UPCM योगी ने प्रदेश में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था के सम्बन्ध में समीक्षा की

लखनऊ (20 जून, 2019)। UPCM योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन में प्रदेश में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था के सम्बन्ध में गृह विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बालिकाओं, महिलाओं के प्रति अपराध को सख्ती से रोके जाने और अपराधियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई किए जाने के भी निर्देश देते हुए कहा कि इस सम्बन्ध में एक माह के अंदर कार्य योजना बनाकर और सख्ती अपनायी जाए। गम्भीर अपराधों और बालिकाओं/महिलाओं के प्रति घटित अपराधों में सख्त कार्रवाई करते हुए ऐसे मामलों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से अपराधी को शीघ्र सजा दिलवायी जाए। उन्होंने कहा कि महिला एवं नाबालिग बच्चों के साथ होने वाले अपराधों को पुलिस अपनी संवेदनशीलता, सक्रियता एवं सजगता से रोक सकती है। मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने, अपराधों और भ्रष्टाचार के मामलों में तेजी से कार्रवाई करते हुए दोषियों को दण्डित करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा है कि अपराध और भ्रष्टाचार के मामलों में वर्तमान राज्य सरकार की जीरो टाॅलरेन्स की नीति है। उन्होंने पुलिस को अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखने में आधुनिक तकनीक का प्रयोग करते हुए आम जन के साथ सहयोग, मानवीय और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था में सुधार आंकड़ों के आधार पर नहीं, बल्कि आम जन में सुरक्षा के एहसास के आधार पर तय किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून का राज सरकार की प्राथमिकता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि जो पुलिस कर्मी अपराधियों से संलिप्त हैं, उन्हें चिन्हित कर कार्रवाई की जाए। यह कार्रवाई सभी स्तर पर हो। उन्होंने बाइक पर सवार अपराधियों द्वारा अपराध किए जाने पर भी सख्त कार्रवाई किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि जो पुलिस कर्मी या अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में अपराधों को रोक सकने में अक्षम हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। UPCM ने कहा कि अदालत से सम्बन्धित मामलों में भी प्रभावी पैरवी करते हुए अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलवायी जाए। फास्ट ट्रैक कोर्ट से सम्बन्धित मामलों में तेजी लाते हुए निर्धारित समयावधि में अपराधियों को दण्डित करवाया जाए। पुलिस अधिकारियों को घटना स्थल और फील्ड का दौरा करते हुए शीघ्र कार्रवाई किए जाने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जनपद में बालिकाओं/किशोरियों के प्रति अपराध नियंत्रण और यातायात के सम्बन्ध में 25 से 30 जून, 2019 के बीच बैठक की जाएगी, जिसमें शिक्षा विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। इन बैठकों में पुलिस अधिकारियों की सक्रिय भूमिका होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बालिकाओं/महिलाओं की सुरक्षा को लेकर संवेदनशील है। महिलाओं के प्रति अपराध पर नियंत्रण के लिए ‘एण्टी रोमियो स्क्वाॅयड’ को निरन्तर प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।
UPCM योगी ने कहा कि अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था के सम्बन्ध में पुलिस अधिकारियों द्वारा साप्ताहिक या पाक्षिक समीक्षा की जाए और प्रभावी अनुश्रवण करते हुए कार्रवाई की जाए। पुलिस अधिकारी जोन, रेंज और जनपद स्तर पर निरन्तर भ्रमण करें। प्रत्येक जनपद में ट्रैफिक का सुचारू रूप से संचालन किए जाने के भी निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए। उन्होंने कहा कि थाना स्तर पर टाॅप टेन की सूची के आधार पर सम्बन्धित अपराधियों के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि छेड़खानी, लूट, हत्या, बलात्कार सम्बन्धी अपराधों पर पुलिस शीघ्र कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि जेलों के भीतर से आपराधिक गतिविधियां संचालित न हो सकें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पुलिस विभाग को अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के उद्देश्य से कानून के दायरे में कार्य करने की पूरी फ्रीडम दी गई है। इस फ्रीडम का यह तात्पर्य नहीं है कि पुलिस के लोग आम जनता की भावनाओं से खिलवाड़ करें। पुलिस हर हाल में यह सुनिश्चित करे कि आम आदमी की पूरी सुनवाई हो और उसके साथ त्वरित गति से न्याय हो। उन्होंने कहा कि पुलिस अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखे, ताकि अपराध घटित न हो और यदि घटित हो तो अपराधी के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि आंकड़ों से अपराध नियंत्रित नहीं होते हैं। कानून-व्यवस्था और अपराधियों की गतिविधि की माइक्रो माॅनीटरिंग की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ही जनपद में लगातार एक ही प्रकृति के अपराधों की पुनरावृत्ति यह प्रदर्शित करती है कि वहां पर कानून-व्यवस्था लचर है। ऐसे में फुट पेट्रोलिंग और निगरानी के माध्यम से स्थिति को सुधारा जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपराधों और कानून-व्यवस्था के सम्बन्ध में कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने पुलिस भर्ती में पूरी पारदर्शिता लाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस को मीडिया के सामने सही तथ्य लाने चाहिए। अधिकारी पूरी तैयारी और जिम्मेदारी के साथ मीडिया ब्रीफिंग करे। मुख्यमंत्री ने विधान सभा, सचिवालय और लोक भवन की सुरक्षा के सम्बन्ध में समीक्षा करते हुए कहा कि 01 माह के अंदर सुरक्षा सम्बन्धी रिपोर्टों के आधार पर कार्य योजना बनाकर लागू करें। उन्होंने कहा कि अग्निशमन के सम्बन्ध में कार्ययोजना के आधार पर उपकरणों आदि की व्यवस्था करते हुए कार्रवाई की जाए। बैठक में मुख्य सचिव डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय, पुलिस महानिदेशक ओ.