UPCM NEWS, लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना हेतु UP समेत छः राज्यों के मध्य M.O.U. हस्ताक्षरित

दिल्ली।
UPCM NEWS, उत्तराखण्ड में यमुना नदी पर प्रस्तावित लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना के क्रियान्वयन हेतु 6 बेसिन राज्यों के मध्य समझौता पत्र पर नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय मीडिया केन्द्र में आयोजित एक कार्यक्रम में हस्ताक्षर किये गये। केन्द्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी ने ऊपरी यमुना बेसिन क्षेत्र में करीब चार हजार करोड़ रुपए की लखवाड़ बांध बहुउद्देशीय परियोजना के लिए UPCM, राजस्थान CM वसुन्धरा राजे, उत्तराखण्ड CM त्रिवेन्द्र सिंह रावत, हरियाणा CM मनोहरलाल, हिमाचल प्रदेश CM जयराम ठाकुर और दिल्ली CM अरविन्द केजरीवाल के साथ समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किये।

इस अवसर पर अपने संबोधन में केन्द्रीय जलसंसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि 6 राज्यों के बीच जिस एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किये गये है, वह सभी के लिए बहुत उपयोगी है। गर्मियों में अब हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली व उत्तर प्रदेश में पीने के पानी की दिक्कत नहीं होगी। उन्होंने बताया कि वर्ष 1976 में इस परियोजना को मंजूरी मिली थी और 30 प्रतिशत काम भी हुआ था, लेकिन राज्यों के मध्य सहमति न बन पाने के कारण काम आगे नहीं बढ़ पाया। उन्होंने बताया कि 4000 करोड़ रुपए की इस परियोजना में 90 प्रतिशत धनराशि केन्द्र सरकार वहन करेगी और 10 प्रतिशत धनराशि संबन्धित राज्य सरकार वहन करेगी।
केन्द्रीय मंत्री गडकरी ने बताया कि गर्मियों में जब यमुना में पानी कम होगा, तब इस बांध का पानी काम आयेगा। दिल्ली में अगले 25 साल तक पीने के पानी की कोई किल्लत नहीं रहेगी। परियोजना से हरियाणा, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश के बडे़ शहरों को भी फायदा होगा। उन्होंने बताया कि नमामि गंगे परियोजना के तहत यमुना नदी के लिए 34 प्रोजेक्ट स्वीकृत किये गये हैं, जिनमें 12 प्रोजेक्ट दिल्ली में हैं। उन्होंने कहा कि परियोजना के पूरे होने पर पानी भी मिलेगा व जल प्रदूषण भी समाप्त होगा। दिल्ली के उक्त प्रोजेक्ट पूरे होने पर राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश में साफ पानी जायेगा व यमुना का जल स्तर शुद्ध व स्वच्छ रहेगा। उन्होंने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर के लिए सभी मुख्यमंत्रियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि इसी तरह लंबित दूसरी परियोजनाओं में भी राज्य सहमति बनायें ताकि परियोजनायें समय से पूरी हों और उनका लाभ राज्यों का मिल सके।

UPCM ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय हित सर्वोपरि है। एक ओर जहां हमारे पास पर्याप्त जल संसाधन हैं दूसरी तरफ एक तिहाई आबादी को पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने परियोजना में सहमति के लिए सभी मुख्यमंत्रियों को बधाई देते हुए कहा कि परियोजना के पूरा हो जाने पर सिंचाई व पेयजल के लिए अतिरिक्त जल उपलब्ध होगा। 42000 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि सिंचित होगी और उत्तर प्रदेश के साथ-साथ हरियाणा, दिल्ली व राजस्थान को पेयजल के लिए अधिक जल मिलेगा। 42 वर्ष पुराने प्रोजेक्ट पर सहमति के लिए उन्होंने केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ-साथ सभी मुख्यमंत्रियों को धन्यवाद दिया।
कार्यक्रम में केन्द्रीय जलसंसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल आदि उपस्थित रहे।








