UPCM के समक्ष सहकारिता विभाग का प्रस्तुतिकरण किया गया

लखनऊ (08 जून, 2019)।
UPCM
ने अपने सरकारी आवास पर आयोजित सहकारिता विभाग के प्रस्तुतिकरण के दौरान निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सहकारिता कार्य से जुड़े लोगों को प्रशिक्षित किया जाए। उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा हो। ऑडिट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि भण्डारण क्षमता में वृद्धि के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित कर निर्णय प्रक्रिया में तेजी लायी जाए। सहकारी समितियों द्वारा किसानों को सुविधाएं प्रत्येक दशा में प्राथमिकता व पारदर्शिता के साथ उपलब्ध करायी जाएं। उन्होंने किसानों की सुविधाओं को दृष्टिगत रखते हुए आवश्यकतानुसार भण्डारण क्षमता में वृद्धि करते हुए कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था सुनिश्चित कराए जाने के निर्देश दिए।

UPCM ने कहा है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि एवं अन्य क्षेत्रों में सहकारिता की भूमिका महत्वपूर्ण है। सहकारिता के माध्यम से इन क्षेत्रों को सुदृढ़ किया जा सकता है। इसके दृष्टिगत सहकारिता विभाग और इससे जुड़े लोगों को नए मिशन और कार्य योजना के साथ कार्य करना होगा। उन्हांेने कहा कि कोऑपरेटिव बैंकों में नियुक्ति की प्रक्रिया पारदर्शिता और योग्यता के आधार पर की जाए। एन.पी.ए. के कारणों को देखते हुए ऐसे उपाय तलाशे जाएं, जिससे एन.पी.ए. का प्रतिशत घटे। एन.पी.ए. और ऋण वसूली न होने की स्थिति में लोगों की जवाबदेही तय हो और उन पर कार्रवाई की जाए।

UPCM अपने सरकारी आवास पर आयोजित सहकारिता विभाग के प्रस्तुतिकरण के दौरान निर्देश देते हुए
UPCM अपने सरकारी आवास पर आयोजित सहकारिता विभाग के प्रस्तुतिकरण के दौरान निर्देश देते हुए

UPCM ने कहा कि किसानों की उपज की खरीद की व्यवस्था का क्रियान्वयन पारदर्शिता के साथ कराकर उन्हें लाभान्वित कराने के हर सम्भव प्रयास सुनिश्चित किए जाएं। साथ ही, उन्होंने कृषि उपज, बीज, उर्वरक, कृषि यंत्रों आदि के भण्डारण एवं परिवहन की आवश्यक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित कराए जाने के निर्देश दिए।

UPCM ने सहकारी बैंकों एवं सहकारी ढांचे को सुदृढ़ीकृत किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गोदाम क्षमता में वृद्धि के साथ-साथ गोदाम भवनों की मरम्मत का कार्य सुनिश्चित हो। जिला सहकारी बैंकों का कम्प्यूटरीकरण प्राथमिकता के आधार पर हो। उ.प्र. राज्य निर्माण सहकारी संघ लि. के अन्तर्गत बनाए जा रहे गौसंरक्षण केन्द्रों के निर्माण कार्यों में तेजी लायी जाए।

UPCM ने कृषि क्षेत्र में ऋण वितरण, मूल्य समर्थन योजना, कृषि निवेश योजना, भण्डारण, उ.प्र. राज्य निर्माण सहकारी संघ, उ.प्र. राज्य निर्माण एवं श्रम सहकारी संघ, उ.प्र. सहकारी ग्राम विकास बैंक लि., उ.प्र. कोऑपरेटिव फेडरेशन लि., उ.प्र. कोऑपरेटिव यूनियन, उ.प्र. राज्य भण्डारण निगम, उ.प्र. उपभोक्ता सहकारी संघ लि. आदि के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इस अवसर पर सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा, मुख्य सचिव डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय, प्रमुख सचिव सहकारिता एम.वी.एस. रामी रेड्डी, प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद निवेदिता शुक्ला वर्मा, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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