम समाज की भूमि को भू-माफिया के कब्जे से मुक्त कराया गया है। जहां-जहां अच्छा कार्य हुआ, वहां गोवंश आश्रय स्थल तेजी से स्थापित करने में शासन को सुविधा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब और वंचित जरूरतमन्दों को तत्काल पटटा देने की कार्यवाही निश्चित अवधि में पूरी की जाए। आय, जाति, निवास तथा हैसियत प्रमाण पत्र के सम्बन्ध में लेखपालगण अपनी रिपोर्ट समय से प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत देश में सर्वश्रेष्ठ कार्य उत्तर प्रदेश में किया गया है। इसे और भी बेहतर ढंग से किया जा सकता है। इसलिए आने वाले समय में लेखपाल प्रतिबद्धता के साथ इस योजना से जुड़े कार्यां को पूरा करें। अपने सम्बोधन में राजस्व राज्यमंत्री अनुपमा जयसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री जी की प्रेरणा से राजस्व विभाग में सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि ई-गवर्नेंस के अन्तर्गत राजस्व लेखपालों को लैपटॉप उपलब्ध कराने का जो निर्णय लिया है। इससे इनका मनोबल निश्चित रूप से बढ़ गया है। इससे कार्यां में पारदर्शिता बढ़ेगी। कार्यक्रम को राजस्व परिषद के अध्यक्ष प्रवीर कुमार ने भी सम्बोधित किया। ज्ञातव्य है कि लैपटॉप के क्रय पर प्रदेश के समस्त कार्यरत लेखपालों हेतु प्रदेश सरकार पर लगभग 45 करोड़ 50 लाख रुपए का व्यय भार आएगा। नेट कनेक्टिविटी के उद्देश्य से डाटा कार्ड भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिसपर लगभग 04 करोड़ रुपए की धनराशि व्यय होगी। इसके अतिरिक्त, इसमें इन्टरनेट संचालन पर प्रतिवर्ष लगभग 7 करोड़ 50 लाख रुपए व्यय होने का अनुमान है। इस प्रकार राजस्व लेखपालों के लिए लैपटॉप की खरीद और उसके संचालन में व्यय होने वाली सम्पूर्ण धनराशि का वहन राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार, आयुक्त राजस्व परिषद रजनीश गुप्ता, मण्डलायुक्त लखनऊ अनिल गर्ग, जिलाधिकारी लखनऊ कौशल राज शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।








