अंसल एपीआई में अधूरे कार्यों का सर्वे करने हेतु कमेटी गठित: मंडलायुक्त

लखनऊ विकास प्राधिकरण की अध्यक्ष/मण्डलायुक्त डाॅ0 रोशन जैकब ने अंसल एपीआई के सम्बंध में भी बैठक की। इस दौरान पूर्व में हाई पावर कमेटी द्वारा मूलभूत सुविधाओं के सम्बंध में दिये गये निर्देशों के सापेक्ष स्थल पर की गयी कार्यवायी की समीक्षा की गयी।
इसमें पाया गया कि निजी विकासकर्ता द्वारा योजना में 25 एमएलडी क्षमता के एस०टी०पी का निर्माण कराया जाना था, जोकि अभी तक नहीं कराया गया है। इसके अलावा निजी विकासकर्ता द्वारा योजना में विद्युत उपकेन्द्र के निर्माण हेतु पावर काॅरपोरेशन को जमीन उपलब्ध करायी जानी है। इसके अतिरिक्त ड्रेनेज व सामुदायिक केन्द्र का कार्य भी पूरा नहीं हुआ है। इस सम्बंध में मण्डलायुक्त ने एडीएम, एसडीएम सरोजनीनगर, तहसीलदार-अर्जन एवं अंसल के सक्षम अधिकारियों की टीम गठित की है, जो योजना का सर्वे करके अधूरे कार्यों की रिपोर्ट देगी। साथ ही यह टीम यह भी रिपोर्ट देगी कि अंसल बिल्डर्स द्वारा कितने लोगों को कब्जा दिया जाना है और उसके सापेक्ष बिल्डर के पास स्वामित्व वाली कितनी भूमि है। उन्होंने कहा कि योजना में आने वाली अन्य विभागों व ग्राम समाज की जमीनों की सूची अलग से बना ली जाए।
मण्डलायुक्त ने बैठक में उपस्थित अंसल के प्रतिनिधियों को सख्त निर्देश दिये कि जो भूमि प्राधिकरण में बंधक रखी गयी है, उस जमीन का किसी से कोई एग्रीमेंट न किया जाए। बैठक में जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार, लविप्रा उपाध्यक्ष डाॅ0 इन्द्रमणि त्रिपाठी व सचिव पवन कुमार गंगवार समेत अन्य अधिकारी व अंसल के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
लखनऊ विकास प्राधिकरण की नेहरू इन्क्लेव योजना में सेना से चल रहे भूमि विवाद के सम्बंध में प्राधिकरण की अध्यक्ष/मण्डलायुक्त डाॅ0 रोशन जैकब की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। प्राधिकरण भवन में आयोजित इस बैठक में जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार, लविप्रा उपाध्यक्ष डाॅ0 इन्द्रमणि त्रिपाठी, सचिव पवन कुमार गंगवार समेत सेना के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मण्डलायुक्त ने बताया कि प्राधिकरण द्वारा उक्त योजना में विभिन्न लोगों को भूखण्ड आवंटित किये थे, जिन्हें भूमि विवाद के चलते कब्जा नहीं दिया जा पा रहा है और आवंटी परेशान भटक रहे हैं। इस सम्बंध में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा आदेश दिये गये थे कि प्राधिकरण/प्रशासन के अधिकारी सेना के अधिकारियों के साथ बैठक करके समस्या का समाधान निकालने का प्रयास करें। इसके अनुपालन में उक्त बैठक आयोजित की गयी, जिसमें प्राधिकरण व सेना की तरफ से सम्बंधित दस्तावेज प्रस्तुत किये गये तथा विवाद का निष्कर्ष निकालने हेतु गहनतापूर्वक विचार विमर्श किया गया।








