धर्म स्थलों में 05 से अधिक लोगों को एक साथ प्रवेश की अनुमति नहीं : सीएम योगी

लखनऊ।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद लखनऊ में कोविड-19 के उपचार के लिए एल-2 एवं एल-3 के पर्याप्त बेड की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि लखनऊ में तत्काल कम से कम 02 हजार आई0सी0यू0 बेड की व्यवस्था की जाए। इसके बाद अगले एक सप्ताह में 02 हजार अतिरिक्त कोविड बेड का प्रबन्ध भी किया जाए। उन्होंने जिलाधिकारी लखनऊ को जनपद के सभी कोविड अस्पतालों में आॅक्सीजन की निरन्तर आपूर्ति सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिये।

मुख्यमंत्री ने लोक भवन में आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में जनपद लखनऊ में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि एरा मेडिकल काॅलेज, टी0एस0 मिश्रा मेडिकल काॅलेज तथा इण्टीग्रल मेडिकल काॅलेज को पूर्ण रूप से डेडीकेटेड कोविड अस्पताल के रूप में परिवर्तित किया जाए। बलरामपुर अस्पताल में 300 बेड का डेडीकेटेड कोविड अस्पताल कल 11 अप्रैल को सुबह से कार्यशील किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा मंत्री, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा, सचिव चिकित्सा शिक्षा को एरा मेडिकल काॅलेज, टी0एस0 मिश्रा मेडिकल काॅलेज तथा इण्टीग्रल मेडिकल काॅलेज में से एक-एक मेडिकल काॅलेज एवं स्वास्थ्य मंत्री को बलरामपुर चिकित्सालय का भ्रमण कर डेडीकेटेड कोविड अस्पताल बनाने की कार्यवाही को शीघ्र व प्रभावी ढंग से सम्पन्न कराने के लिए कहा। उन्होंने डेडीकेटेड कोविड अस्पताल में परिवर्तित किये जा रहे तीनों मेडिकल काॅलेजों तथा बलरामपुर चिकित्सालय में ट्रेंड मैनपावर की व्यवस्था के साथ ही, वेण्टीलेटर एवं एच0एफ0एन0सी0 की उपलब्धता सुनिश्चित किये जाने के निर्देश भी दिये।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनपद लखनऊ में संक्रमण की रोकथाम के लिए समग्र और प्रभावी ढंग से प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने लखनऊ में व्यापक काॅन्टैक्ट ट्रेसिंग के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आए हुए कम से कम 30 से 35 लोगों को ट्रेस करते हुए इनका शत-प्रतिशत कोविड टेस्ट किया जाए। टेस्टिंग में संक्रमित मिलने वाले लोगों को होम आइसोलेशन अथवा अस्पताल में रखा जाए। इन्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कण्ट्रोल सेन्टर को एम्बुलेन्स सेवाओं से जोड़ा जाए। इससे मरीज को समय से एम्बुलेन्स उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने जनपद लखनऊ में प्रत्येक गांव तथा हर नगर निकाय के प्रत्येक वाॅर्ड में निगरानी समितियों को सक्रिय करने के निर्देश दिये। उन्होंने मण्डलायुक्त लखनऊ को जनपद में स्वच्छता, सैनिटाइजेशन तथा फाॅगिंग की कार्यवाही व्यापक पैमाने पर कराने के निर्देश देते हुए कहा कि बस स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों, एयरपोर्ट, चैराहों सहित भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर यह कार्यवाही प्रभावी ढंग से संचालित की जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में पुलिस, अग्निशमन, आवास विकास, विकास प्राधिकरण का भी सहयोग लिया जाए।

मुख्यमंत्री ने पुलिस आयुक्त लखनऊ को पब्लिक एड्रेस सिस्टम को प्रभावी ढंग से संचालित कराने के निर्देश देते हुए कहा कि धर्म स्थलों में 05 से अधिक लोगों को एक साथ प्रवेश की अनुमति न दी जाए। बाजारों में व्यापारियों से संवाद बनाकर उनका सहयोग लेते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जाए। मास्क का प्रयोग न करने वालों के विरुद्ध प्रवर्तन की कार्यवाही की जाए। यह कार्यवाही सद्भावपूर्ण एवं प्रेरक होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ में कंटेनमेन्ट जोन में आवागमन को प्रतिबन्धित किया जाए। एक संक्रमित मरीज से 25 मीटर की रेडियस में तथा एक से अधिक संक्रमित मरीजों की स्थिति में 50 मीटर रेडियस का कंटेनमेन्ट जोन बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सभी पुलिस, स्वास्थ्य तथा स्वच्छता कर्मी आवश्यक रूप से मास्क और ग्लव्स का प्रयोग करें। कंटेनमेन्ट जोन में पी0पी0ई0 किट का प्रयोग अनिवार्य रूप से किया जाए।

बैठक में चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव आर0के0 तिवारी, पुलिस महानिदेशक हितेश सी0 अवस्थी, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार, अपर मुख्य सचिव एम0एस0एम0ई0 एवं सूचना नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री एस0पी0 गोयल, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, अपर मुख्य सचिव नगर विकास रजनीश दुबे, अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज एवं ग्राम्य विकास मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा आलोक कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं सूचना संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार, पुलिस आयुक्त लखनऊ डी0के0 ठाकुर, मण्डलायुक्त लखनऊ रंजन कुमार, राहत आयुक्त रणवीर प्रसाद, सचिव चिकित्सा शिक्षा गौरीशंकर प्रियदर्शी, जिलाधिकारी लखनऊ अभिषेक प्रकाश सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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