मुख्यमंत्री योगी ने मई दिवस पर ‘श्रमवीर गौरव समारोह’-2026 का शुभारम्भ किया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अन्तरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस व बुद्ध पूर्णिमा की बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप नए भारत के वास्तविक शिल्पकार हमारे श्रमिक हैं। ‘हर हाथ को काम’ तथा ‘हर श्रमिक को सम्मान’ मिले यही सरकार का संकल्प है। यह संकल्प बेहतरीन समन्वय से आगे बढ़ेगा। डबल इंजन सरकार ने श्रमिकों को सरकार के एजेंडे का हिस्सा बनाया है।
मुख्यमंत्री ने मई दिवस पर ‘श्रमवीर गौरव समारोह’-2026 का शुभारम्भ करने के पश्चात आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर उन्होंने श्रमिक कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री जी ने औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में श्रमिक सुविधा केन्द्र तथा मुख्यमंत्री कम्पोजिट विद्यालय जेवर, जनपद गौतमबुद्धनगर का शिलान्यास किया। कार्यक्रम के दौरान ग्रेटर नोएडा में 7.2 एकड़ भूमि पर बनने वाले 300 बेड के ई0एस0आई0सी0 हॉस्पिटल के लिए भूमि आवंटन पत्र प्रदान किया गया। इसके अलावा, मुख्यमंत्री जी ने दसवीं कक्षा की परीक्षा में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण अटल आवासीय विद्यालय के 10 मेधावी छात्र-छात्राओं को टेबलेट व प्रमाण-पत्र प्रदान किए। शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम के लिए अटल आवासीय विद्यालयों के वाराणसी व प्रयागराज के प्रधानाचार्यों को सम्मानित किया। 05 श्रमिकों को टूलकिट व प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में सरकार नए वेज बोर्ड में यह व्यवस्था करने जा रही है कि उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (यू0पी0बी0ओ0सी0डब्ल्यू0) से जुड़े श्रमिकों, खेतिहर मजदूरों की भांति उद्योगों में भी काम करने वाले श्रमिकों को 05 लाख रुपये के सुरक्षा बीमा कवर की सुविधा मिले। यही उनकी सामाजिक सुरक्षा होगी। यह कार्य श्रमिकों के बेहतर भविष्य और उत्तर प्रदेश के औद्योगिकीकरण की दिशा में किए जाने वाले प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अलग-अलग प्रकार के श्रमिक अलग-अलग निकायों में कार्य कर रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्र में कार्य करने वाला श्रमिक अपनी मेहनत से देश की मैन्युफैक्चरिंग पावर को बढ़ाने में अपना योगदान दे रहा है। इनको सुरक्षा की गारण्टी और प्रत्येक प्रकार की सुविधा मिले, इसके लिए डॉरमेट्री बने, आवासीय सुविधा मिले तथा अच्छी एवं सस्ती कैण्टीन व गुणवत्ता युक्त भोजन की सुविधा प्राप्त हो। साथ ही, उन्हें मनोरंजन की सुविधा प्राप्त हो। यहां उनके लिए अच्छे शौचालय व स्नान घर की व्यवस्था हो। सी0सी0टी0वी0 की सुरक्षा, कॉमन एरिया तथा गार्ड की सुविधा भी सरकार यहां देने जा रही है। इसके दृष्टिगत आवास विभाग तथा औद्योगिक विकास विभाग को पॉलिसी बदलने के निर्देश दिए गये हैं। उनसे कहा गया है कि जहां उद्योग हैं, वहीं पर श्रमिकों के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध करायी जाए। उन्हें एफ0ए0आर0 में छूट प्रदान की जाए। इसके परिणाम शीघ्र ही सभी को देखने को मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रम और सेवायोजन विभाग को निर्देशित किया गया है कि नए वेज बोर्ड गठित किये जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि जो श्रमिक औद्योगिक क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं, उनके लिए हमारा प्रयास होना चाहिए कि 10 से अधिक संख्या वाले उद्योग