UPCM योगी ने सोनभद्र भ्रमण के दौरान प्रेसवार्ता कर मीडिया को सम्बोधित किया

सोनभद्र (21 जुलाई, 2019)।
UPCM मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद सोनभद्र के कलेक्ट्रेट मीटिंग हाल में आयोजित प्रेस-वार्ता में कहा कि 17 जुलाई, 2019 को जनपद सोनभद्र के ग्राम उम्भा की दुःखद घटना के पीड़ितों से मिलकर उनको सान्त्वना देने और उनका दर्द साझा करने के उद्देष्य से वे आज जनपद सोनभद्र आए हैं। उन्होंने कहा कि उम्भा-सपही में हुए इस खूनी संघर्ष के मृतकाश्रितों और घायलों के परिजनों से मिलकर अपनी संवेदना व्यक्त की है। सरकार संकट की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि इस प्रकरण में राज्य सरकार द्वारा तत्परता से कार्रवाई की गयी है। घटना के तत्काल बाद मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेषक को इस घटना का व्यक्तिगत रूप से अनुश्रवण करते हुए दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देष दिये गये। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सख्ती के चलते अब तक ग्राम प्रधान यज्ञदत्त व उसके भाई सहित 29 अभियुक्त गिरफ्तार किये जा चुके हैं।

इसके अलावा एक लाईसेंसी एस.बी.बी.एल., एक राईफल और तीन डी.बी.बी.एल. गन व घटना में प्रयुक्त 14 ट्रैक्टरों की भी बरामदगी की जा चुकी है। इस घटना के सम्बन्ध में थाना घोरावल पर मुकदमा अपराध संख्या-78/19 धारा-34/147,148,149,037,302 भा.दं.सं. व 325 अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (नृषंसता निवारण) अधिनियम-1989 के अन्तर्गत 28 नामजद व 40-50 व्यक्ति अज्ञात के विरुद्ध पंजीकृत किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना के सम्बन्ध में प्रदेष सरकार द्वारा आयुक्त विन्ध्याचल मण्डल और मीरजापुर और अपर पुलिस महानिदेषक, वाराणसी जोन की 02 सदस्यीय जांच टीम गठित की गई जिसकी रिपोर्ट के आधार पर अविलम्ब निर्णय लेते हुए कार्रवाई की गई। इस घटना में उप जिलाधिकारी घोरावल, क्षेत्राधिकारी घोरावल, प्रभारी निरीक्षक थाना घोरावल के साथ-साथ हल्के के दरोगा और बीट कान्सटेबल को निलम्बित किया जा चुका है।

प्रकरण से जुड़े राजस्व अभिलेखों की गहनता से जांच के लिए अपर मुख्य सचिव राजस्व की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की गई, जिसमें प्रमुख सचिव श्रम और विन्ध्यांचल मण्डल के आयुक्त नामित किए गए हैं। घटना के पूर्व दोनों पक्षों के बीच आपराधिक मुकदमों और निरोधात्मक कार्रवाई में यदि कोई त्रुटि हुई है, इसका उत्तरदायित्व निर्धारण अपर पुलिस महानिदेषक, वाराणसी जोन द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनपद सोनभद्र में इस प्रकार के अन्य भूमि विवादों को चिन्हित कर समयबद्ध रूप से उनका स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के लिए अध्यक्ष राजस्व परिषद की अध्यक्षता में एक समिति भी गठित की जाएगी।

प्रेस-वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने घटना के पीड़ितों को राहत पहुंचाने और जनपद सोनभद्र की जनता के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने उम्भा के प्रत्येक आवासविहीन पात्र अनुसूचित जाति/जनजाति/मुसहर परिवार के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत एक महीने में आवास स्वीकृत करने की घोषणा की। इसके अलावा पूरे सोनभद्र जनपद के आवासविहीन पात्र अनुसूचित जनजाति/मुसहर परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना/प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक वर्ष के भीतर आच्छादित किया जाएगा। उन्होंने ओबरा को तहसील बनाने और कोन और करमा को ब्लाॅक बनाने की भी घोषणा की।

