UPCM ने सौभाग्य और उजाला योजना कार्यक्रमों की प्रगति एवं मजरों के विद्युतीकरण कार्य की समीक्षा की

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने सौभाग्य योजना के तहत 31 दिसम्बर, 2018 तक हर घर को विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विद्युतीकरण को बढ़ावा देने और पर्याप्त ऊर्जा की उपलब्धता के लिए लगातार कार्य कर रही है और 31 दिसम्बर, 2018 तक प्रदेश के सभी घरों में विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विद्युत कार्याें में गुणवत्ता के साथ-साथ विद्युत चोरी और लाइन लाॅसेस को कम करने के भी निर्देश दिए।

UPCM ने लोक भवन में सौभाग्य और उजाला योजना कार्यक्रमों की प्रगति एवं मजरों के विद्युतीकरण कार्य की समीक्षा की। उन्होंने सौभाग्य योजना के तहत विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने और मजरों के विद्युतीकरण के सम्बन्ध में और तेजी लाए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी कार्यदायी संस्थाएं और जिलाधिकारी को निर्देशित कर सौभाग्य योजना के तहत शत-प्रतिशत लक्ष्य को समयबद्ध ढंग से हासिल किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार को विद्युत संयोजन और शत-प्रतिशत विद्युतीकरण के लिए टीम भावना के साथ प्रभावी कार्य किया जाए।

UPCM लोक भवन में सौभाग्य और उजाला योजना कार्यक्रमों की प्रगति एवं मजरों के विद्युतीकरण कार्य की समीक्षा करते हुए
UPCM लोक भवन में सौभाग्य और उजाला योजना कार्यक्रमों की प्रगति एवं मजरों के विद्युतीकरण कार्य की समीक्षा करते हुए

UPCM ने कहा कि जनपदों, तहसीलों, ब्लाॅकों, गांवों एवं मजरों में विद्युत संयोजन के लक्ष्य को शत-प्रतिशत हासिल करने पर वहां जनप्रतिनिधियों के साथ कार्यक्रम आयोजित कर इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। सौभाग्य योजना के लिए जागरूकता बढ़ाई जाए। LED स्क्रीनयुक्त वाहनों और सौभाग्य रथ का संचालन किया जाए। 26 जनवरी, 2019 को संयोजन एवं विद्युतीकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने के उपलक्ष्य में समारोह आयोजित किए जाएं। उन्होंने योजनावार मजरों के विद्युतीकरण की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की।

UPCM ने उजाला योजना के तहत LED बल्बों के वितरण के लक्ष्य को प्राप्त करने के निर्देश देते हुए कहा कि इस योजना से प्रदेश में अधिकतम विद्युत मांग में 624 मेगावाॅट की कमी आयी है, जिससे राजस्व की बचत हुई है। उन्होंने कहा कि LED बल्बों के वितरण में आ रही कठिनाइयों को दूर करते हुए जनसाधारण तक इन बल्बों के वितरण की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

प्रमुख सचिव ऊर्जा आलोक कुमार ने सौभाग्य योजना के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए UPCM को अवगत कराया कि पश्चिमांचल के गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, हापुड़, बागपत, शामली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, रामपुर और सम्भल जनपद संतृप्त किए जा चुके हैं। पश्चिमांचल के 14 जनपदों में से शेष 5 जनपदों का संतृप्तीकरण माह अक्टूबर, 2018 में किए जाने का लक्ष्य है। दक्षिणांचल के कुल 21 जनपदों में से 6 जनपद माह अक्टूबर, 2018 में और शेष 15 जनपद माह नवम्बर, 2018 में संतृप्तीकरण का लक्ष्य है। मध्यांचल एवं पूर्वांचल में कार्य की अधिकता होने के कारण एक से अधिक कार्यदायी संस्थाओं को आबद्ध कर कार्य शीघ्र पूरा कराने का युद्धस्तर पर प्रयास किया जा रहा है।

प्रमुख सचिव ने बताया कि सौभाग्य योजना के तहत अब तक उत्तर प्रदेश में कुल 70 लाख संयोजन निर्गत किए गए हैं। कुल 35 लाख लक्षित अवैध संयोजनों में से लगभग 23 लाख संयोजन नियमित किए जा चुके हैं। संयोजनों के नियमितीकरण और विद्युत चोरी बाहुल्य जनपदों में चयनित गांवों में विशेष मेगा शिविरों का आयोजन किया जाने की योजना बनायी गयी है।

UPCM को मजरों के विद्युतीकरण के सम्बन्ध में अवगत कराया गया कि दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना के तहत 74,602 मजरों का विद्युतीकरण किया गया है तथा सौभाग्य योजना के तहत 16,759 मजरे विद्युतीकृत किए गए हैं। उजाला योजना के तहत 2.52 करोड़ LED बल्ब वितरित किए जा चुके हैं। उजाला के दूसरे चरण में उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है।

इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा, प्रमुख सचिव ऊर्जा आलोक कुमार सहित सभी सम्बन्धित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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