मुख्य सचिव ने एशियन डेवलेपमेन्ट बैंक के भारत में कन्ट्री डायरेक्टर के साथ बैठक की

मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी की अध्यक्षता में एशियन डेवलेपमेन्ट बैंक (ए0डी0बी0) के भारत में कन्ट्री डायरेक्टर टाकियो-कोनिशी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से बैठक आयोजित की गई, जिसमेें उ0प्र0 के बौद्ध परिपथ के सर्वांगीण विकास हेतु सम्भावित परियोजनाओं एवं उनके वित्त-पोषण पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
अपने संबोधन में मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि पर्यटन विभाग द्वारा उ0प्र0 में स्थित प्रमुख बौद्ध पर्यटन स्थलों के समेकित एवं समावेशी पर्यटन विकास को दृृष्टिगत रखते हुयेे ए0डी0बी0 की फाईनेन्सिंग हेतु एक डिटेल्ड कॉन्सेप्ट नोट/प्रेलिमिनरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट (पी0पी0आर0) तैयार कर शासन के माध्यम से ए0डी0बी0 तथा भारत सरकार को प्रेषित कराया जाये और इस विषय में अग्रेतर कार्यवाही तत्परता से की जाये। यह भी निर्देश दिये गये कि इस कार्यवाही के लिये यदि आवश्यकता हो, तो प्रमुख सचिव, पर्यटन के द्वारा ए0डी0बी0 के साथ आवश्यकतानुसार ऑनलाईन वर्चुअल मीटिंग भी कर ली जाये।
इससे पूर्व बैठक में ए0डी0बी0 के भारत में कन्ट्री डायरेक्टर टाकियो-कोनिशी के द्वारा बौद्ध परिपथ के विषय में उनकी सम्भावित भूमिका से अवगत कराया गया और ए0डी0बी0 के मनीला कार्यालय की नावोन-किम के द्वारा प्रस्तुतीकरण के माध्यम से उ0प्र0 में स्थित बौद्ध तीर्थ स्थलों के पर्यटन विकास हेतु सम्भावनाओं पर ध्यान केन्द्रित किया गया।
प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृृति विभाग मुकेश कुमार मेश्राम के द्वारा प्रस्तुतीकरण के माध्यम से उ0प्र0 में स्थित कुल 06 प्रमुख बौद्ध पर्यटक केन्द्रों-सारनाथ, कुशीनगर, श्रावस्ती, कपिलवस्तु, कौशाम्बी एवं संकिसा के सुनियोजित एवं सर्वांगीण पर्यटन विकास की सम्भावनाओं एवं आवश्यकताओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। उन्होंने बौद्ध पर्यटन स्थलों पर सरकार द्वारा अब तक किये गये कार्याें, वर्तमान में कराये जा रहे कार्याें एवं भविष्य में प्रस्तावित पर्यटन विकास कार्याें तथा उपलब्ध भूमि आदि के सम्बन्ध में विस्तार से बताया गया।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के निर्देशानुसार बोधगया को भारत में विशेष रूप से केन्द्रित करते हुये एक वैश्विक बौद्ध केन्द्र के रूप में पुनर्जीवित किये जाने हेतु उ0प्र0 एवं बिहार के बौद्ध परिपथ के सर्वांगीण विकास पर काफी बल दिया जा रहा है। उ0प्र0 में स्थित प्रमुख बौद्ध पर्यटन स्थलों पर इन्फ्रास्ट्रक्चरल डेवलेपमेन्ट, कनेक्टिविटी, मूलभूत पर्यटक अवस्थापना सुविधाओं, लोकल कम्यूनिटी डेवलेपमेन्ट, हस्तशिल्प कलाओं के विकास एवं स्किल डेवलेपमेन्ट, रोजगार के अवसरों के सृृृजन एवं स्थानीय लोगों के आर्थिक एवं सामाजिक जीवन स्तर के उन्नयन और ब्रैन्डिंग एण्ड पब्लिसिटी आदि के विषय में वर्तमान आवश्यकताओं को विस्तार से बताया गया।
बैठक में एशियन डेवलेपमेन्ट बैंक की ओर से उनके कन्ट्री डायरेक्टर टाकियो-कोनिशी, ए0डी0बी0 के मनीला स्थित कार्यालय के निदेशक, साउथ एशिया नोरियो-साईटो, डिप्टी कन्ट्री डायरेक्टर हो-युन-योंग, मनीला स्थित ए0डी0बी0 कार्यालय की ना-वोन-किम तथा प्रदेश सरकार की ओर से अपर मुख्य सचिव नियोजन सुरेश चन्द्रा एवं नगर विकास विभाग, पर्यटन, लोक निर्माण विभाग, संस्कृृति विभाग के अधिकारियों के अतिरिक्त वाराणसी, कुशीनगर, फर्रुखाबाद, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, कौशाम्बी एवं महाराजगंज के जिलाधिकारीगण वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से बैठक मेेें मौजूद रहे।

Related Articles

Back to top button
btnimage