UPCM योगी ने जनपद के आंगनबाड़ी केन्द्र विहीन ग्रामों में नये आंगनबाड़ी केन्द्र स्थापित किए जाने की घोषणा की। उन्होंने बालकों एवं बालिकाओं के लिए एक-एक आश्रम पद्धति आवासीय विद्यालय स्थापित किए जाने की भी घोषणा की। जनपद में इस प्रकार के 04 विद्यालय जनपद में पूर्व से संचालित हैं। उन्होंने जनपद सोनभद्र में दीन दयाल उपाध्याय कौशल विकास योजना के 03 केन्द्र स्थापित किए जाने की भी घोषणा की। ये केन्द्र घोरावल, राबर्ट्सगंज और दुद्धी में स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने विद्युत आपूर्ति से वंचित मजरों में निःषुल्क सोलर कनेक्षन देने की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने पात्र परिवारों को तीन महीने के अन्दर राषन कार्ड उपलब्ध कराने की भी घोषणा की। उन्होंने जनपद सोनभद्र में साठ (60) वर्ष से अधिक उम्र के पात्र लोगों को वृद्धावस्था पेंषन दिए जाने की घोषणा की। उन्होंने सभी पात्रों को दिव्यांग व निराश्रित विधवा पेंषन देने के साथ-साथ सभी पात्रों को आयुष्मान भारत योजना से आच्छादित करने की भी घोषणा की। घोरावल में फायर स्टेशन की स्थापना के लिए धनराषि निर्गत की जाएगी। शीघ्र ही फायर स्टेषन का निर्माण होगा। उन्होंने मूर्तिया (सोनभद्र) में पुलिस चैकी की स्थापना की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी मृतकाश्रितों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से पूर्व में वितरित 05 लाख रुपए की आर्थिक सहायता को जोड़ते हुए कुल 10 लाख 25 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। समाज कल्याण विभाग की योजना के अन्तर्गत दी जाने वाली 8.25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता के तहत 04 लाख 12 हजार 500 रुपए की सहायता दी जाएगी। शेष 04 लाख 12 हजार 500 रुपए की आर्थिक सहायता चार्जशीट दाखिल होने पर प्रदान की जाएगी। इस प्रकार प्रत्येक मृतकाश्रित को कुल 18 लाख 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना में पीड़ित पक्ष के 21 घायलों में से प्रत्येक को मुख्यमंत्री सहायता कोष से कुल 02 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जिसमें से 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। इसी प्रकार समाज कल्याण विभाग की योजना के अन्तर्गत 21 घायलों को 50 हजार रुपए की तात्कालिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा 25 हजार रुपए की आर्थिक सहायता चार्जशीट दाखिल होने पर मिलेगी। इस प्रकार इस घटना के पीड़ित पक्ष के प्रत्येक घायल को कुल 2 लाख 75 हजार रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जाएगी। उन्होंने कहा कि जनपद सोनभद्र के साथ-साथ सम्पूर्ण विन्ध्य क्षेत्र को पाइप्ड पेयजल योजना से जोड़ा जाएगा। उम्भा के सभी पात्रों को सोलर कनेक्षन दिया जाएगा।

घटना के कारणों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इसका मुख्य अभियुक्त ग्राम प्रधान यज्ञदत्त समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक रमेष चन्द्र दूबे का करीबी रहा है। दबंग प्रवृत्ति के इस व्यक्ति ने पिछले चुनाव में सपा का प्रचार किया था। ग्राम प्रधान के भाई को वर्ष-2017 से पूर्व सड़क निर्माण का ठेका मिला था। आदर्ष को-ऑपरेटिव उम्भा सपही का गठन विवाद का मूल कारण है। यह सोसायटी बिहार के वरिष्ठ कांग्रेस नेता तथा उत्तर प्रदेष के पूर्व राज्यपाल चन्देष्वर प्रसाद नारायण सिंह के चाचा श्री महेष्वर प्रसाद नारायण द्वारा गठित की गयी थी। श्री महेष्वर प्रसाद नारायण 1952-1956 तक बिहार से राज्यसभा के कांग्र्रेस के सांसद थे। श्री महेष्वर प्रसाद नारायण ने तत्समय के राजा श्री आनन्द ब्रह्मषाह से भूमि सोसायटी बनाकर ली थी। वर्ष-1989 में इसी सोसायटी की भूमि का व्यक्तिगत नामों में अन्तरण किया गया था।

सोनभद्र के कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में आयोजित प्रेस-वार्ता के दौरान जनप्रतिनिधिगण, मुख्य सचिव डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय, पुलिस महानिदेषक ओ.पी. सिंह, अपर मुख्य सचिव, सूचना अवनीश कुमार अवस्थी सहित विन्ध्यांचल मण्डल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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