के लिए नए वेज बोर्ड में प्रस्ताव करें। भविष्य में एक समय-सीमा में वेज बोर्ड की सिफारिश आने के बाद औद्योगिक विकास विभाग, श्रम एवं सेवायोजन विभाग की बैठकें शुरु हो जाएंगी। श्रमिकों को बेहतरीन पैकेज उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे प्रत्येक श्रमिक सम्मान के साथ अपना जीवन यापन कर सके। हाल ही में औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों का मानदेय बढ़ाया गया है। सरकार का कार्य न होते हुए भी उद्योगपतियों से वार्ता कर यह कार्य किया गया है।
श्रमिक व उद्योग एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि उद्योग का उन्नयन होगा, तो श्रमिक का भी उन्नयन होगा। श्रमिक खुशहाल होंगे, तो उद्योग तेजी से आगे बढ़ेंगे। जहां भी औद्योगिक अशांति हुई है, वहां खण्डहर के अलावा कुछ भी नहीं बचता। औद्योगिक अशांति किसी भी स्थिति में नहीं होने देना है। उद्योग और श्रमिकों को मिलकर काम करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पात्र परिवारों को ’आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ की सुविधा प्रदान की है। आज गरीब बड़े से बड़े हॉस्पिटल में, जहाँ उसके पसीने की बूंद लगी है, अपना उपचार करा सकता है। हमारे अधिकांश श्रमिकों को यह सुविधा मिल रही है, जो श्रमिक बचे हुए हैं, उनके लिए आज घोषणा हो रही है। यू0पी0बी0ओ0सी0डब्ल्यू0 ने अब तक 12 लाख 26 हजार श्रमिकों को आयुष्मान भारत योजना के साथ जोड़ा है। अब इन श्रमिकों को प्रतिवर्ष 05 रुपये की निःशुल्क उपचार की सुविधा किसी भी इम्पैनल्ड हॉस्पिटल में मिलेगी। हम शेष श्रमिकों को भी 05 लाख रुपये सालाना स्वास्थ्य बीमा की सुविधा उपलब्ध कराएंगे।
बीमा कम्पनियों से भी संवाद करें। बीमा कम्पनी और उद्यमी मिलकर सुनिश्चित करेंगे कि शेष श्रमिकों को भी आने वाले समय में 05 लाख रुपये तक की निःशुल्क वार्षिक स्वास्थ्य सुविधा इम्पैनल्ड हॉस्पिटल में प्राप्त हो सकें। इसके माध्यम से प्रदेश में लगभग 01 करोड़ श्रमिक परिवार अर्थात 05 करोड़ लोग सीधे लाभान्वित हांगे। अभी तक जो निर्माण श्रमिक सुरक्षा बीमा से वंचित थे और स्वास्थ्य बीमा के कवर से बाहर थे, उन्हें आज आयुष्मान भारत की सुविधा प्रदान करने जा रहे हैं।
प्रदेश के 41 जनपदों में 116 ई0एस0आई0सी0 औषधालय संचालित हैं। शेष 34 जनपदों में एक-एक ई0एस0आई0सी0 औषधालय स्थापित करने का सरकार का प्रस्ताव है, जिन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में भी स्थापित करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा तथा वहां निःशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा। ग्रेटर नोएडा में सरकार ने ई0एस0आई0सी0 हॉस्पिटल के निर्माण के लिए नॉलेज पार्क में लगभग 07 एकड़ भूमि का आवंटन किया है, जिसमें श्रमिकों के लिए 300 बेड के ई0एस0आई0सी0 हॉस्पिटल का निर्माण कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गीडा गोरखपुर में 05 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है, जहां कर्मचारी राज्य बीमा निगम द्वारा हॉस्पिटल की सुविधा दी जाएगी। श्रम और सेवायोजन विभाग को निर्देश दिए गये हैं कि औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के लिए ई0एस0आई0सी0 हॉस्पिटल बनाए जाएं, औद्योगिक विकास विभाग इसके लिए भूमि उपलब्ध कराएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने समय-समय पर श्रमिकों के कल्याण के लिए नए प्रयास किए हैं। पहले मजदूरी करने के बाद कई बार ठेकेदार द्वारा मजदूरी देने में टाल-मटोल किया जाता था। अब सरकार ने ऐसी व्यवस्था की है कि मजदूरी न देने पर सरकार की ओर से कार्रवाई की जाएगी। ’मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना’ के अन्तर्गत श्रमिकों की सहायता की जा रही है। 