मण्डलायुक्त रंजन कुमार ने मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के सम्बन्ध प्रेसवार्ता की

लखनऊ।
मण्डलायुक्त रंजन कुमार द्वारा आज मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के सम्बन्ध में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। उन्होनें बताया कि ’बसन्त पंचमी’ के शुभ अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा ’मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना’ का शुभारम्भ किया जायेगा। योजना के सम्बन्ध में विस्तृत दिशा-निर्देश मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन, समाज कल्याण अनुभाग-3 के शासनादेश संख्या-16/2021/509/ 26-3-2021-1514/2016 दिनांक 06 फरवरी, 2021 द्वारा जारी किया गया है। इस योजना का उद्देश्य प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं जैसेः- सिविल सेवा, जे0ई0ई0, नीट, एन0डी0ए0, सी0डी0एस0 इत्यादि हेतु निजी क्षेत्र में प्रशिक्षण व्यवस्थाओं में संशाधनों की कमी से ग्रामीण क्षेत्र तथा निर्बल आय के परिवारों के बच्चे प्रतिभावान, मेधावी व लगनशील एवं परिश्रमी होते हुए भी इन परिक्षाओं के गुणवत्तापरक तैयारी नही कर पाते, जिससे इनके प्रतिभाओं का समुचित निखार नही हो पाता। ऐसे सभी युवाओं के मार्ग दर्शन के लिए राजकीय क्षेत्र में भी परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केन्द्रों की स्थापना हो, के लिए अभ्युदय योजना का प्रारम्भ किये जाने का निर्णय माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश द्वारा लिया गया है।

लोक कल्याणकारी राज्य में प्रदेश के दूरस्थ अंचलों स्थित छात्र/छात्राओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के सम्बन्ध में समुचित मार्ग दर्शन देकर उनके उत्थान की दिशा में सार्थक प्रयास करने हेतु राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक मण्डल मुख्यालय में मण्डलायुक्त की देख-रेख में मण्डलीय मार्ग दर्शन एवं निःशुल्क परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केन्द्र सभी वर्गाें हेतु संचालित किये जायेंगे। इस योजना का उद्देश्य निम्नलिखित प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उच्च स्तरीय मार्ग दर्शन तथा परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है:-

1- संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाएं।
2- उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग/अधीनस्थ सेवा चयन आयोग/अन्य भर्ती बोर्ड/संस्थाओं द्वारा आयोजित परीक्षाएं आदि।
3- एन0टी0ए0 आयोजित जे0ई0ई0 (मेन्स) एवं नीट की परीक्षाएं।
4- एन0डी0ए0, सी0डी0एस0, अन्य सैन्य सेवायें, अर्द्ध सैनिक/केन्द्रीय पुलिस बल की भर्ती सम्बन्धी, बैंकिंग पी0ओ0, एस0एस0सी0, बी0एड0, टी0ई0टी0 तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षा आदि।
5- संघ लोक सेवा आयोग/उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षायें एवं साक्षात्कार।

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के क्रियान्वयन के लिए अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, समाज कल्याण विभाग की अध्यक्षता में 06 सदस्यीय राज्य स्तरीय समिति तथा मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में 12 सदस्यीय मण्डलीय समिति का गठन किया गया है। राज्य स्तरीय समिति कन्टेन्ट तथा पठन-पाठन सामग्री इत्यादि हेतु अपनी आवश्यतानुसार विषेशज्ञों को आमंत्रित करेगी। समिति द्वारा शिक्षण कलेण्डर बनाना व विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से सम्बन्धित सामग्री (सभी माध्यमों से यथा-वीडियो आदि) तैयार कराने का कार्य किया जायेगा।

मण्डलायुक्त द्वारा योजना के संचालन हेतु समुचित कर्मचारी (कोर्स को-आर्डिनेटर के अलावा) आउटसोर्सिंग के माध्यम से रखे जा सकेंगे।

इन कक्षाओं में प्रतिभाग करने के लिए इच्छुक अभ्यर्थियों द्वारा राज्य स्तरीय लर्निंग प्लेटफार्म पर पंजीकरण कराया जायेगा। पंजीकृत छात्रों को कक्षाओं की समय-सारणी एवं वर्चुअल लिंक उपलब्ध करायी जायेगी। साक्षात कक्षा, वर्चुअल कक्षा एवं वेबीनार प्रतिदिन आयोजित की जायेगी तथा आनलाईन प्लेटफार्म पर भी उपलब्ध होगी।
प्रत्येक वर्ष में एक बार उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबन्धन अकादमी (उपाम) द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार सम्बन्धित कोर्स में प्रतिभाग से पूर्व अभ्यर्थियों की आवश्यकतानुसार एक पात्रता परीक्षा आयोजित/चयन प्रक्रिया निर्धारित की जायेगी, जिसके द्वारा अभ्यर्थियों का चयन किया जायेगा।

चयनित छात्रों को योजनान्तर्गत मार्ग दर्शन हेतु कक्षाओं में राज्य सरकार में कार्यरत आई0ए0एस0, आई0पी0एस0, भारतीय वन सेवा, पी0सी0एस0, पी0पी0एस0 संवर्ग एवं अन्य संवर्ग के अधिकारियों/ सेवानिवृत्त अधिकारियों, विषयवस्तु विषेशज्ञों के द्वारा सहायता उपलब्ध करायी जायेगी। इस हेतु राज्य/मण्डल स्तर पर स्थित विश्वविद्यालयों, विभिन्न विशयों के संस्थानों, महाविद्यालयों में वस्तु विषय विषेशज्ञों को इम्पैनल किया जायेगा तथा उनके माध्यम से साक्षात कक्षायें आयोजित की जायेंगी एवं साथ-साथ राज्य स्तरीय ई-लर्निंग प्लेटफार्म के माध्यम से भी उच्च कोटि के विषय विषेशज्ञों की वर्चुअल कक्षायें आयोजित करायी जायेगी। उन्होंने बताया कि इस योजना के लिए 10 फरवरी 2021 से पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू होगी।

Related Articles

Back to top button
btnimage