प्रधानमंत्री द्वारा विगत 10 वर्षों में काशी के विकास के लिए 45 हजार करोड़ रु0 की परियोजनाएं दी गयीं

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि काशी को नित्य नूतन बनाने का अभियान लगातार जारी है। यहां 13 हजार करोड़ रुपए से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया है। यह प्रोजेक्ट, काशी के साथ ही, पूर्वी भारत के विकास को गति देंगे। इनमें रेल, रोड, एयरपोर्ट, पशुपालन, उद्योग, स्पोर्ट्स, कौशल विकास, स्वास्थ्य, स्वच्छता, अध्यात्म, पर्यटन, एल0पी0जी0 गैस सहित अनेक क्षेत्रों से जुड़े कार्य हैं। इससे बनारस सहित पूरे पूर्वांचल के लिए नौकरी के बहुत सारे नए अवसर बनेंगे। आज संत रविदास जी की जन्मस्थली से जुड़े अनेक प्रोजेक्ट्स का भी लोकार्पण हुआ है।
प्रधानमंत्री ने  जनपद वाराणसी भ्रमण के अवसर पर करखियांव में आयोजित विशाल जनसभा में 13202.07 करोड़ रुपये की 36 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें 11007 करोड़ रुपये की 24 परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 2195.07 करोड़ रुपये की 12 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी सम्मिलित हुए। इससे पूर्व, प्रधानमंत्री जी ने काशी रोप-वे का निरीक्षण करते समय वर्चुअल रियलिटी हेड सेट का उपयोग किया। उन्होंने पूर्ण हो चुके अमूल बनास डेयरी प्लाण्ट का निरीक्षण भी किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ महीने पहले जब वह बनारस आये थे, तो उन्होंने फुलवरिया फ्लाईओवर का लोकार्पण किया था। यह फ्लाईओवर यहां के लिये वरदान बना है। पहले बी0एच0यू0 से बाबतपुर जाने में जगह-जगह जाम मिलता था। जितना समय फ्लाइट से दिल्ली जाने में नहीं लगता था, उससे ज्यादा फ्लाइट पकड़ने में लग जाता था। लेकिन एक फ्लाईओवर ने यह समय आधा कर दिया है। इसी प्रकार विगत 10 वर्षों में बनारस के विकास की स्पीड भी कई गुना बढ़ी है। यहां सिगरा स्टेडियम के पहले चरण के कार्यों का लोकार्पण भी किया गया है। बनारस के युवा खिलाड़ियों के लिए आधुनिक शूटिंग रेंज का भी लोकार्पण किया गया है। इनसे बनारस और इस क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों को बहुत मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें बनास डेयरी प्लाण्ट में अनेक पशुपालक बहनों से बातचीत करने का मौका मिला है। किसान परिवारों की इन बहनों को 02-03 वर्ष पहले हमने स्वदेशी नस्ल की गीर गाय दी थीं। मकसद यह था कि पूर्वांचल में बेहतर नस्ल की स्वदेशी गायों को लेकर जानकारी और बढ़े तथा किसान और पशुपालकों को इससे फायदा हो। वर्तमान में यहां गीर गायों की संख्या 350 के करीब पहुंच चुकी है। संवाद के दौरान हमारी बहनों ने यह भी बताया कि पहले जहां सामान्य गाय से 05 लीटर दूध मिलता था, वहीं गीर गाय 15 लीटर तक दूध देती है। इससे इन बहनों को हर महीने हजारों रुपयों की अतिरिक्त आमदनी हो रही है। इससे हमारी यह बहनें लखपति दीदी भी बन रही हैं। यह स्वयं सहायता समूह से जुड़ी देश की 10 करोड़ बहनों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बनास डेयरी प्लांट का शिलान्यास उन्होंने 02 वर्ष पहले किया था। तब उन्होंने वाराणसी सहित पूर्वांचल के तमाम पशुपालकों और गोपालकों को इस प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करने की गारण्टी दी थी। आज मोदी की गारंटी आपके सामने है। इसलिए लोग कहते हैं कि मोदी की गारण्टी यानी गारण्टी पूरा होने की गारण्टी। सही निवेश से रोजगार के अवसर कैसे पैदा होते हैं, बनास डेयरी इसका उत्तम उदाहरण है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अभी बनास डेयरी वाराणसी, मिर्जापुर, गाजीपुर, रायबरेली जनपदों के पशुपालकों