पी. सिंह, अपर मुख्य सचिव सूचना अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल, प्रमुख सचिव गृह अरविन्द कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल, सूचना निदेशक शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो पुलिस कर्मी अपराधियों से संलिप्त हैं, उन्हें चिन्हित कर कार्रवाई की जाए। यह कार्रवाई सभी स्तर पर हो। उन्होंने बाइक पर सवार अपराधियों द्वारा अपराध किए जाने पर भी सख्त कार्रवाई किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि जो पुलिस कर्मी या अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में अपराधों को रोक सकने में अक्षम हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।
UPCM ने कहा कि अदालत से सम्बन्धित मामलों में भी प्रभावी पैरवी करते हुए अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलवायी जाए। फास्ट ट्रैक कोर्ट से सम्बन्धित मामलों में तेजी लाते हुए निर्धारित समयावधि में अपराधियों को दण्डित करवाया जाए। पुलिस अधिकारियों को घटना स्थल और फील्ड का दौरा करते हुए शीघ्र कार्रवाई किए जाने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जनपद में बालिकाओं/किशोरियों के प्रति अपराध नियंत्रण और यातायात के सम्बन्ध में 25 से 30 जून, 2019 के बीच बैठक की जाएगी, जिसमें शिक्षा विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। इन बैठकों में पुलिस अधिकारियों की सक्रिय भूमिका होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बालिकाओं/महिलाओं की सुरक्षा को लेकर संवेदनशील है। महिलाओं के प्रति अपराध पर नियंत्रण के लिए ‘एण्टी रोमियो स्क्वाॅयड’ को निरन्तर प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।
UPCM योगी ने कहा कि अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था के सम्बन्ध में पुलिस अधिकारियों द्वारा साप्ताहिक या पाक्षिक समीक्षा की जाए और प्रभावी अनुश्रवण करते हुए कार्रवाई की जाए। पुलिस अधिकारी जोन, रेंज और जनपद स्तर पर निरन्तर भ्रमण करें। प्रत्येक जनपद में ट्रैफिक का सुचारू रूप से संचालन किए जाने के भी निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए। उन्होंने कहा कि थाना स्तर पर टाॅप टेन की सूची के आधार पर सम्बन्धित अपराधियों के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि छेड़खानी, लूट, हत्या, बलात्कार सम्बन्धी अपराधों पर पुलिस शीघ्र कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि जेलों के भीतर से आपराधिक गतिविधियां संचालित न हो सकें।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पुलिस विभाग को अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के उद्देश्य से कानून के दायरे में कार्य करने की पूरी फ्रीडम दी गई है। इस फ्रीडम का यह तात्पर्य नहीं है कि पुलिस के लोग आम जनता की भावनाओं से खिलवाड़ करें। पुलिस हर हाल में यह सुनिश्चित करे कि आम आदमी की पूरी सुनवाई हो और उसके साथ त्वरित गति से न्याय हो। उन्होंने कहा कि पुलिस अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखे, ताकि अपराध घटित न हो और यदि घटित हो तो अपराधी के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि आंकड़ों से अपराध नियंत्रित नहीं होते हैं। कानून-व्यवस्था और अपराधियों की गतिविधि की माइक्रो माॅनीटरिंग की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ही जनपद में लगातार एक ही प्रकृति के अपराधों की पुनरावृत्ति यह प्रदर्शित करती है कि वहां पर कानून-व्यवस्था लचर है। ऐसे में फुट पेट्रोलिंग और निगरानी के माध्यम से स्थिति को सुधारा जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपराधों और कानून-व्यवस्था के सम्बन्ध में कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने पुलिस भर्ती में पूरी पारदर्शिता लाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस को मीडिया के सामने सही तथ्य लाने चाहिए। अधिकारी पूरी तैयारी और जिम्मेदारी के साथ मीडिया ब्रीफिंग करे।
मुख्यमंत्री ने विधान सभा, सचिवालय और लोक भवन की सुरक्षा के सम्बन्ध में समीक्षा करते हुए कहा कि 01 माह के अंदर सुरक्षा सम्बन्धी रिपोर्टों के आधार पर कार्य योजना बनाकर लागू करें। उन्होंने कहा कि अग्निशमन के सम्बन्ध में कार्ययोजना के आधार पर उपकरणों आदि की व्यवस्था करते हुए कार्रवाई की जाए।
बैठक में मुख्य सचिव डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय, पुलिस महानिदेशक ओ.पी. सिंह, अपर मुख्य सचिव सूचना अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल, प्रमुख सचिव गृह अरविन्द कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल, सूचना निदेशक शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।








