झाँसी में किसान आंदोलन के सांतवे दिन क्रमिक अनशन पर किसान

झाँसी।
अपने क्रमिक अनशन के सातवे दिन भी किसान डेट रहे जिसमे मुख्यरूप से कड़ोरे, प्यारेलाल, लखनलाल, काशीप्रसाद, ख़ूबचन्द्र प्रातः 11 बजे से शाम 5 बजे तक अनशन पर बैठे। दिल्ली सहित पूरे देश में अनशन शुरू होने के बाद किसानों को सम्बोधित करते हुए किसान नेता गौरीशंकर विदुआ ने कहा कि दिल्ली में चल रहा आंदोलन दिन प्रतिदिन जिस तरह से होता जा रहा है वह सरकार के लिए शुभ संकेत नही है।

सरकार इन चंद उधोगपतियों को लाभ पहुँचाने के मकसद से जो किसानों को गद्दार देशद्रोही खलिस्तानी पाकिस्तानी जैसे शब्दों से बेइज्जत किया। वह निंदनीय है। सरकार को अपने व्यंग बाण वापस लेना चाहिए तथा दिल्ली में 29/12 को होने वाली किसान सरकार वार्ता में गम्भीरता से किसान हितेषी निर्णय के साथ साथ तीनो कृषि बिल वापसी चाहिए।

उन्होंने कहा कि तीन कृषि बिलो के साथ जो किसानों की क्षेत्रीय समस्याए उनका भी राज्य सरकार तथा जिला प्रसाशन को वरीयता से निस्तारण करना चाहिए। क्षेत्रीय समस्याओं के ज्ञापन के माध्यम से जिलाधिकारी को अवगत करा दिया गया है। जिसमे मुख्य रूप से फसल बीमा में बंचित 55 हजार किसानों को 2019 की खरीफ फसल की बीमा राशि का भुकतान गौशाला में भूख एवम ठंड से मर रही।

गौ वंशो को बचाने के लिए सरकार को 11 माह से लंबित गौशाला का बजट आवंटित कर देना चाहिए तथा झाँसी एवम ललितपुर जिले में पूर्व निर्मित एवम वर्तमान में निर्माणधीन बांधो से पुनर्वास मुआबजा अनुकम्पा राशि, कुआ मेड़ बन्धी आदि की बकाया देनदारियों का भुकतान शीघ्र किया जाए।

आंदोलन में महेंद्र राजपूत जोरी, मुन्ना चौधरी,परमलाल कुशवाहा,परसादि पाल, अमर सिंह राजपूत पप्पू पाल, हीरा बाई, सावित्री बाई, भगवती देवी, पुक्खन बाई, राजकुमारी, रामप्रसाद समेत सैकड़ो किसान शामिल रहे।

 

ऋषि कुमार शर्मा
सम्पर्क : 9454451726

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