स्वस्थ जीवन जीने के लिए आयुर्वेदिक जीवन शैली को अपनाना जरूरी : संयुक्ता भाटिया

क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, लखनऊ में “आज़ादी का अमृत महोत्सव” कार्यक्रम के अंतर्गत कोरोना महामारी से बचाव हेतु रोग प्रतिरोधी औषधियों (संशमनी वटी एवं अश्वगंधा) का (विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों के लिए) एवं आयुष मंत्रालय द्वारा जारी आयुर्वेद आधारित आहार एवं जीवनशैली हेतु दिशानिर्देश प्रपत्र वितरण अभियान का शुभारंभ मुख्य अतिथि संयुक्ता भाटिया, महापौर नगर निगम लखनऊ द्वारा संस्थान प्रांगण में किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि संयुक्ता भाटिया जी एवं संस्थान प्रभारी डॉ. ओम प्रकाश , सहायक निदेशक द्वारा भगवान धन्वन्तरी को माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। तदुपरान्त मुख्य अतिथि संयुक्ता भाटिया एवं सेवा भारती के प्रतिनिधि डॉ. देवेन्द्र अस्थाना का पुष्प गुच्छ भेंट का स्वागत संस्थान प्रभारी एवं अनुसंधान अधिकारी डॉ. संजय कुमार सिंह द्वारा किया गया एवं संस्थान के डॉ. संजय कुमार सिंह ने मुख्य अतिथि एवं डॉ. देवेन्द्र अस्थाना का परिचय कार्यक्रम में भाग लेने वाले नागरिकों को कराया तथा “आज़ादी का अमृत महोत्सव” कार्यक्रम के बारे में अवगत कराया एवं रोग प्रतिरोधी औषधियों (संशमनी वटी एवं अश्वगंधा ) के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान के द्वारा प्रारम्भिक रूप से एक सप्ताह 30 अगस्त 2021 से 5 सितंबर 2021 तक चलेगा । इस अभियान के तहत अब तक 1500 लोग लाभान्वित हुए हैं।
इस मौके पर संस्थान प्रभारी डॉ. ओम प्रकाश, सहायक निदेशक (आयु.) ने अभियान की जानकारी देते हुये संस्थान द्वारा किए जा रहे कार्यों एवं कोरोना महामारी के काल खंड में चिकित्सा एवं व्याधियों से बचाव प्रदान करने में संस्थान के योगदान का विस्तृत उल्लेख किया । संस्थान प्रभारी द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव के शुरुआत एवं उसकी महत्ता को रेखांकित करते हुये आयुष मंत्रालय भारत सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी, साथ ही “आज़ादी का अमृत महोत्सव” के अंतर्गत शुभारंभ कार्यक्रम की जानकारी देते हुये यह बताया की यह अभियान वर्ष भर चलेगा जिसके अंतर्गत विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों को संस्थान में रोग प्रतिरोधी औषधियाँ एवं आयुष मंत्रालय द्वारा जारी आयुर्वेद आधारित आहार एवं जीवनशैली हेतु दिशानिर्देश प्रपत्र वितरण वितरित किए जाएंगे ।
सेवा भारती के डॉ. देवेन्द्र अस्थाना द्वारा तत्कालीन परिस्थितियों के संदर्भ में आयुर्वेद की महत्ता का वर्णन किया तथा क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, लखनऊ एवं सेवा भारती की सहभागिता से कोरोना की दूसरी लहर में Covid -19 के रोगियों को आयुष – 64 का वितरण के विषय में बताया की कैसे लोगों को उसका लाभ प्राप्त हुआ ।
मुख्य अतिथि संयुक्ता भाटिया जी ने प्रधानमंत्री द्वारा आरंभ किए गए “आजादी के अमृत महोत्सव” के बारे में जानकारी दी। COVID-19 में संस्थान में किए जा रहे अनुसंधान परक कार्यों की प्रशंसा की। महापौर ने कहा कि क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान द्वारा संस्थान की विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से लखनऊ जिले के चयनित ग्रामों में सचल स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है । जिसका लाभ वहाँ के ग्रामीणों को प्राप्त हो रहा है की सराहना करते हुये हर्ष प्रकट किया । महापौर संयुक्ता भाटिया ने कहा की आयुर्वेद हमारी शाश्वत चिकित्सा एवं जीवन पद्धति जिसके द्वारा हम स्वस्थ्य एवं दीर्घजीवन जीने में सक्षम हो सकते है। उन्होंने आगे कहा कि कोरोना माहमारी में लोगों ने आयुर्वेद की महती आवश्यकता को महसूस किया है, जब कोरोना की कोई दवाई उपलब्ध नही थी थी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए विश्व आयुर्वेद पर निर्भर हुआ था। कोरोना माहमारी के दौरान विश्व आयुर्वेद पर निर्भर हुआ और आयुर्वेद का लोहा माना। महापौर ने कहा कि खुशनुमा जीवन जीने के लिए हमे आयुर्वेद को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। कोरोना के साथ भी और कोरोना के बाद में स्वस्थ जीवन जीने के लिए आयुर्वेदिक जीवन शैली को अपनाना होगा। आयुर्वेद का सबसे बड़ा फायदा है कि इसके कोई साईड इफ़ेक्ट नही ही। आयुर्वेद विश्व को दिया हुआ भारत का अमूल्य उपहार है जिसे हमारे ऋषि मुनियों के सदियों के अभ्यास की देन है।
इस दौरान मुख्य अतिथि संयुक्ता भाटिया, महापौर नगर निगम लखनऊ के करकमलों द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को रोग प्रतिरोधी औषधियों देकर वितरण अभियान का शुभारंभ किया गया।
इस मौके पर अथितिगणो के साथ कार्यक्रम में संस्थान के डॉ. रवि रंजन सिंह , एवं संस्थान के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।








