Lucknow Mail : लखनऊ मेल का फिर से आनंद ले सकेंगे रेल यात्री, नई सुविधाओं से लैस

100 वर्षों से ज्यादा पुरानी है लखनऊ मेल के सफर की कहानी

जैसा की हम सभी जानते हैं कि गाड़ी संख्या 12229/30 लखनऊ मेल के इस सफर की शुरुआत उत्तर रेलवे, लखनऊ मण्डल के चारबारा स्टेशन (बड़ी लाइन) से ही हुई थी एवं एक लंबे अंतराल तक इस गाड़ी का संचालन उत्तर रेलवे, लखनऊ मण्डल द्वारा किया जाता रहा। बाद में अभी कुछ समय पूर्व इस गाड़ी का संचालन पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ जंक्शन द्वारा किया जाने लगा। वास्तविक रूप से देखा जाए तो उत्तर रेलवे, लखनऊ मण्डल एवं लखनऊ मेल का आपस में एक अटूट रिश्ता रहा है एवं दोनों एक दूसरे के पूरक हैं और इस गाड़ी से यात्रा करने वाले यात्रियों का इस गाड़ी एवं उत्तर रेलवे चारबाग स्टेशन से एक भावनात्मक जुड़ाव रहा है।

14 नवंबर 2018 को इस गाड़ी का संचालन अंतिम बार उत्तर रेलवे लखनऊ द्वारा किया गया..उसके उपरांत अब पुनः आगामी 15.08.24 से इस गाड़ी को उत्तर रेलवे, लखनऊ मण्डल द्वारा संचालित किया जाएगा एवं इससे यात्रियों को पुनः उसी भावनात्मक जुड़ाव का आनंद प्राप्त हो सकेगा। यात्रियों स्टेशन के सन 1955 तक लखनऊ एक्सप्रेस (303/304) के नाम से चली इस ट्रेन का नंबर 1956 में बदलकर (29/30) हो गया।

सन 1964 में इसका नाम लखनऊ मेल और नंबर (4229/4230) हो गया। सन 2005 में सुपरफास्ट का दर्जा मिलते ही लखनऊ मेल का नया नंबर (12229/12230) हुआ। 26 अक्टूबर 2016 को इस गाड़ी के पुराने कोच हटाकर जर्मन तकनीक वाले एलएचबी कोच लगाए गए। उल्लेखनीय है कि भोपाल एक्सप्रेस के बाद आइ.एस.ओ. 9000 प्रमाणन वाली यह देश की दूसरी ट्रेन बनी।

गाडी संख्या 12229/30 लखनऊ मेल को लखनऊ मण्डल के चारबाग स्टेशन से संचालित करने के लाभ

1. गाड़ी के शंटिंग संचालन में आसानी रहेगी, क्योंकि गाड़ी का प्राथमिक रखरखाव उत्तर रेलवे, लखनऊ में किया जाता था, किन्तु इसके प्रस्थान से पहले और आगमन के बाद पूर्वोत्तर रेलवे, लखनऊ जंक्शन तक शंट किया जाता था, जिसके परिणामस्वरूप उत्तर रेलवे के रेलपथ क्षेत्र में पथ पर कब्जा हो जाता था, जो पहले से ही काफी भीड़भाड़ वाला है।

2. उत्तर रेलवे के प्लेटफार्म से संचालित होने पर इस गाड़ी में ईंधन भरने का कार्य जल्दी हो जाएगा जिससे गाड़ी को अधिक देर तक प्लेटफॉर्म पर रोकने की आवश्यकता नहीं होगी।

3. इस गाड़ी को उत्तर रेलवे से चलाने पर स्टाफ, शंटिंग लोकोमोटिव ईंधन और समय की बचत होगी।

4. लखनऊ से नई दिल्ली की सबसे लोकप्रिय यात्री गाड़ी होने के कारण मण्डल के रेल राजस्व और यात्री यातायात में अपेक्षित वृद्धि होगी।

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