से लगभग 02 लाख लीटर दूध इकट्ठा कर रही है। इस प्लाण्ट के चालू होने से अब बलिया, चंदौली, प्रयागराज, जौनपुर और दूसरे जनपदों के लाखों पशुपालकों को भी लाभ होगा। इस परियोजना से वाराणसी, जौनपुर, चंदौली, गाजीपुर, आजमगढ़ जनपदों के 1000 से ज्यादा गांवों में दुग्ध मण्डियां बनेंगी। पशुपालकों का ज्यादा दूध, ज्यादा कीमत पर बिकेगा, तो हर किसान-पशुपालक परिवार को ज्यादा कमाई होगी। यह प्लाण्ट किसानों-पशुपालकों को बेहतर पशुओं की नस्ल और बेहतर चारे को लेकर भी जागरूक और प्रशिक्षित करेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बनास काशी संकुल रोजगार के हजारों नए अवसर भी बनाएगा। एक अनुमान है कि इस संकुल से पूरे इलाके में 03 लाख से ज्यादा किसानों की आय बढ़ेगी। यहां दूध के अलावा, छाछ, दही, लस्सी, आइसक्रीम, पनीर और अनेक प्रकार की स्थानीय मिठाइयां बनेंगी। यह प्लाण्ट बनारस की प्रसिद्ध मिठाइयों को देश के कोने-कोने तक पहुंचाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा। दूध के ट्रांसपोर्टेशन से जुड़े कारोबार में भी अनेक लोगों को रोजगार मिलेगा। इससे पशु आहार से जुड़े दुकानदारों तथा स्थानीय वितरकों का दायरा भी बढ़ेगा। इसमें भी अनेक रोजगार बनेंगे।
प्रधानमंत्री ने बनास डेयरी के वरिष्ठ अधिकारियों से दूध का पैसा सीधे बहनों के अकाउंट में डिजिटल तरीके से भेजने का आग्रह करते हुए कहा कि इसके शानदार परिणाम आते हैं। पशुपालन एक ऐसा सेक्टर है, जिसमें सबसे अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। यह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का बहुत बड़ा माध्यम है। पशुपालन छोटे किसानों और भूमिहीन परिवारों का भी बहुत बड़ा सहारा है। इसलिए डबल इंजन सरकार पशुपालन और डेयरी सेक्टर को इतना बढ़ावा दे रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार अन्नदाता को ऊर्जादाता बनाने के साथ ही, अब अन्नदाता को उर्वरक दाता बनाने के लिए भी काम कर रही है। हम पशुपालकों को दूध के अलावा गोबर से भी कमाई के अवसर दे रहे हैं। हमारे डेयरी प्लाण्ट में गोबर से बायो-सी0एन0जी0 बनाने और इस प्रक्रिया में जो जैविक खाद है, वह कम दाम पर किसानों को मिले, इस पर कार्य हो रहा है। इससे प्राकृतिक खेती को और बल मिलेगा। वर्तमान में गंगा जी के किनारे प्राकृतिक खेती करने का चलन बढ़ रहा है। आज गोबरधन योजना के तहत, गोबर तथा दूसरे कचरे से बायोगैस, बायो सी0एन0जी0 बनाई जा रही है। इससे साफ-सफाई भी रहती है और कचरे का पैसा भी मिलता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी कचरे से कंचन बनाने के मामले में एक मॉडल के रूप में देश में सामने आ रही है। आज ऐसे एक और प्लाण्ट का लोकार्पण यहां हुआ है। यह प्लाण्ट प्रतिदिन शहर से निकलने वाले 600 टन कचरे को 200 टन चारकोल में बदलेगा। काशी में सीवरेज की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अनेक काम हुए हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि किसान और पशुपालक हमेशा से हमारी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता रहे हैं। दो दिन पहले ही सरकार ने गन्ने के न्यूनतम मूल्य को बढ़ाकर 340 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया है। पशुपालकों के हित को ध्यान में रखते हुए पशुधन बीमा कार्यक्रम को भी और आसान किया गया है। हमारी सरकार में किसानां के बकाये का भुगतान तो हो ही रहा है, फसलों के दाम भी बढ़ाए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का निर्माण आत्मनिर्भर भारत के बल पर होगा। अपनी जरूरत का हर सामान बाहर से आयात करने से विकसित भारत नहीं बन सकता। आत्मनिर्भर भारत तभी होगा, जब देश की हर छोटी-छोटी