युवाओं को सिर्फ अपना घर ही नहीं ये देश भी चलाना है : डॉ इंद्रेश

आरएसएस के विद्यार्थी विभाग ने स्वामी विवेकानंद के जीवन चरित्र को केंद्र में रख कर युवा महोत्सव के नाम से एक कार्यक्रम श्रीजी बाबा विद्यालय में किया। जिसके मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के डॉ इंद्रेश रहे। डॉ इंद्रेश ने महोत्सव में युवाओं को संबोधित करते हुऐ कहा कि युवाओं को अपनी क्षमता और ज्ञान में निरंतर विकास करते रहना चाहिए क्योंकि क्षमता और ज्ञान ही तय करते हैं कि मौष्य कितनी प्रगति करेगा, उन्होंने आगे कहा कि युवा उम्र तो ऐसी आयु अवस्था है, जो कठिन कठिन से कार्य को भी अपनी क्षमता से सरल बना देती है अतः युवाओं को कभी भी आसान रास्ता नहीं चुनना चाहिये।

उन्होंने स्वामी विवेकानंद के ऊपर बोलते हुए कहा कि स्वामी जी कोई साधारण मनुष्य नहीं थे, वे तो शिव के आशीर्वाद से जन्मे दुर्लभ नक्षत्र का रुप थे। विद्यार्थियों को स्वामी जी की तरह दृढ़ निश्चयी होना चाहिए।

उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि अगर आपको अपना घर चलाना है तो समझौतावादी होना होगा पर अगर आपको देश और समाज चलाना है तो समझौतावादी व्यक्तित्त्व से बाहर निकलना होगा और अपने संकल्प के लिए दृढ़ निश्चयी होना होगा जिससे कि संकल्प सिद्ध हो सके।

उन्होंने आगे कहा कि जीवन का ध्येय केवल रोजी रोटी कमाना नहीं होना चाहिए, ध्येय तो इतना बड़ा होना चाहिए कि उसके पूरा करने के पीछे सम्पूर्ण जीवन व्यतीत हो जाये, अपनी रोजी-रोटी और भरण पोषण तो अपने ध्येय तक जाने की एक सीढ़ी भर हैं।

युवाओं को स्वामी विवेकानंद को आदर्श मानते हुए यह विचार मन मे रखना चाहिए कि इस संपूर्ण पृथ्वी पे रहने वाले सभी मनुष्य हमारे भाई बहन हैं, इसीलिए युवाओं को समाज में शांति स्थापित करने के लिए सदैव प्रयास करते रहना चाहिए, और शांति केवल शक्ति से ही संभव है, इसीलिए युवाओं को अपनी शक्ति संचयन और वर्धन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि युवाओं को चुनोतियों से हारना या परेशान नहीं होना चाहिए, उन्हें तो उनका स्वागत करना चाहिए।

जब विवेकानंद ने सन्यास लिया, उस समय उनके घर की परिस्थितियां अनुकूल नहीं थी, फिर भी उन्होंने देश के लिये विचार करते हुए अपना जीवन माँ भारती के चरणों मे समर्पित कर दिया था। अंत में उन्होंने युवाओं से अखंड भारत के लिए संकल्प करवाया।

कार्यक्रम के अध्यक्ष के एम मेडिकल कॉलेज के चेयरमेन किशन चौधरी ने कहा कि ये कार्यक्रम अपनी तरह का पहला कार्यक्रम है और आज के समय मे जब युवा वर्ग सबसे ज्यादा भटक रहा है तब ऐसे और कार्यक्रमों की आवश्यकता है जो युवा वर्ग को भटकने से रोके और उन्हें राष्ट्र निर्माण में सहयोगी बनाये।

कार्यक्रम की शुरुआत संघ के गीतों से हुई तत्पश्चात एकलगीत गोविंदबिहारी ने कराया व मंच का संचालन महानगर विद्यार्थी प्रमुख तेजस्व ने किया। कार्यक्रम में आठ सौ से अधिक युवाओं ने भाग लिया।

कार्यक्रम में सर्व श्री डॉ संजय, संघचालक लक्ष्मीनारायण, प्रधानाचार्य राजीव गुप्ता, संयोजक मोहनदास, वेदांत, अनन्त, दुष्यंत, राजेश, श्रीराम, रवि, योगेश, पवन, दक्ष शिवम चौहान आदि उपस्थित थे।

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