लखनऊ (19 जून, 2019)।
UPCM योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन में पर्यटन विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि विन्ध्याचल के पर्यटन विकास से सम्बन्धित योजना में पर्यटन सुविधाओं, पार्किंग की व्यवस्था, शौचालय और पेयजल सुविधा और लोगों के व्यवस्थित पुनर्वास सम्मिलित किया जाए। इसके सम्बन्ध में उन्होंने एक मास्टर प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में पर्यटन के समग्र विकास के सम्बन्ध में व्यापक कार्ययोजना बनाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इसके तहत ऐसी योजना बनायी जाए, जो प्रदेश के गौरव और उसकी पहचान को प्रदर्शित करे। पर्यटन स्थलों का विकास और पर्यटकों को जोड़ते हुए इस योजना की ब्राण्डिंग सुनिश्चित हो। पर्यटन विकास के लिए प्रदेश के संसाधनों के अलावा, पी.पी.पी. मोड एवं काॅरपोरेट सोशल रेस्पाॅन्सिबिलिटी (सी.एस.आर.) की सम्भावनाओं को तलाशा जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में ‘दीपोत्सव’ पर दीपों का प्रज्ज्वलन सरयू जी के घाटों के साथ-साथ अयोध्या के आश्रमों एवं मन्दिरों में भी किया जाए। अयोध्या की 84 कोसी परिक्रमा के मार्ग पर जनसुविधाएं विकसित हो, प्रत्येक 05 किलोमीटर पर विश्रामालय का निर्माण हो, पैदल मार्गों व वाहन मार्गों की पृथक व्यवस्था हो, परिवहन सुविधाएं विकसित की जाएं। उन्होंने अयोध्या में सरयू रिवरफ्रण्ट विकसित किया जाए।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि लाइट एण्ड साउण्ड शो की स्क्रिप्ट पर विशेष ध्यान देते हुए उस स्थल विशेष के गौरवशाली अतीत और परम्पराओं का समावेश किया जाए। इसमें वहां के इतिहास, आध्यात्मिकता और साहित्यिक परम्परा, ऐतिहासिक स्थलों और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी विभूतियों का उल्लेख हो। उन्होंने कहा कि स्क्रिप्ट ऐसी हो, जो अतीत से वर्तमान पीढ़ी को जोड़ने की कड़ी बने। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के स्मारकों का निर्माण इस प्रकार किया जाए कि वह उनके व्यक्तित्व, कृतित्व व शौर्य का प्रतीक बने।
UPCM ने कहा कि प्रत्येक जनपद में पर्यटन से सम्बन्धित चिन्ह्ति स्थलों की तलाश कर उन्हें विकसित किए जाने की भी योजना बनायी जाए। उन्होंने नैमिषारण्य, शुक्रताल और हस्तिनापुर आदि क्षेत्रों के पर्यटन विकास की कार्य योजना बनाए जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन से जुड़ी परियोजनाओं की गुणवत्ता की माॅनीटरिंग और उनका समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव पर्यटन अवनीश कुमार अवस्थी ने मुख्यमंत्री को पर्यटन विभाग के विगत 02 वर्ष की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि पर्यटकों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। स्वदेश दर्शन योजना के तहत रामायण सर्किट, बुद्धिस्ट सर्किट, स्प्रिचुअल सर्किट 1, 2, 3 व 4, हेरिटेज सर्किट का कार्य किया जा रहा है। इसी प्रकार प्रासाद स्कीम के तहत वाराणसी, मथुरा, गोवर्द्धन के पर्यटन विकास सम्बन्धी कार्य सम्पादित कराए जा रहे हैं।
अपर मुख्य सचिव पर्यटन ने बताया कि रामायण सर्किट (अयोध्या) के तहत रामकथा पार्क, दिगम्बर अखाड़ा-बहुद्देशीय हाॅल, राम की पौड़ी, बुद्धिस्ट सर्किट (कुशीनगर) के तहत पार्किंग, सोलर लाइटिंग, वेस्ट मैनेजमेण्ट, पहुंच मार्ग, CCTV एण्ड वाईफाई सम्बन्धी योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। स्प्रिचुअल सर्किट 1 के तहत 09 योजनाएं और स्प्रिचुअल सर्किट 2 के अन्तर्गत 32 योजनाएं पूर्ण की जा चुकी हैं। शेष योजनाएं शीघ्र ही पूर्ण हो जाएंगी। प्रासाद स्कीम के तहत वाराणसी फेज़-1 में 06 योजनाओं में से 05 का कार्य पूर्ण हो चुका है। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के तहत गोवर्द्धन, मथुरा, वृन्दावन, गोकुल, बरसाना में पर्यटन विकास की योजनाएं संचालित हैं।
अपर मुख्य सचिव पर्यटन वाराणसी में फिल्म सिटी, गोरखपुर में वाटर स्पोर्ट्स काॅम्पलेक्स, आगरा, मथुरा, वाराणसी, लखनऊ, प्रयागराज में हेलीपोर्ट के निर्माण, गोरखपुर स्थित रामलीला मैदान एवं मानसरोवर स्थल का सौन्दर्यीकरण सम्बन्धी योजनाओं का क्रियान्वयन तेजी से किया जा रहा है। इसी प्रकार अयोध्या, विन्ध्याचल, कुशीनगर, गोरखपुर से सम्बन्धित 08 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि नई पर्यटन नीति के प्रख्यापित होने के बाद 85 निवेश प्रस्तावों में 5077.80 करोड़ रुपए का पूंजी निवेश सम्भावित है, जिनके द्वारा 40 हजार रोजगार सृजन की सम्भावना है।
अपर मुख्य सचिव पर्यटन ने बताया कि उत्तर प्रदेश प्रो-पुअर पर्यटन विकास परियोजना के तहत आगरा में विकास कार्यों की वर्तमान प्रगति 62 प्रतिशत है। अयोध्या के वृहत्तर पर्यटन विकास के अन्तर्गत भगवान श्रीराम पर आधारित डिजिटल म्यूज़ियम, इण्टरप्रेटेशन सेण्टर, लाइब्रेरी, फूड प्लाजा, लैण्ड स्केपिंग, भगवान श्रीराम की प्रतिमा और अन्य मूलभूत सुविधाओं की प्रायोजना पर कार्य किया जा रहा है। अयोध्या में क्वीन हो मेमोरियल पार्क के निर्माण की प्रक्रिया का कार्य जुलाई, 2019 में आरम्भ हो जाएगा। चित्रकूट में रोप-वे का संचालन आरम्भ हो चुका है। उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम बेहतर प्रबन्धन से लाभ की स्थिति में है। पर्यटन विकास निगम के कराए जाने वाले नवीन कार्यों के तहत हरिद्वार में भागीरथी पर्यटक आवास गृह का निर्माण, गुजरात में स्टेच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में उत्तर प्रदेश भवन का निर्माण, बद्रीनाथ में पर्यटक आवास गृह का निर्माण आदि शामिल हैं।
इस अवसर पर मुख्य सचिव डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय, ब्रज तीर्थ विकास परिषद के अध्यक्ष शैलजा कान्त मिश्र, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल, सूचना निदेशक शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।