शक्ति को जगाया जाए तथा जब छोटे किसानों, पशुपालकों, कारीगरों, शिल्पकारों, लघु उद्यमियों को मदद दी जाए। इसके लिए उन्होंने वोकल फॉर लोकल का आह्वान किया है। यह उन बुनकरों, छोटे उद्यमियों का प्रचार है, जो लाखों रुपए खर्च करके अखबारों और टी0वी0 पर विज्ञापन नहीं दे सकते। स्थानीय उत्पाद बनाने वाले ऐसे हर साथी का प्रचार मोदी खुद करता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के हर छोटे किसान, हर छोटे उद्यमी का एम्बेसडर आज मोदी है। जब वह खादी खरीदने और पहनने का आग्रह करते हैं तो गांव-गांव में खादी से जुड़ी बहनों, दलित, पिछड़ों के श्रम को बाजार से जोड़ते हैं। जब वह देश में बने खिलौने खरीदने की बात करते हैं, तो इससे पीढ़ियों से खिलौने बनाने वाले परिवारों का जीवन सुधरता है। जब वह मेक इन इंडिया कहते हैं, तो वह इन छोटे और कुटीर उद्योगों, हमारे एम0एस0एम0ई0 के सामर्थ्य को नई बुलंदी देने का प्रयास करते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब वह ‘देखो अपना देश’ की बात करते हैं, तो अपने ही देश में टूरिज्म को बढ़ावा देते हैं। इससे स्थानीय लोगों का रोजगार-स्वरोजगार कैसे बढ़ता है, यह हम काशी में अनुभव कर रहे हैं। जब से श्री काशी विश्वनाथ धाम का पुनर्निर्माण हुआ है, तब से 12 करोड़ से अधिक लोग काशी आ चुके हैं। इससे यहां के दुकानदार, ढाबे वाले, रेहड़ी-ठेले वाले, रिक्शे वाले, फूल वाले, नाव वाले सबका रोजगार बढ़ा है। आज एक और नई शुरुआत हुई है। आज काशी और अयोध्या के लिए छोटे-छोटे इलेक्ट्रिक जहाज की योजना शुरू हुई है। इससे काशी और अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं का अनुभव और भी बेहतर होने वाला है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि परिवारवाद, भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण ने उत्तर प्रदेश को विकास में पीछे रखा। पहले की सरकारों ने उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य बनाया, यहां के नौजवानों से उनका भविष्य छीना। लेकिन आज उत्तर प्रदेश बदल रहा है। यहां के नौजवान अपना नया भविष्य लिख रहे हैं। काशी सहित उत्तर प्रदेश का नौजवान विकसित उत्तर प्रदेश बनाने में जुटा है और अपना समृद्ध भविष्य लिखने के लिए परिश्रम की पराकाष्ठा कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मोदी की गारंटी है- हर लाभार्थी को शत-प्रतिशत लाभ। मोदी की गारण्टी पर अगर देश और दुनिया को इतना भरोसा है, तो इसके पीछे आपका अपनापन और बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद है। मोदी लाभार्थियों के सैचुरेशन की गारण्टी दे रहा है। मोदी का तीसरा कार्यकाल पूरी दुनिया में भारत के सामर्थ्य का सबसे प्रखर कालखण्ड होने वाला है। इसमें भारत का आर्थिक, सामाजिक, सामरिक, सांस्कृतिक हर क्षेत्र नई बुलंदी पर होगा। बीते 10 वर्षों में भारत 11वें नंबर से ऊपर उठकर 5वें नंबर की आर्थिक ताकत बना है। आने वाले 05 वर्षों में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते 10 वर्षों में देश में सब कुछ डिजिटल हो गया है। आज चारों तरफ 04 लेन, 06 लेन, 08 लेन की सड़कें दिख रही हैं। रेलवे स्टेशन आधुनिक हो रहे हैं। वंदे भारत, अमृत भारत, नमो भारत जैसी तेज और आधुनिक ट्रेनें चल रही हैं। यही नया भारत है। आने वाले 05 वर्षों में ऐसे विकास कार्यों में और तेजी होने वाली है, देश का कायाकल्प होने वाला है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मोदी ने गारंटी दी है कि जिस पूर्वी भारत को विकास से वंचित रखा गया, उसे विकसित भारत का ग्रोथ इंजन बनाएंगे। वाराणसी से औरंगाबाद के 06 लेन हाईवे का पहला फेज़ पूरा हुआ है। आने वाले 05 वर्षों में