मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की

बीएलओ द्वारा प्राप्त फार्मों का जिला निर्वाचन अधिकारियों को निस्तारित कराने के निर्देश

बीएलओ द्वारा घर-घर सत्यापन के तहत शिफ्टेड, मृतक तथा रिपीटेड श्रेणी के मतदाता चिन्हित किये गये

मतदाताओं द्वारा वोट देने की प्रक्रिया को सुगम बनाने को प्राथमिकता देते हुए बूथों के सम्भाजन की प्रक्रिया सुनिश्चित की गयी

सम्भाजन प्रक्रिया के अन्तर्गत अधिकतम 1500 मतदाताओं के आधार पर बूथों के पुनर्गठन की कार्यवाही की जा रही

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश के क्रम में प्रदेश में मतदाता सूची को अपडेट करने की कार्यवाही की जा रही है। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने अर्हता तिथि 01 जनवरी 2025 के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम से पूर्व की गतिविधियों के अन्तर्गत बीएलओ के माध्यम से मतदाता सूची को अपडेट करने के निर्देश जारी किये थे, जिसके अन्तर्गत बीएलओ द्वारा 20 अगस्त से 10 सितम्बर 2024 तक  घर-घर सत्यापन की कार्यवाही करते हुए शिफ्टेड, मृतक तथा रिपीटेड श्रेणी के मतदाता चिन्हित किये गये हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अपने कार्यालय के सभागार कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम सभी जिलाधिकारियों को बीएलओ द्वारा घर-घर सत्यापन के दौरान प्राप्त फार्मों का नियमानुसार निस्तारण 03 अक्टूबर, 2024 से पूर्व करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही 01 अक्टूबर, 2024 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची में नाम शामिल करने के दावों का निस्तारण भी 03 अक्टूबर तक सुनिश्चित करने को कहा गया, जिससे 29 अक्टूबर को शुद्ध, सारगर्भित व त्रुटिविहीन मतदाता सूची का ड्राफ्ट प्रकाशित किया जा सके।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने लखनऊ, हरदोई, प्रतापगढ़, गौतमबुद्धनगर, चित्रकूट, शाहजहांपुर, उन्नाव, रामपुर जनपद के जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया कि घर-घर सत्यापन के दौरान शिफ्टेड, मृतक और रिपीटेड श्रेणी के चिन्हित प्रकरणों से संबंधित सभी अवशेष फॉर्म-07 का संबंधित बीएलओ द्वारा भरा जाना अगले दो दिन में सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सम्भाजन प्रक्रिया के अन्तर्गत अधिकतम 1500 मतदाताओं के आधार पर नये मतदान बूथों को बनाने अथवा वर्तमान बूथों की पुनर्गठन की कार्यवाही की जा रही है। मतदाताओं द्वारा वोट देने की प्रक्रिया को सुगम बनाने को प्राथमिकता देते हुए सम्भाजन की प्रक्रिया सुनिश्चित की गयी है।

बैठक में प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी शामिल हुए।

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