UPCM ने आवास और शहरी नियोजन विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं/कार्यक्रमों का प्रस्तुतिकरण देखा

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने शास्त्री भवन में आयोजित आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं/कार्यक्रमों का प्रस्तुतिकरण देखा। उन्होंने कहा कि आवास एवं शहरी नियोजन विभाग द्वारा लागू की जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं/कार्यक्रमों में तेजी लाई जाए, ताकि इन योजनाओं का लाभ लोगों को जल्दी मिले।
UPCM ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत निर्मित किये जा रहे आवासों के निर्माण की गति को तेज करते हुए निर्धारित लक्ष्य को शीघ्र हासिल करने के निर्देश दिये। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न शहरों में बिल्डरों द्वारा अवैध काॅलोनियों के निर्माण करने और लोगों को आवास देने का प्रलोभन देकर पैसे हड़पने की घटनाओं को गम्भीरता से लेते हुए ऐसे बिल्डरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने आवास निर्माण के लिए सम्बन्धित अथाॅरिटी से नक्शा पास करवाने की प्रक्रिया को शीघ्रता के साथ आॅनलाइन करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने गोमती रिवरफ्रण्ट के लम्बित कार्याें को शीघ्र पूर्ण करने के भी निर्देश दिये।

UPCM को प्रस्तुतिकरण के दौरान प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन नितिन रमेश गोकर्ण ने प्रधानमंत्री आवास योजना के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी देते हुए इसकी प्रगति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि योजना के तहत निर्धारित लक्ष्य को समयबद्धता के साथ हासिल करने के लिए कार्रवाई की जा रही है। इस योजना के तहत समाज के अत्यन्त गरीब व्यक्तियों/लाभार्थियों के पंजीकरण शुल्क को 25,000 रुपये से घटाकर 5,000 रुपये कर दिया गया है।
UPCM को प्रदेश के विभिन्न नगरों में लागू की जा रही मेट्रो रेल परियोजनाओं के विषय में भी अवगत कराया गया। प्रस्तुतिकरण के दौरान लखनऊ मेट्रो रेल के विषय में अवगत कराया गया कि इसकी भौतिक प्रगति 85 प्रतिशत है। कानपुर, आगरा, मेरठ, गोरखपुर, वाराणसी और इलाहाबाद मेट्रो परियोजनाओं की D.P.R. की प्रगति के विषय में भी UPCM को अवगत कराया गया। गाजियाबाद मेट्रो रेल परियोजना के विस्तार के तहत गाजियाबाद नगर में दिलशाद गार्डेन (दिल्ली) से नया बस अड्डा तक निर्माण कार्य की प्रगति के सम्बन्ध में भी उन्हें अवगत कराया गया।
UPCM को प्रस्तुतिकरण के दौरान यूनिफाइट मेट्रोपाॅलिटन ट्रांसपोर्ट अथाॅरिटी के गठन के सम्बन्ध में भी विस्तृत जानकारी दी गयी। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम परियोजना, आॅनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम (O.B.P.S.), अमृत योजना, ईज़ आॅफ डूइंग, एग्रीमेंट फाॅर सेल, शमन नीति-2018, लैण्ड पूलिंग स्कीम, शुल्कों का सरलीकरण, रेरा का गठन, रेरा अपीलेट ट्रिब्यूनल का गठन, वाह्य विकास शुल्क नियमावली में संशोधन, अर्बन सीलिंग, जनहित गारण्टी योजना, नजूल भूमि एवं इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट की भूमि, भू-उपयोग परिवर्तन इत्यादि के विषय में भी उन्हें विस्तार से अवगत कराया गया।
UPCM को वित्तीय वर्ष 2018-19 के दौरान स्वीकृत बजट और रिक्त पदों के सापेक्ष अधियाचन प्रेषण के विषय में भी जानकारी दी गयी।
प्रस्तुतिकरण के दौरान प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।








