CM योगी की मौजूदगी में JJM 2.0 का MoU साइन, हर घर नल से जल को मिलेगा रफ्तार
केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री और उ0प्र0 के मुख्यमंत्री की उपस्थिति में आज वर्चुअल माध्यम से जल जीवन मिशन 2.0 के अन्तर्गत केन्द्र सरकार और उ0प्र0 सरकार के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए

केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी0आर0 पाटील और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में आज वर्चुअल माध्यम से जल जीवन मिशन (जे0जे0एम0) 2.0 के अन्तर्गत केन्द्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच समझौता ज्ञापन (एम0ओ0यू0) पर हस्ताक्षर किए गए। ज्ञातव्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की पहुंच को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के अन्तर्गत यह समझौता, मिशन के अगले चरण की औपचारिक शुरुआत है, जिसे हाल ही में केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हर घर नल से जल’ के लक्ष्य को जमीन पर उतारने की दिशा में यह समझौता एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे जलापूर्ति योजनाओं को और बेहतर नियोजन, समयबद्धता और परिणामों के साथ लागू किया जा सकेगा। इसका सीधा लाभ ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल के रूप में मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने इसे केन्द्र और राज्य के बेहतर समन्वय का उदाहरण बताते हुए कहा कि इससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुदृढ़ होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अंतिम व्यक्ति तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का संकल्प अब तेजी से साकार हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने पेयजल व्यवस्था में आए बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में पहले जहां सीमित गांवों तक ही पाइप पेयजल की सुविधा थी, वहीं आज हजारों गांवों में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। जिन क्षेत्रों में कभी दूषित पानी के कारण गम्भीर बीमारियां आम थीं, वहां अब हालात तेजी से सुधरे हैं। विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस जैसी समस्या पर नियंत्रण में स्वच्छता और पेयजल योजनाओं की अहम भूमिका रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का फोकस केवल कनेक्शन देने तक सीमित नहीं है, बल्कि योजनाओं के दीर्घकालिक संचालन और रखरखाव पर भी बराबर ध्यान दिया जा रहा है। वर्तमान में बड़ी संख्या में गांवों में जलापूर्ति के साथ-साथ अनुरक्षण व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। जो योजना प्रारम्भ में सीमित क्षेत्रों तक थी, उसे अब उन सभी गांवों तक विस्तारित किया गया है जहां पाइप पेयजल की सुविधा नहीं थी। बुन्देलखण्ड और विन्ध्य जैसे क्षेत्रों में, जहां कभी पानी की गम्भीर किल्लत थी, आज घर-घर नल से जल पहुंच रहा है।
केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी0आर0 पाटील ने कहा कि जल जीवन मिशन के अन्तर्गत किए जा रहे कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोपरि होनी चाहिए। उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि सभी परियोजनाएं टिकाऊ और दीर्घकालिक उपयोग को ध्यान में रखकर लागू की जाएं। यह समझौता न केवल पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ करेगा, बल्कि ग्रामीण जीवन स्तर, स्वास्थ्य और शिक्षा पर भी सकारात्मक असर डालेगा।
इस अवसर पर केन्द्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री वी0 सोमन्ना, उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, सचिव पेयजल और स्वच्छता विभाग, भारत सरकार अशोक के0 मीणा, उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस0पी0 गोयल, अपर मुख्य सचिव नमामि गंगे, उत्तर प्रदेश अनुराग श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री, गृह एवं सूचना संजय प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।








