किसानों ने ठुकराया सिंचाई विभाग के अधिकारियों का आश्वासन

झाँसी।
सिंचाई विभाग के मुख्यालय परिसर बेतवा भवन पर चल रहे किसान आंदोलन के चौथे दिन अधिशासी अभियंता सिद्धार्थ कुमार सिंह अपने अधीनस्थों ए ई. जे ई. जिलेदार के साथ किसानों से वार्ता हेतु धरना स्थल पर आए लेकिन उक्त अधिकारियों द्वारा 4 जनवरी 20 21 के बाद लगभग ढाई महीने मैं पूर्व दिए गए किसानों को 15 दिन में समस्या समाधान के आश्वासन के संदर्भ में क्या कार्यवाही की गई। इसका कोई जवाब नहीं दे पाए..क्योंकि 15 दिन की कह कर अधिकारियों द्वारा अभी तक किसी भी समस्या का कोई भी कार्यवाही नहीं की गई है।
जब किसानों की जायज समस्याओं की गंभीरता को समझते हुए जिला अधिकारी समेत सिंचाई विभाग के तमाम आला अधिकारियों ने समस्याओं को शीघ्र निस्तारण करने हेतु अधिशासी अभियंता को निर्देशित किया था। किसानों की समस्या का निस्तारण ना होने में अधिशासी अभियंता की मुख्य भूमिका है उन्हें अधिशासी अभियंता के द्वारा दिए जा रहे आश्वासन को किसानों ने हास्य पद करार देकर ठुकरा दिया। अधिकारियों को स्पष्ट कह दिया कि किसान अब समस्याओं के समाधान होने पर ही आंदोलन समाप्त करेंगे। भले ही किसानों को कोई भी कीमत चुकानी पड़े क्योंकि हम भीख नहीं अपने अधिकार मांग रहे हैं और अधिकार भी समझ ले कि हमें अधिकार मांगना ही नहीं छीना भी आता है।
किसान नेता गौरीशंकर विदुआ के साथ विजय कुमार कर्ण, राम जी सिंह जादौन, नारायण लल्ला प्रकाश दादा मंगल सिंह यादव, देवी सिंह कुशवाहा शिरोमणि सिंह राजपूत, अमर सिंह, पप्पू पाल, मुन्ना चौधरी आदि आंदोलन में शामिल रहे।