यह पूरा होगा तो उत्तर प्रदेश और बिहार को बहुत फायदा होगा। वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेस-वे से बिहार, झारखण्ड और पश्चिम बंगाल की दूरी और सिमटने वाली है। भविष्य में बनारस से कोलकाता के सफर का समय करीब-करीब आधा होने जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले 05 वर्षों में काशी सहित उत्तर प्रदेश के विकास में नए आयाम जुड़ेंगे। तब काशी रोप-वे जैसे आधुनिक यातायात से सफर करेगी। एयरपोर्ट की क्षमता कई गुना अधिक होगी। काशी उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश की भी एक महत्वपूर्ण खेल नगरी बनेगी। आने वाले 05 वर्षों में उनकी काशी मेड इन इंडिया तथा आत्मनिर्भर भारत अभियान को और गति देगी। आने वाले 05 वर्षों में निवेश और नौकरी, कौशल और रोजगार के हब के रूप में काशी की भूमिका और सशक्त होगी। आने वाले 05 वर्षों में काशी का नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी परिसर तैयार हो जाएगा। इससे उत्तर प्रदेश के नौजवानों के लिए स्किल और रोजगार के अनेक अवसर मिलेंगे। इससे बुनकरों तथा कारीगरों को भी नई टेक्नॉलॉजी और नई स्किल देना सरल होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते दशक में काशी को हमने हेल्थ और एजुकेशन के हब के रूप में एक नई पहचान दी है। अब एक नया मेडिकल कॉलेज भी इसमें जुड़ने वाला है। काशी में अस्पतालों से निकले बायो कचरे को निपटाने के लिए नई सुविधा भी जल्द तैयार होने वाली है। काशी, उत्तर प्रदेश तथा देश के तेज विकास को अब थमने नहीं देना है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम के इंतजार में अनेक पीढ़ियां बीत गयी, कई युग समाप्त हो गये। प्रधानमंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन में सभी भक्तों और श्रद्धालुओं का इंतजार समाप्त हुआ है। पांच सदी के बाद अयोध्या में भव्य मंदिर में प्रभु श्रीरामलला की दिव्य और भव्य मूर्ति को विराजमान करने के उपरान्त प्रधानमंत्री का काशी आगमन हुआ है। अयोध्याधाम में प्रभु श्रीरामलला का विराजमान होना हर सनातन धर्मावलम्बी और भारतवासी को अभिभूत करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने विगत 10 वर्षों में काशी के विकास के लिए हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाएं दीं हैं। इन परियोजनाओं ने काशी को नये कलेवर में प्रस्तुत कर वैश्विक मानचित्र पर स्थापित किया है। आज प्रधानमंत्री जी एक बार पुनः हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं के साथ आए हैं। बनास डेयरी 650 करोड़ रुपये की लागत से बनी है। यह हमारे किसानों तथा पशुपालकों के लिये आधुनिक तीर्थ जैसी है। यह डेयरी आमदनी बढ़ाने के साथ ही, भारत की श्रद्धा को सम्मानित करने और उसका संरक्षण करने का नया केन्द्र बनी है। मुख्यमंत्री ने बनास डेयरी की स्थापना के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में रुचि लेने के लिये बनास डेयरी के चेयरमैन शंकर भाई चौधरी को भी धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में शंकर भाई चौधरी ने हमारे पशुपालकों की समृद्धि के लिये कार्य प्रारम्भ किया। उनके कार्य से गोमाता की रक्षा भी होगी और इसका पुण्य व आशीर्वाद भी हमें प्राप्त होगा। आज प्रधानमंत्री द्वारा काशी में जीवन के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी लगभग 12 हजार से 14 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात दी जा रही है। प्रधानमंत्री के कर-कमलों से काशी में एक नये मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास किया जा रहा है। विगत 10 वर्षों में प्रधानमंत्री जी द्वारा काशी के विकास के लिए 45 