एलडीएः जनता अदालत में आये 23 प्रकरणों में से 7 का मौके पर हुआ निस्तारण

लखनऊ विकास प्राधिकरण में गुरूवार को जनता अदालत/प्राधिकरण दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान नामांतरण, फ्री-होल्ड, रजिस्ट्री व अवैध निर्माण आदि से सम्बंधित कुल 23 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 07 प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। वहीं, शेष प्रकरणों के निस्तारण के सम्बंध में प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ0 इन्द्रमणि त्रिपाठी द्वारा समय-सीमा निर्धारित करते हुए अधिकारियों को कार्यवाही के लिए निर्देशित किया गया।
सचिव पवन कुमार गंगवार ने बताया कि प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ0 इन्द्रमणि त्रिपाठी द्वारा जन सामान्य एवं आवंटियों की समस्याओं एवं उनके कार्यों को त्वरित गति से शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित किये जाने के लिए दिये गए निर्देशों के क्रम में प्राधिकरण भवन के कमेटी हॉल में “प्राधिकरण दिवस/जनता अदालत“ का आयोजन किया गया। इस मौके पर उपाध्यक्ष महोदय द्वारा जनता अदालत में उपस्थित होकर जन सामान्य की समस्याओं को विस्तारपूर्वक सुना गया।
जनता अदालत में पहुंचे हरदोई रोड, अंधे की चौकी निवासी कृपाशंकर ने प्रार्थना पत्र दिया कि उन्हें आजाद नगर योजना के सेक्टर-बी में आवंटित भूखण्ड संख्या-302 पर कुछ लोगों का अवैध कब्जा है। जिस पर उपाध्यक्ष ने सम्बंधित अधिकारियों को एक सप्ताह में प्रकरण की जांच करके कब्जा खाली कराने के निर्देश दिये। वहीं, रामकृष्ण पुरम कालोनी निवासी महावीर प्रसाद शर्मा द्वारा शिकायत की गयी आई0आई0एम0 चौराहे के पास कुछ लोग सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करके निर्माण कार्य करवा रहे हैं। इस पर उपाध्यक्ष ने जोनल अधिकारी को एक सप्ताह के अंदर स्थल का निरीक्षण करके रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।
इस क्रम में स्मिता अग्रवाल ने प्रार्थना पत्र दिया कि उनकी ब्रहमकुंज कॉम्पलेक्स में दुकान है, जहां एक व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से शुल्क आदि वसूला जा रहा है। जिस पर सम्बंधित अधिकारी को जांच कर कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये। इसके अलावा जनता अदालत में पहुंचे घसियारी मंडी निवासी मो0 रईस ने बताया कि उन्हें टिकैतराय योजना में दुकान संख्या-17/1 आवंटित है, जिसकी वह रजिस्ट्री कराना चाहते हैं। उन्होंने ब्याज में छूट देते हुए गणना कराकर रजिस्ट्री करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। जिस पर अधिशासी अभियंता मनोज सागर को नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये।
जनता अदालत में वित्त नियंत्रक दीपक सिंह, संयुक्त सचिव सुशील प्रताप सिंह, विशेष कार्याधिकारी राजीव कुमार, श्रद्धा चौधरी, रविनंदन सिंह, नजूल अधिकारी अरविंद त्रिपाठी, अधिशासी अभियंता मनोज सागर एवं संजीव कुमार गुप्ता समेत अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।








