UPCM ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सौभाग्य योजना की प्रगति की समीक्षा बैठक की

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने शास्त्री भवन में सौभाग्य योजना की प्रगति के सम्बन्ध में वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारियों और पावर काॅरपोरेशन के अधिकारियों को सम्बोधित किया। उन्होंने विद्युत संयोजन देने के मामले में खराब प्रगति वाले 15 जनपदों-खीरी, इलाहाबाद, गोण्डा, हरदोई, बहराइच, जौनपुर, सीतापुर, महराजगंज, फतेहपुर, फैजाबाद, बाराबंकी, शाहजहांपुर, प्रतापगढ़, उन्नाव और आजमगढ़ के जिलाधिकारियों से कहा कि अभियान चलाकर विद्युत संयोजन और विद्युतीकरण के लक्ष्य को पूर्ण किया जाए।
UPCM ने प्रदेश में सौभाग्य योजना के तहत 31 दिसम्बर, 2018 तक प्रत्येक घर में विद्युत संयोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि युद्धस्तर पर मजरों के विद्युतीकरण और विद्युत संयोजन उपलब्ध कराने का कार्य किया जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को प्रत्येक सप्ताह इस कार्य की समीक्षा किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि इसकी प्रगति से शासन को अवगत कराया जाए। उन्होंने ऊर्जा मंत्री और प्रमुख सचिव ऊर्जा को इस कार्य की पाक्षिक स्तर पर समीक्षा किए जाने की बात कही। उन्होंने विद्युत कार्यों में गुणवत्ता के साथ-साथ विद्युत चोरी और लाइन लाॅसेज को कम करने के भी निर्देश दिए।
UPCM ने कहा कि विद्युतीकरण और विद्युत संयोजन को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। साथ ही, यह भी आवश्यक है कि विद्युतीकरण के लिए प्रयोग में लायी जा रही सभी सामग्री निर्धारित गुणवत्ता की हो। इसके अलावा, मजरों व घरों में विद्युत कार्यों को निर्धारित मानक के अनुसार पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि विद्युत संयोजन के कार्यों के लिए निरन्तर कैम्पों का आयोजन किया जाए। इन कैम्पों के माध्यम से जागरूकता उत्पन्न करने के साथ-साथ उपभोक्ताओं को विद्युत संयोजन के सम्बन्ध में पूर्व सूचना दी जाए। उन्होंने कहा कि ‘सौभाग्य रथ’ का निरन्तर भ्रमण सुनिश्चित हो और प्रचार-प्रसार के माध्यम से जनता को सौभाग्य योजना और विद्युत संयोजन के लिए जागरूक करते हुए जानकारी प्रदान की जाए।
UPCM ने कहा कि मजरों में विद्युतीकरण के संतृप्तीकरण के लिए प्रारम्भ में वे मजरे लिए जाएं, जिनमें किसी नए इन्फ्रास्ट्रक्चर की आवष्यकता नहीं है अथवा काफी कम इन्फ्रास्ट्रक्चर की आवष्यकता है। उन्होंने कहा कि लगभग 35 लाख इन्फाॅर्मल विद्युत संयोजनों को फाॅर्मल संयोजनों में परिवर्तित करने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए विषेश अभियान चलाया जाए।
UPCM ने कहा कि विद्युत संयोजनों और विद्युतीकरण के साथ-साथ उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार को विद्युत संयोजन और शत-प्रतिशत विद्युतीकरण के लिए टीम भावना के साथ प्रभावी कार्य किया जाए। इसके लिए धनराशि की कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी जनपदों में पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। उन्होंने मैनपावर और मटीरियल की कमी को दूर किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि कार्यदायी संस्थाएं और एजेन्सियां विद्युतीकरण एवं विद्युत संयोजन के कार्यों में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि जिन जनपदों, विकासखण्डों, तहसीलों, मजरों में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण और संयोजन सुनिश्चित किया जा चुका है, वहां पर प्रदर्शनियां लगाकर समारोह आयोजित किए जाएं। इनमे स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी भी सुनिश्चित हो।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव ऊर्जा आलोक कुमार ने UPCM को अवगत कराया कि सौभाग्य योजना के तहत 11 अक्टूबर, 2017 से अब तक उत्तर प्रदेश में देश में सर्वाधिक 28.37 लाख विद्युत संयोजन हुए हैं। 01 अप्रैल, 2017 से कुल 47.60 लाख विद्युत संयोजन दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि माह सितम्बर एवं अक्टूबर, 2018 में जिला प्रशासन के सहयोग से आंकलित लगभग 35 लाख इनफाॅर्मल विद्युत संयोजनों में से अधिकाधिक घरों को विद्युत संयोजन उपलब्ध कराया जाएगा। सभी मजरों में विद्युतीकरण का कार्य चरणबद्ध ढंग से पूर्ण किया जाएगा। माह सितम्बर व अक्टूबर, 2018 में अविद्युतीकृत/आंशिक विद्युतीकृत मजरों में इन्फ्रास्ट्रक्चर सृजन के लिए अभियान चलाया जाएगा। दीन दयाल ग्राम ज्योति योजना के तहत वर्ष 2017-18 में 61058 मजरों का विद्युतीकरण किया गया।
इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा, नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना, ग्राम्य विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डाॅ. महेन्द्र सिंह, अपर मुख्य सचिव लोक निर्माण संजय अग्रवाल, अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज राजेन्द्र तिवारी, प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह, सचिव मुख्यमंत्री मृत्युंजय कुमार नारायण सहित पावर कारपोरेशन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।








