UPCM ने दुग्ध क्षेत्र विषयक राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड के साथ समीक्षा बैठक की

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने शास्त्री भवन में दुग्ध क्षेत्र विषयक राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड के अध्यक्ष के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने दुग्ध क्षेत्र विषयक राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड के संबंध में प्रस्तुतिकरण के दौरान अधिकारियों को भी सम्बोधित किया।
UPCM ने कहा प्रदेश में दुग्ध उत्पादन की पर्याप्त सम्भावनाएं हैं। सभी राजस्व ग्रामों में दुग्ध समितियों के गठन के बाद दुग्ध उत्पादन तेजी से बढ़ सकेगा। उन्होंने कहा दुग्ध उत्पादकों और उपभोक्ताओं के हितों का संरक्षण राज्य सरकार की प्राथमिकता है। राज्य सरकार द्वारा लागू की गई दुग्ध नीति, 2018 का उद्देश्य है कि उत्पादकों की आय में वृद्धि हो, उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर विविध प्रसंस्कृत दुग्ध एवं दुग्ध उत्पाद सुलभ हो।

UPCM ने कहा महिला स्वयंसेवी समूहों को दुग्ध समितियों के साथ जोड़ा जाए। दुग्ध उत्पादन के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के साथ-साथ इस क्षेत्र में प्रोत्साहन दिए जाने की व्यवस्था की जाए। राज्य सरकार अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्नत किस्म के गोवंश को बढ़ावा दिया जाए। इसके लिए पशुपालन विभाग व दुग्ध विभाग को मिलकर काम करना होगा।
UPCM ने कहा पशु चिकित्सक गांवों में प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाएं, जिससे पशुपालक इसका लाभ ले सकें। राज्य सरकार द्वारा सितम्बर, 2018 में पशु आरोग्य मेला शुरू किया जा रहा है। माह सितम्बर के प्रत्येक रविवार को यह मेला सभी विकास खण्डों में आयोजित किया जाएगा। पशु आरोग्य मेले का शुभारम्भ जनप्रतिनिधियों द्वारा कराया जाए।

UPCM ने कहा प्रत्येक जिले में डेयरी की स्थापना के लिए कार्यवाही करने के साथ ही दुग्ध उत्पाद बढ़ाने के लिए पशुपालन को प्रोत्साहित किया जाए। पशुपालन के लिए ऋण लेने वाले लोगों को भारत सरकार की मुद्रा योजना से भी जोड़ा जाए। प्रदेश में दुग्ध उद्योगों के विकास के लिए गुणवत्तापरक अवस्थापना सुविधाओं का होना जरूरी है। दुग्ध उद्योग में पूंजी निवेश को आकर्षित कर सामाजिक व आर्थिक ढांचे को मजबूत बनाना चाहिए।
बैठक में अपर मुख्य सचिव पर्यटन अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल, दुग्ध क्षेत्र विषयक राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे








