RSS के द्वारा शताब्दी वर्ष में तय किये गये पंच परिवर्तन विकसित भारत की आधारशिला: मुख्यमंत्री योगी

मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर गोरक्ष प्रान्त द्वारा आयोजित विचार-परिवार कुटुंब स्नेह मिलन एवं ‘दीपोत्सव से राष्ट्रोत्सव’ कार्यक्रम को संबोधित किया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में तय किए गए पंच परिवर्तन सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी से आत्मनिर्भरता और नागरिक कर्तव्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि पंच परिवर्तन विकसित भारत की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि विकसित समाज और विकसित राष्ट्र के लिए समाज को आगे और सरकार को समाज के पीछे चलना होगा।

मुख्यमंत्री ने जनपद गोरखपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर0एस0एस0) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर गोरक्ष प्रान्त द्वारा आयोजित विचार-परिवार कुटुंब स्नेह मिलन एवं ‘दीपोत्सव से राष्ट्रोत्सव’ कार्यक्रम को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने अयोध्या में 500 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद श्रीराम जन्मभूमि पर बने मंदिर के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि संघ की सौ वर्ष की यात्रा के कालखंड में असंभव को भी संभव होते देखा गया है। राम मंदिर को लेकर सपा, कांग्रेस और इंडी गठबंधन के लोग प्रश्न करते थे संघ के स्वयंसेवक दृढ़ संकल्प से कहते थे कि मंदिर जरूर बनेगा। संघ ने बंदिशें झेलीं, स्वयंसेवकों ने लाठी गोली खाई। परिणामस्वरूप भव्य श्रीराम मंदिर के रूप में सबके सामने है।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि दीपावली पर दीये जलाने के विरुद्ध बयान देकर समाजवादी प्रमुख ने यह सिद्ध कर दिया है कि उन्हें अयोध्या में प्रभु श्रीराम के मंदिर, देवी देवताओं, सनातन धर्म और दीपावली जैसे इसके पर्व-त्योहारों से भी नफरत है। उनका बयान प्रजापति समाज (कुम्हारों) का अपमान करने वाला है। उन्होंने कहा कि गद्दी तो विरासत में मिल सकती है, बुद्धि नहीं। बिना विवेक वाले लोग ही दीपावली का विरोध करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो अयोध्या साढ़े आठ वर्ष पूर्व वीरान थी, अब वहां का भव्य दीपोत्सव नई पहचान बन गया है। इस बार 26 लाख 17 हजार दीये जलाने का नया विश्व रिकार्ड बना है। उन्होंने कहा कि सपा को दीया जलाने पर भी परेशानी है। सपा प्रमुख कहते हैं कि दीया जलाने की आवश्यकता क्या है, मोमबत्ती जला लेते। उनका यह बयान तिलहन की पैदावार कर दीयों को तेल देने वाले अन्नदाता किसानों और मिट्टी के दीये बनाने वाले कुम्हारों का अपमान है। वर्ष 2017 के पूर्व मिट्टी को लेकर कुम्हारों की पीड़ा को अगर समझा गया होता तो सपा प्रमुख बचकाना बयान नहीं देते। उन्हें नहीं मालूम है कि दो करोड़ लोग मिट्टी के दीयों से लेकर बर्तन के कारोबार से जुड़े हुए है। मिट्टी के उत्पाद आर्थिक निर्भरता और स्वावलंबन का प्रतीक हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस प्रभु श्रीराम और श्रीकृष्ण को नकारती थी। कांग्रेस ने अदालत में एफिडेविट देकर कहा था कि भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण मिथक हैं। सपा ने निर्ममता के साथ राम भक्तों पर गोलियां चलाई थीं। उन्होंने कहा कि आज दुनिया अयोध्या में आकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर अभिभूत हो रही है। पिछले साल 06 करोड़ लोगों ने अयोध्या में प्रभु श्रीराम का दर्शन किया। प्रयागराज महाकुम्भ में 66 करोड़ से अधिक लोग साक्षी बने।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश में अंग्रेजी शासन से मोर्चा लेने की चर्चा तो होती है लेकिन राजनीतिक इस्लाम की चर्चा नहीं होती। राजनीतिक इस्लाम ने हमारी आस्था पर कुठाराघात किया। हमारे पूर्वजों ने बिट्रिश और फ्रांस के उपनिवेश के खिलाफ ही लड़ाई नहीं लड़ी, राजनीतिक इस्लाम को लेकर भी मोर्चा लिया था। वीर शिवाजी और महाराणा प्रताप के नाम इसमें उल्लेखनीय हैं। आज भी जलालुद्दीन उर्फ छांगुर के रूप में राजनीतिक इस्लाम को बढ़ाने का काम हो रहा है। हलाल सर्टिफिकेशन उत्पाद के प्रदेश में बिक्री पर रोक लगाई गई है। हलाल उत्पाद खरीद से मिलने वाले रुपये से ही धर्मांतरण, लव जिहाद और आतंकवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने लोगों से स्वदेशी उत्पाद खरीदने पर बल दिया।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गोरक्ष प्रांत के प्रचारक श्री रमेश जी ने मुख्यमंत्री जी का स्वागत करते हुए कहा कि सनातन, भारत और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में कोई फर्क नहीं है। तीनों एक ही हैं। यह दुनिया का पहला संगठन है जो स्वावलंबी है। उन्होंने कहा कि सौ वर्ष की यात्रा में संघ ने अनेक चुनौतियों का सामना किया लेकिन विरोधों के सागर में चट्टान की भांति खड़ा रहा।

इस अवसर जनप्रतिनिधिगण, संघ के पदाधिकारी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े 28 संगठनों के स्वयंसेवक सपरिवार उपस्थित थे।

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