06 लाख से अधिक लाभार्थी आज इस योजना के साथ जुड़े हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक सर्दी, गर्मी, लू, बरसात, आंधी व तूफान में भी बिना रुके, बिना थके, बिना डिगे विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करते हैं। श्रमिकों के पसीने की एक-एक बून्द जब धरती पर पड़ती है, तब धरती माता सोना उगलती हैं। प्रधानमंत्री जी ने श्रमिकों के श्रम को सम्मान देने के लिए उसे ’श्रमेव जयते’ के उद्घोष के साथ जोड़ा। कुम्भ के अवसर पर श्रमिकों के पाद पृच्छालन कर तथा काशी में बाबा विश्वनाथ धाम के कॉरिडोर व अयोध्या में भगवान श्रीराम मन्दिर के निर्माण के दौरान प्रधानमंत्री जी ने श्रमिकों पर पुष्प वर्षा कर उनके श्रम का सम्मान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन श्रमिकों के परिश्रम से प्रत्येक तबके के व्यक्ति को सिर ढकने के लिए छत प्राप्त होती है, पहले उन श्रमिकों के पास अपना आवास नहीं था। जो श्रमिक दूसरों के घर के इज्जत घर बनाते थे, उनके परिवारों के पास इज्जत घर नही था। जो श्रमिक दूसरों का पेट भरने के लिए अन्न उपजाते थे, उनके बच्चे स्वयं भूख से तड़पने को मजबूर थे। जो श्रमिक हॉस्पिटल की बड़ी-बड़ी इमारत बनाते थे, उन श्रमिकों को स्वयं के उपचार के लिये समुचित व्यवस्था नहीं थी। जो श्रमिक मौसम की परवाह किए बिना दूसरों को सुविधा देने का कार्य करते थे, वह स्वयं अभाव में जीते थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी किसी ने सोचा नहीं था कि श्रमिक के पास भी अपना आवास होगा। विगत 12 वर्षों में प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश में 04 करोड़ लोगों को ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ से लाभान्वित किया गया है। उत्तर प्रदेश में 65 लाख लोगों को ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ या ‘मुख्यमंत्री आवास योजना’ के अन्तर्गत आवास की सुविधा उपलब्ध कराई गई। देश के 12 करोड़ व प्रदेश के 02 करोड़ 61 लाख घरों में एक-एक शौचालय का निर्माण कराया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब श्रमिक की वास्तविक मेहनत को सम्मान दिया जा रहा है। पहले जब खेतों में बटाईदार व श्रमिक काम करते थे, तो आपदा की चपेट में आने पर वह कर्ज के बोझ तले दब जाते थे। अब बटाईदार को नुकसान होने पर मुआवजा भी मिलता है। पहले आपदा की चपेट में आने वाले बटाईदारों व श्रमिकों को कोई सुविधा नहीं मिलती थी, आज सरकार ने इन्हें ‘मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना’ के साथ जोड़ा है। भूमि के मालिक के साथ-साथ बटाईदार भी इसका हकदार बनता है। आकाशीय बिजली, आंधी, तूफान या किसी अन्य आपदा के कारण यदि वह दुर्घटना का शिकार होते हैं, तो सरकार यह सुविधा उपलब्ध कराती है। इसके अन्तर्गत सरकार प्रत्येक वर्ष 700 करोड़ रुपये से 1,000 करोड़ रुपये तक बटाईदारों व श्रमिकों को उपलब्ध कराती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने देशवासियों को ’वन नेशन-वन राशन कार्ड’ की सुविधा प्रदान की है। अब लोग कहीं भी राशन ले सकते हैं। ‘प्रधानमंत्री मानधन योजना’ से 07 लाख से अधिक श्रमिकों को आच्छादित किया गया है। ‘अटल पेंशन योजना’ के अन्तर्गत 93 लाख से अधिक लोगों को लाभान्वित किया गया है। ‘ई-श्रम पोर्टल’ पर उत्तर प्रदेश के सबसे अधिक श्रमिक पंजीकृत हैं। यदि कोई श्रमिक दुर्घटना का शिकार होता है, तो दुर्घटनाग्रस्त श्रमिक