पुलिसिंग को बेहतर बनाना पहली प्राथमिकता : लखनऊ पुलिस कमिश्नर

Gलखनऊ।
राजधानी में बंथरा शराब कांड में जिस तरीके से लोगों की मौत हुई उसके बाद रातो रात लखनऊ पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडे को हटा दिया गया और उन्हें एडीजी एटीसी सीतापुर बनाया गया। वही सुजीत पांडे की जगह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1994 बैच के #IPS ऑफिसर डीके ठाकुर पर भरोसा जताते हुए उन्हें लखनऊ पुलिस कमिश्नर का कार्यभार सौंपा है। आपको बता दें कि डी के ठाकुर इससे पहले भी 2011 में लखनऊ के एसएसपी रह चुके हैं लखनऊ का उन्हें खासा अनुभव है | लेकिन अब देखना होगा कि कमिश्नरेट सिस्टम लागू हो जाने के बाद लखनऊ के पुलिस कमिश्नर के तौर पर डीके ठाकुर कितने कामयाब होते हैं और क्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भरोसे को कायम रख पाते हैं या नहीं। लखनऊ के नए पुलिस कमिश्नर डी.के. ठाकुर से बातचीत में जाना है कि आखिर लखनऊ को फिर से संभालने आए डी.के. ठाकुर की कार्यशैली कैसी रहने वाली है |
सवाल – लखनऊ से पुराना नाता रहा है आपका लंबे समय तक आपने लखनऊ को संभाला लेकिन अब कमिश्नर सिस्टम है पहली प्राथमिकता क्या रहेगी?
जवाब – पुलिस कमिश्नर सिस्टम में शासन ने और माननीय मुख्यमंत्री ने हमें ज्यादा अधिकार दिए हैं हमें ज्यादा अधिकार दिया है ज्यादा अधिकारी दिए हैं और इन अधिकारियों और ज्यादा अधिकारों के माध्यम से हम अपनी पुलिसिंग को और बेहतर करने की कोशिश करेंगे।
सवाल – संगठित अपराध है और माफियाओं के गुर्गो पर जिस तरीके की कार्रवाई होती रही है आगे किस तरह की कार्रवाई देखने को मिलेगी।
जवाब – माफियाओं के विरुद्ध कस तरीके की कार्रवाई चल रही है वह आगे भी चलती रहेगी पूरी तरीके से संगठित अपराध पर लगाम लगाई जाएगी। असामाजिक तत्वों को लगातार चिन्हित किया जाएगा और जो लोग इन माफियाओं से किसी भी तरीके से जुड़े हुए होंगे उनके पर पूरी नजर पुलिस रखेगी उनके खिलाफ जांच करके उचित कार्रवाई की जाएगी।
सवाल – बंथरा में हुए शराब कांड में जिस तरीके से लोगों की मौत हुई पुलिस की कार्यशैली में खामियां देखने को मिली ऐसा क्या करेंगे कि आगे से इस तरह के कांडों की पुनरावृत्ति ना हो?
जवाब – जो अवैध शराब के उत्पादन की घटनाएं होती हैं जो अलग अलग तरह की घटनाएं अलग अलग तरीके के कांड है शराब से संबंधित उसमें अलग तरीके की कार्रवाई होगी और हम पूर्णता सुनिश्चित करेंगे कि आगे इस तरीके की कांड ना हो। साथी ही साथ पुलिसकर्मियों को मेरी तरफ से स्पष्ट निर्देश दिए गए है कि इस तरीके के अवांछित तत्वों पर पूरी तरीके से नजर बनाए रखें उन्हें चिन्हित करें और कार्रवाई करें।
सवाल – हमेशा से देखने को मिलता रहे लखनऊ में शिकायतें आती रही हैं की याचियों को पुलिस थानों से भगा दिया जाता है कई बार दलित उत्पीड़न की घटनाएं सामने आई है किस तरीके से इन घटनाओं को रोकेंगे?
जवाब – इस तरीके की घटनाओं को रोकने के लिए मैं जनता से सीधे संवाद करूंगा। इससे पूर्व में भी मैं जब लखनऊ में था तो जनता से रूबरू होता था। उसी तर्ज पर फिर से सीधे जनता से संवाद होगा। उनकी परेशानियों को मैं खुद सुनूंगा प्रत्येक व्यक्ति की लखनऊ पुलिस हर तरीके के मदद करेगी और किसी के साथ भी इस तरीके की घटनाएं नहीं होने दी जाएंगी और जिन भी पुलिसकर्मियों के संबंध में इस तरीके की घटनाएं प्रकाश में आएंगी उनके ऊपर सख्त कार्रवाई की जाएगी बाकी जो मामले डिपार्टमेंट द्वारा मेरे संज्ञान में नहीं आएंगे उन्हें आप मुझ तक पहुचाइए उसका पूरा समाधान होगा।








