लखनऊ (17 जून, 2019)।
UPCM योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन में 15 अगस्त, 2019 को 22 करोड़ वृक्षारोपण अभियान (वृक्ष महाकुम्भ) के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक की।
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त, 2019 को 22 करोड़ वृक्षारोपण (वृक्ष महाकुम्भ) के लक्ष्य को सफल बनाने के लिए समयबद्ध ढंग से तैयारी किए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी प्रदेश के किसानों को 05 से 10 पौधों के वितरण किए जाने की तैयारी की जाए। 10 अगस्त, 2019 तक पौधरोपण के लिए गड्ढे, खुदाई का कार्य पूर्ण कर लिया जाए। ‘वृक्ष महाकुम्भ’ के लिए रणनीति बनाते हुए ग्राम पंचायतों, शहरी क्षेत्रों, रोपण क्षमता, वृक्षों की प्रजातियों, स्थलों, लाभार्थियों को चिन्हित कर लिया जाए। लक्ष्यों के आवंटन के अनुसार कार्यों के अनुश्रवण भी सुनिश्चित कर लिया जाए। साथ ही, जियो टैगिंग भी की जाए। उन्होंने कहा है कि स्वतंत्रता दिवस के दिन 22 करोड़ पौधरोपण अभियान के सम्बन्ध में व्यापक जनजागरूकता और जनसहभागिता सुनिश्चित की जाए।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसानों को प्राथमिकता के साथ इस अभियान से जोड़ा जाए। इनके अलावा, स्वच्छ भारत मिशन के तहत निर्मित शौचालयों के लाभार्थी परिवारों, प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को भी ‘वृक्ष महाकुम्भ अभियान’ में सम्मिलित किया जाए। उन्हें पौधे उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण अभियान में किसानों, नौजवानों, व्यापारियों, स्वयंसेवी संगठनों, जनप्रतिनिधियों, स्थानीय निवासियों, राजकीय विभागों व सामाजिक संस्थाओं को जोड़़ते हुए उनकी सहभागिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पंचवटी, नक्षत्र वाटिका, नवग्रह वाटिका आदि की भी स्थापना किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण अभियान के वृहद प्रचार-प्रसार हेतु प्रिण्ट एवं इलेक्ट्राॅनिक मीडिया, सोशल मीडिया और अन्य विभागों का सहयोग लिया जाए। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण अभियान, पर्यावरण एवं जल संरक्षण के लिए आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने गंगा जी के तटवर्ती क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण और तालाब खुदवाए जाने की व्यवस्था किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस का वृक्षारोपण अभियान एक मिशन और आन्दोलन के रूप में चलाया जाए। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार अन्य नदियों के तटवर्ती क्षेत्रों, सड़कों के दोनों किनारों पर भी वृक्षारोपण अभियान की व्यापक कार्य योजना बनायी जाए। उन्होंने कहा कि शहरों की सड़कों के किनारे भी वृक्षारोपण की व्यवस्था की जाए। वृक्षारोपण अभियान में पीपल, नीम, इमली, जामुन, अर्जुन, पाकड़, सागौन, शीशम, बरगद आदि प्रजातियों के वृक्षों को प्रमुखता से शामिल किया जाए। इस कार्य के लिए नगर निकायों का सहयोग लिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन विभाग के अधिकारियों को विभागीय लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करना होगा। साथ ही, प्रदेश के अन्य 23 विभागों द्वारा किए जा रहे वृक्ष महाकुम्भ हेतु समन्वय एवं तकनीकी जानकारी देते हुए उनका मार्गदर्शन करना होगा। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण अभियान में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारी एवं डी.एफ.ओ. को भी इनके सम्बन्ध में सूचनाओं से अवगत कराने की कार्यवाही की जाए। महात्मा गांधी की 150वीं जयन्ती वर्ष के अवसर पर इस वर्ष स्वाधीनता दिवस 15 अगस्त को प्रत्येक जनपद में ‘गांधी उपवन’ की भी स्थापना की जाएगी। इसके तहत प्रत्येक जनपद में 10 हजार पौधों का रोपण का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि जो पौधे लगाए जाएं, उनकी पूरी देखभाल व सुरक्षा हो। उन्होंने विगत वर्षों में लगाए गए पौधों के संरक्षण को भी सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले विशेषकर कुपोषित महिलाओं और बच्चों के सन्दर्भ में सहजन का पौधा लगाए जाने की आवश्यकता जतायी।
मुख्यमंत्री को वन विभाग के अधिकारियों ने ‘वृक्ष महाकुम्भ’ के सम्बन्ध में प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि अन्तर्विभागीय समन्वय, जनसहभागिता एवं समाज के विभिन्न वर्गों के एकजुट प्रयासों से किए जाने वाले वृक्षारोपण के लिए विभागवार लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। वृक्षारोपण अभियान के लिए वन, निजी, सामुदायिक, कृषि, शिक्षण संस्थाओं, रेल, रोड, नहर, राजकीय, गौवंश शेल्टर, नदियों के कैचमेण्ट आदि की भूमि का चिन्हीकरण किया गया है। पौधों की आपूर्ति की तैयारी विभिन्न स्रोतों की पौधशालाओं से की गई है। उन्होंने कहा कि 26 करोड़ पौधों को उगाने की व्यवस्था की गई है। 521 नई पौधशालाओं की स्थापना भी की जा चुकी है। 15 अगस्त, 2019 को किए जाने वाले वृक्षारोपण कार्यक्रम के लिए वन विभाग का लक्ष्य 6.53 करोड़ तथा अन्य विभागों का 15.47 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस अवसर पर वन एवं पर्यावरण मंत्री दारा सिंह चौहान, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री उपेन्द्र तिवारी, अपर मुख्य सचिव नियोजन दीपक त्रिवेदी, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव कुमार मित्तल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल, प्रमुख सचिव वन कल्पना अवस्थी, प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।