के परिवार को 05 लाख रुपये तथा दिव्यांग होने की दशा में 02 लाख रुपये से 04 लाख रुपये तक की सहायता, योजना के अन्तर्गत श्रमिक परिवारों को मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट के समय जो आपके साथ खड़ा होता है, वही आपका सच्चा हितैषी है। इस सदी की सबसे बड़ी त्रासदी कोरोना काल में आई थी। जब उत्तर प्रदेश का श्रमिक अन्य राज्यों में अपने कार्य छोड़कर वापस आ रहा था, तब डबल इंजन सरकार उनके साथ खड़ी थी। हमारे अधिकारी व कर्मचारी लगातार लगे हुए थे। सरकार ने एक साथ गाजियाबाद, नोएडा, बुलन्दशहर, मेरठ जैसे स्थानों पर 14 हजार बसें भेजी थी। सरकार ने यह व्यवस्था की थी कि केवल उत्तर प्रदेश का ही नहीं, बल्कि भारत के किसी भी हिस्से का श्रमिक उत्तर प्रदेश में आएगा तो उसके लिए रहने, खाने या उपचार आदि की निःशुल्क व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। उस समय उत्तर प्रदेश में एक करोड़ लोगों को यह सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। प्रत्येक श्रमिक का राशन कार्ड बनवाया गया तथा 15 दिन का राशन निःशुल्क दिया गया। उन्हें कोरोना काल के बाद भी निःशुल्क राशन का लाभ प्राप्त हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार संकट के समय साथ में खड़ी होने वाली सरकार है। खेतिहर मजदूर व विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों के संरक्षण के लिए डबल इंजन सरकार मजबूती के साथ खड़ी है। प्रधानमंत्री जी ने श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा की गारण्टी की व्यवस्था की। आज उसी का विस्तार करने के लिए सभी लोग यहां पर आए हैं। श्रम व सेवायोजन विभाग द्वारा इस दिशा में बेहतरीन प्रयास किया गया है। अटल आवासीय विद्यालय इसका एक बेहतरीन उदाहरण है। आज ही श्रम एवं सेवायोजन मंत्री जनपद गोरखपुर में 200 श्रमिकों की बेटियों के विवाह में सम्मिलित होकर स्वयं मेहमानों का स्वागत करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रम एवं सेवायोजन विभाग ने श्रमिकों के कल्याण के लिए बहुत योजनाएं संचालित है। 18 मण्डलों में एक-एक अटल आवासीय विद्यालय की स्थापना की गई है। अटल आवासीय विद्यालयों में आवासीय सुविधा भी उपलब्ध है। एक विद्यालय में कम से कम 1,000 विद्यार्थी अध्ययन कर सकते हैं। गुणवत्तापरक शिक्षा देने के लिए केन्द्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय या सेवित विद्यालयों से जुड़े प्रधानाचार्यां व शिक्षकों को अटल आवासीय विद्यालयों में तैनात किया गया है। इसके माध्यम से श्रमिकों के बच्चे भी राष्ट्र निर्माण के कार्य में अग्रिम पंक्ति में खड़े होंगे। श्रमिकों के बच्चे भी अधिकारी बनेंगे। अब स्कूल का निर्माण करने के बाद श्रमिकों के बच्चे शिक्षा से वंचित नहीं रहेंगे। प्रदेश सरकार ने इसकी शुरुआत अटल आवासीय विद्यालय से की है। आज जेवर, जनपद गौतमबुद्धनगर में एक मुख्यमंत्री कम्पोजिट विद्यालय की आधारशिला रखी गई है, जिसमें श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में श्रमिकों के परिश्रम की नई मिसाल अटल आवासीय विद्यालय के रूप में प्राप्त हुई थी। आज अटल आवासीय विद्यालय के मेरिट सूची में आने वाले छात्र-छात्राओं तथा प्रयागराज व वाराणसी के अटल आवासीय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को सम्मानित किया गया है। अटल आवासीय विद्यालय व कोविड काल में निराश्रित हुए श्रमिकों के बच्चों के लिए डेडिकेटेड है। बच्चों ने सी0बी0एस0ई0 बोर्ड की मेरिट में आकर श्रमिकों के पसीने की लाज रखी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिना मेहनत के कुछ भी नहीं हो सकता। विगत 09 वर्षों में किए गए प्रयासों के परिणामस्वरूप प्रदेश के लोगों को अब प्रदेश में ही काम मिल रहा है। लगभग 03 करोड़ लोगों को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों में काम मिला है। आजादी के बाद से वर्ष 2017 तक उत्तर प्रदेश में मात्र 14,000 उद्योग लगे थे, आज इसकी संख्या बढ़कर 32,000 से अधिक हो गई है। 