UPCM ने बस्ती और कन्नौज में फल एवं सब्जी के लिए स्थापित ‘सेंटर आॅफ एक्सीलेंस’ का लोकार्पण किया

उत्तर प्रदेश।
UPCM NEWS, भारत के PM-नरेन्द्र मोदी ने इण्डियन इंस्टीट्यूट आॅफ शुगर रिसर्च में आयोजित त्रिदिवसीय ‘कृषि कुम्भ’ अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन एवं प्रर्दशनी-2018 का वीडियो काॅन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से उद्घाटन किया।

इस अवसर UPCM, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कृष्णा राज, प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, कृषि राज्यमंत्री रणवेन्द्र प्रताप सिंह (धुन्नी सिंह) मौजूद रहे।

UPCM ‘कृषि कुम्भ’ कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ करते हुए
UPCM ‘कृषि कुम्भ’ कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ करते हुए

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है। यह सम्मेलन आने वाले दिनों में कृषि को बेहतर बनाने की दिशा में नये रास्ते खोलेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के 20 प्रतिशत खाद्यान्न का उत्पादन करता है। वर्तमान केन्द्र सरकार कृषकों की सच्ची हितैषी है और किसानों की आय को दोगुना करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसीलिए सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुये खरीफ की फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में अभूतपूर्व वृद्धि की है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हम किसान को आगे नहीं लाते हैं, बल्कि किसान देश को आगे ले जाता है। इसीलिए किसान की खुशहाली में ही देश की समृद्धि छिपी है। उत्तर प्रदेश में हो रहे प्रयास केन्द्र सरकार की उस प्रतिबद्धता का हिस्सा हैं, जिसमें गाँव व किसान हमारे आर्थिक चिन्तन का प्रखर हिस्सा बने हैं।

UPCM केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह को कुम्भ-2019 का लोगो भेंट करते हुए
UPCM केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह को कुम्भ-2019 का लोगो भेंट करते हुए

प्रधानमंत्री ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन को अपनाकर किसानों की आय में बढ़ोत्तरी की जा सकती है। केन्द्र सरकार ने टमाटर, आलू और प्याज के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के टी.ओ.पी. (टाॅप) योजना शुरू की है। इसके लिए इस वर्ष के बजट में 5 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। किसानों की आमदनी में वृद्धि के लिए कृषि के साथ-साथ अन्य सहायक गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। केन्द्र सरकार मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए कार्य कर रही है। मत्स्य पालक समाज के लिए केन्द्रीय मंत्रिमण्डल द्वारा 7 हजार 500 करोड़ रुपए के फण्ड को मंजूरी प्रदान की गयी है।

PM-मोदी ने कहा कि खेती में वैज्ञानिक तरीकों का अभूतपूर्व समावेश किया जा रहा है, बीज से लेकर बाजार तक एक मजबूत व्यवस्था देश में तैयार की जा रही है। देश में किसानों तक कृषि सम्बन्धी नवीनतम जानकारी पहुंचाने में 700 कृषि विज्ञान केन्द्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वाराणसी में अन्तर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान का केन्द्र बनाया जा रहा है। मिट्टी की सेहत से लेकर मण्डियों में सुधार के अनेक कदम उठाये जा रहे हैं। देश भर में 16 करोड़ से अधिक और उत्तर प्रदेश में करीब तीन करोड़ स्वाॅयल हेल्थ कार्ड किसानों को दिये गये हैं। इससे किसानों को अपनी जमीन की सेहत के बारे में जानने के साथ-साथ उनकी जमीन को किस फर्टीलाइजर की कितनी आवश्यकता है, दोनों की जानकारी प्राप्त हो रही है।

UPCM ‘कृषि कुम्भ’ अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन एवं प्रर्दशनी-2018 के उद्घाटन कार्यक्रम में वीडियो काॅन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से
UPCM ‘कृषि कुम्भ’ अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन एवं प्रर्दशनी-2018 के उद्घाटन कार्यक्रम में वीडियो काॅन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से

प्रधानमंत्री ने कहा कि सिंचाई की व्यवस्था को मजबूत करने का काम किया जा रहा है। साथ ही, सिंचाई की नई तकनीक को बढ़ावा दिया जा रहा है। ‘पर ड्राॅप मोर क्राॅप’ के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इजराइल सूक्ष्म सिंचन पद्धति के लिए विश्व विख्यात है। जापान भी कृषि के विकास में नित नये प्रयास कर रहा है। अब इसका लाभ देश और प्रदेश के किसानों को मिलेगा।

PM-मोदी ने कहा कि सिंचाई के लिए पम्प की आवश्यकता होती है। इसके दृष्टिगत सरकार सौर पम्प को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है। आने वाले समय में करीब 28 लाख किसानों को सौर पम्प मुहैया कराये जायेंगे। इन सौर पम्पों के माध्यम से किसानों को विद्युत वितरण कम्पनियों को बिजली बेचने का लाभ भी मिलेगा। इससे कल तक जो किसान अन्न दाता कहलाता था, वह ऊर्जा दाता भी बन जायेगा।

UPCM ‘कृषि कुम्भ’ कार्यक्रम में प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए
UPCM ‘कृषि कुम्भ’ कार्यक्रम में प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए

प्रधानमंत्री ने कहा कि विज्ञान का सीधा लाभ किसानों को मिले यह आज की आवश्यकता है। किसानों की बेहतरी के लिए वैज्ञानिकों को भी किसानों के हितों को ध्यान में रखकर अन्वेषण करना चाहिये। खेत की हर चीज सोना होती है। आवश्यकता है उस जौहरी की जो कचरे को भी कंचन बना सके। इसलिए फसल अवशेष को जलाकर उसे नष्ट करने के स्थान पर उसके अन्य चीजों में उपयोग को बढ़ावा देना आवश्यक है।

UPCM ने अपने सम्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से कृषि कुम्भ का आयोजन किया जा रहा है। किसान कृषि उपज के लिए जागरूक हो सकें एवं कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकें तो निःसंदेह कृषक समृद्ध होगा।

UPCM ‘कृषि कुम्भ’ कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए
UPCM ‘कृषि कुम्भ’ कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए

UPCM ने कहा कि प्रदेश अपनी उर्वरा शक्ति के कारण देश व दुनिया में जाना जाता है। यदि किसान को सही जानकारी उपलब्ध हो जाये तो उत्तर प्रदेश की धरती में इतनी क्षमता है कि पूरी दुनिया के लिए खाद्यान्न का उत्पादन कर सकती है। जरूरत है कि तकनीक को अपनाया जाये। कृषि विज्ञान केन्द्र के माध्यम से कृषकों को काफी लाभ हुआ है। किसानों ने अपने पुरुषार्थ से प्रदेश को समृद्ध बनाने का काम किया है। आज उत्तर प्रदेश दुग्ध, आलू व गन्ना उत्पादन में में पहले स्थान पर आ गया है।

UPCM ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भूमि की उर्वरा शक्ति को मापने के लिए स्वाॅयल हेल्थ कार्ड की व्यवस्था की है। प्रदेश सरकार ने पिछले डेढ़ वर्षाें में रिकाॅर्ड संख्या में किसानों को स्वाॅयल हेल्थ कार्ड जारी किये हैं। साथ ही, सिंचन व्यवस्था को भी बेहतर बनाया गया है। अब तक 01 लाख 98 हजार हेक्टेयर में सिंचाई की व्यवस्था की गई है।

UPCM ‘कृषि कुम्भ’ कार्यक्रम में प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए
UPCM ‘कृषि कुम्भ’ कार्यक्रम में प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए

UPCM ने कहा कि गन्ना किसानों की बेहतरी के लिए राज्य सरकार कृत संकल्पित है। इसके तहत नई चीनी मिलों का संचालन किया जा रहा है। प्रदेश में नवम्बर के प्रथम सप्ताह से गन्ना पेराई सत्र की शुरुआत की जाएगी। आने वाले समय में जब शुगर से एथेनाॅल बनाने का कार्य होगा, तब किसानों की आर्थिक दशा में और सुधार देखने को मिलेगा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से किसानों को काफी लाभ मिल रहा है। केन्द्र सरकार के अथक प्रयासों से किसानों का जीवन समृद्ध हुआ है।

अपने सम्बोधन में केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि वर्तमान में देश को प्रधानमंत्री व UPCM का कुशल नेतृत्व प्राप्त हो रहा है, जिससे विकास को नई गति मिली है। प्रधानमंत्री ने सभी बुनियादी सुविधाओं से आमजन को जोड़ने का काम किया है, जिससे प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में बदलाव देखने को मिल रहा है।

केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए
केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए

UPCM ने इस मौके पर इजराइल के सहयोग से जनपद बस्ती व जनपद कन्नौज में फल एवं सब्जी के लिए क्रमशः स्थापित ‘सेंटर आॅफ एक्सीलेंस’ का लोकार्पण भी किया। साथ ही, उत्तर प्रदेश व जापान के मध्य कृषि निवेश के संबंध में एम.ओ.यू. भी किया गया। इन दोनों देशों के पास कृषि को बढ़ाने के लिए अच्छी तकनीक है। जिसका लाभ प्रदेश के किसानों को मिलेगा। इन प्रयासों से किसानों की आय दोगुनी करने के प्रधानमंत्री के संकल्प को साकार करने में मदद मिलेगी।

UPCM, उत्तर प्रदेश व जापान के मध्य कृषि निवेश के संबंध में एम.ओ.यू. का हस्तांतरण करते हुए
UPCM, उत्तर प्रदेश व जापान के मध्य कृषि निवेश के संबंध में एम.ओ.यू. का हस्तांतरण करते हुए

इस अवसर पर प्रदेश सरकार के मंत्रिगण, बिहार के कृषि मंत्री प्रेम कुमार व उत्तराखण्ड के कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, पार्टनर कन्ट्री इजराइल के राजदूत माया काडोश, पार्टनर कन्ट्री जापान के डिप्टी असिस्टेन्ट मिनिस्टर तकामी नकाडा, मुख्य सचिव डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय, कृषि उत्पादन आयुक्त डाॅ. प्रभात कुमार, प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद, जनप्रतिनिधिगण, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, विनिर्माता और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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