व्यापारी सम्मेलन से व्यापारियों को मनाने की कोशिश में भाजपा विफल: रामबाबू रस्तोगी

उत्तर प्रदेश में 4 वर्ष 9 माह बीत जाने के बाद आज भाजपा के मुख्यमंत्री व उनके पार्टी के लोगो को व्यापारियों के वोट की चिन्ता सताने लगी है..जबकि इसी सरकार के द्वारा लाकडाउन में व्यापारियों के ऊपर महामारी अधिनियम से लेकर अन्य धाराओं तक का एफआईआर दर्ज कराया गया था और उनका गुनाह बस इतना था कि वह अपने माल को अपने ही घरों में चोरों की तरह बेंचने पर मजबूर थे क्योंकि योगी सरकार ने केवल राजस्व मजबूत करने के लिए केवल शराब और पेट्रोल बिकवा रहे थे…आज बहुत से व्यापारी कोर्ट का चक्कर लगाकर अपने मुकदमे की जमानत करवा रहे है जबकि व्यापारी नेता रामबाबू रस्तोगी ने व्यापारियों के हित मे 7 सूत्री माँग पत्र गवर्नर के माध्यम से मुख्यमंत्री जी को भेजा था जो निम्न प्रकार के थे।
1- लाकडाउन में लगे व्यापारियों के ऊपर फर्जी मुकदमे वापस हो..
2- लाकडाउन समय के अंतराल में बंद प्रतिष्ठानों का बिजली का बिल,स्कूल की फीस व किराया सरकार की तरफ से माफ हो..
3- व्यापारियों के वहाँ हुई लूट,हत्या,डकैती जैसे संगीन अपराध घटने पर व्यापारी राहत कोष से मुआवजा मिलने का प्रावधान हो व पुलिस के द्वारा माल बरामदगी पर सरकार की रिकवरी हो..
4- व्यापारी दुर्घटना बीमा की राशि 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रु होनी चाहिए..
5- व्यापारियों को आईटीआर रिटर्न के अनुसार उनको 50 लाख रु का पेपर लेस योजना के तहत लोन होना चाहिए..
6- व्यापारियों को आत्म रक्षा हेतु बिना हीलाहवाली के शस्त्र की संस्तुति होनी चाहिए…
7- सभी स्वर्णकार व्यापारियों के ऊपर 411,412, की धारा को समाप्त करते हुए उनके ऊपर उपरोक्त धाराओं में लिखे हुए अपराध को निरस्त करना चाहिए…
लेकिन उस माँग पत्र की आज तक सुनवाई नही हुई अब 2022 की चुनाव को लेकर व्यापारियों की चिंता सता रही है उनको जिन्होंने सबसे ज्यादा व्यापारियों को प्रताड़ित किया है अब भाजपा के जुमलो व दलालो के चक्कर मे व्यापारी वर्ग अब कभी नही फँसेगा प्रसपा व्यापार सभा के प्रदेश अध्यक्ष रामबाबू रस्तोगी का कहना है कि अगर उत्तर प्रदेश में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मा. शिवपाल सिंह यादव जी की सत्ता आती है तो उपरोक्त सभी मांगों को व्यापारी हित में लागू कर दिया जायेगा।