09 वर्षों में 18,000 नये उद्योग लगे हैं। इनमें 65 लाख से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा का माहौल, बेहतरीन इन्फ्रास्ट्रक्चर व अन्य बेहतरीन सुविधाओं के कारण अब उत्तर प्रदेश का व्यक्ति प्रदेश को अपनी प्रतिभा का लाभ प्रदान कर रहा है। उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य की श्रेणी से निकलकर ’उद्यम प्रदेश’ बनने के साथ-साथ ’देश का ग्रोथ इंजन’ बनकर खड़ा हुआ है। प्रदेश विकास के पथ पर तेजी से अग्रसर है। यह सभी कार्य श्रमिकों के परिश्रम के कारण सम्भव हुए हैं। श्रमिकों के परिश्रम ने उत्तर प्रदेश को भारत के समृद्ध प्रदेशों की श्रेणी में लाकर खड़ा कर दिया है। इसके लिए सरकार के स्तर पर भी अनेक प्रयास किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ के अन्तर्गत 10 करोड़ लोगों को निःशुल्क कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। अब किसी भी मौसम में श्रमिकों को गैस कनेक्शन के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। उत्तर प्रदेश में 02 करोड़ लोगों को यह सुविधा प्राप्त हो रही है। प्रदेश सरकार होली व दीपावली पर्व पर वर्ष में दो बार भरा हुआ सिलेण्डर निःशुल्क उपलब्ध करा रही है। पहले गरीबों का राशन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था, जबकि आज प्रदेश में 15 करोड़ से अधिक लोगों को निःशुल्क राशन की सुविधा प्राप्त हो रहा है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने श्रमिकों के पसीने का सम्मान करने के लिए प्रयागराज में कुम्भ-2019 में सफाई कर्मियों के चरण धोए थे। उन्होंने बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में कॉरिडोर का निर्माण करने वाले श्रमिक भाइयों की पूजा की। प्रधानमंत्री जी ने देश में 01 मई की तिथि को ही लाल बत्ती कल्चर को समाप्त करने का कार्य किया था। श्रमिकों के परिश्रम के बिना देश व प्रदेश विकसित नहीं हो सकता। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य रखा है। विकसित भारत का विकसित उत्तर प्रदेश बनाने का कार्य हम सभी को मिलकर करना है।
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि वर्ष 2017 से लेकर अब तक मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। इन निर्णयों से श्रमिकों व उनके परिवारों के जीवन स्तर में व्यापक बदलाव आया है। श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा के लिए अटल आवासीय विद्यालय प्रारम्भ किए गए हैं।
श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि प्रधानमंत्री का ’श्रमेव जयते’ के नारे को मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार धरातल पर उतारने का कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में श्रमिक बन्धुओं के जीवन को बदलने का जो कार्य हो रहा है, वह देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के अन्दर चर्चा का विषय बना हुआ है।
इस अवसर पर श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री मनोहर लाल ‘मन्नू कोरी’, श्रमिकगण, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी व अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।








