UPCM ने M.O.U. के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने ‘उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट-2018’ के तहत हस्ताक्षरित M.O.U. के क्रियान्यवन के सम्बन्ध में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा है कि एक कार्य योजना बनाकर समयबद्ध ढंग से लम्बित प्रकरणों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने से सम्बन्धित नीतियों के अनुसार निवेशकों की जिज्ञासाओं और समस्याओं का त्वरित समाधान करते हुए M.O.U. के क्रियान्वयन की दिशा में कार्यवाही करें। साथ ही, इस सम्बन्ध में गम्भीरता के साथ निर्णय लेते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
UPCM शास्त्री भवन में ‘U.P. इन्वेस्टर्स समिट-2018’ के तहत हस्ताक्षरित M.O.U. के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि इन्वेस्टर्स समिट-2018 के सफल आयोजन से प्रदेश की छवि में बदलाव आया है और पूंजी निवेश का समुचित वातावरण बना है। अब सभी विभाग इन्वेस्टर्स समिट के तहत हस्ताक्षरित किए गए M.O.U. का विस्तृत रूप से अध्ययन करते हुए धरातल पर उतारने के लिए तेजी से कार्य करें।
UPCM ने कहा कि जिन M.O.U. से सम्बन्धित नीतियों के जारी होने की आवश्यकता है, उन्हें भी शीघ्रता से जारी किए जाने की कार्यवाही की जाए। साथ ही, जिनकी नीतियां जारी हो चुकी हैं, उनसे सम्बन्धित सुसंगत शासनादेशों या संशोधन को भी शीघ्र जारी किया जाए, जिससे M.O.U. के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में कोई विलम्ब न हो। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में रुग्ण इकाइयों के सम्बन्ध में सर्वे कराते हुए, इन इकाइयों की अद्यतन स्थिति की जानकारी कर ली जाए।
अवस्थापना और औद्योगिक विकास आयुक्त अनूप चन्द्र पाण्डेय ने एक प्रस्तुतिकरण के माध्यम से M.O.U. के क्रियान्वयन की प्रगति के सम्बन्ध में UPCM को अवगत कराते हुए विभागवार प्रकरणों की जानकारी दी।
इस अवसर पर औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, मुख्य सचिव राजीव कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री S.P. गोयल, प्रमुख सचिव वित्त संजीव कुमार मित्तल सहित सम्बन्धित विभागों के अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव उपस्थित रहे।