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं दी गयी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश को एक नई दृष्टि तथा नई पहचान दी है। सभी भारतवासी एक नये भारत का दर्शन कर रहे हैं। यह नया भारत वैश्विक मंच पर अपने नागरिकों को सम्मान देता है। अपने नागरिकों को सुरक्षा भी प्रदान करता है और उनकी समृद्धि का मार्ग भी प्रशस्त करता है। यह नया भारत अपने नागरिकों की आस्था और आजीविका का पूरा ध्यान रखता है। प्रधानमंत्री भारत को नई दिशा तथा नेतृत्व देने वाले युग पुरुष हैं। उन्होंने नये भारत के नये शिल्पी के रूप में विकसित भारत के संकल्प के साथ सभी भारतवासियों को जोड़ा है।
ज्ञातव्य है कि आज लोकार्पित होने वाली परियोजनाओं में 3191 करोड़ रुपये की लागत से राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-233 घाघरा ब्रिज-वाराणसी खण्ड के पैकेज-2 के 04 लेन चौड़ीकरण का कार्य, 2935 करोड़ रुपये की लागत से राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-56 सुलतानपुर-वाराणसी खण्ड के पैकेज-1 के 04 लेन चौड़ीकरण का कार्य, 2143 करोड़ रुपये की लागत से राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-19 के वाराणसी-कर्मनाशा सेतु खण्ड के मध्य 06 लेन चौड़ीकरण कार्य, 1248 करोड़ रुपये की लागत से राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-35 वाराणसी-हनुमना खण्ड के पैकेज-1 के 04 लेन चौड़ीकरण का कार्य, 622 करोड़ रुपये की लागत से बनास काशी संकुल, औद्योगिक क्षेत्र करखियांव में मेसर्स बनासकांठा जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लि0 की दुग्ध प्रसंस्करण इकाई, 214.37 करोड़ रुपये की लागत से हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लि0 के एल0पी0जी0 बॉटलिंग प्लाण्ट का निर्माण कार्य, 200 करोड़ रुपये की लागत से एन0टी0पी0सी0 लि0 द्वारा 600 टी0पी0डी0 अपशिष्ट से चारकोल बनाने हेतु वाराणसी हरित कोयला संयंत्र सहित संत रविदास मंदिर सीर गोवर्धनपुर के निकट आध्यात्मिक पर्यटन विकास कार्य, वाराणसी एवं अयोध्या में भारतीय अन्तर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण द्वारा दिए गए इलेक्ट्रिक कैटामेरान नौकाओं का शुभारम्भ, वाराणसी में जिला शूटिंग रेंज का निर्माण कार्य तथा सिगरा खेल स्टेडियम फेज-1 का निर्माण कार्य शामिल है।
शिलान्यास की गयीं प्रमुख परियोजनाओं में 1317 करोड़ रुपये की लागत से भारतमाला परियोजना के अन्तर्गत वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेस-वे पैकेज-1 के 06 लेन एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य, 432.75 करोड़ रुपये की लागत से वाराणसी के बड़ा लालपुर में नेशनल इन्स्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी के नये परिसर की स्थापना का कार्य, 150 करोड़ रुपये की लागत से पाण्डेयपुर में मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य, 147.39 करोड़ रुपये की लागत से काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में नेशनल सेण्टर ऑफ एजिंग का निर्माण कार्य, 62.54 करोड़ रुपये की लागत से सीर गोवर्धनपुर में संत रविदास पार्क एवं संग्रहालय का निर्माण कार्य सहित वाराणसी के रमना में परमाणु ऊर्जा विभाग के कॉमन बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण फैसिलिटी का निर्माण कार्य शामिल है।
इस अवसर पर केन्द्रीय भारी उद्योग मंत्री महेन्द्र नाथ पाण्डेय, विधान परिषद सदस्य भूपेन्द्र सिंह चौधरी, प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चन्द्र यादव, स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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