योगी सरकार की पहल से प्रेरणा मार्ट बने महिला उद्यमियों का बाजार, 65 दुकानों के जरिए ग्राहकों तक पहुंच रहे स्थानीय उत्पाद
पूजा की जरूरी सामग्री एक पैक में उपलब्ध, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार और आमदनी बढ़ाने का अवसर

वाराणसी, 13 अक्टूबर 2026
एक तरफ घर-घर मां दुर्गा के जयकारे गूंज रहे हैं, दूसरी तरफ मुर्दहा गांव में कुछ महिलाओं के हाथ चुनरी सहेज रहे हैं, रोली तौल रहे हैं, हवन सामग्री बांध रहे हैं। पहले जिनकी दुनिया घर की चौखट तक सिमटी थी, आज उनके बनाए पूजा कॉम्बो पैक वाराणसी के बाजार में पहुंच रहे हैं। हरहुआ ब्लॉक की ग्राम पंचायत मुर्दहा में माहेश्वरी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं नवरात्र की मांग को आजीविका के अवसर में बदल रही हैं। मां की चुनरी से लेकर हवन-पूजन की जरूरी सामग्री तक एक ही पैक में उपलब्ध है। नौ दिन शक्ति की उपासना हो रही है और ये महिलाएं उसी शक्ति को अपने हुनर और हौसले से जमीन पर उतार रही हैं।
एक पैक में पूरी पूजा, हर पैक में महिलाओं की मेहनत
माहेश्वरी स्वयं सहायता समूह की निहारिका देवी और सीमा देवी अपने समूह की अन्य महिलाओं के साथ सुबह से ही काम में जुट जाती हैं। कोई चुनरी सहेजती है, कोई रोली और चंदन तौलती है, तो कोई सिंदूर, अक्षत, धूप, कपूर, कलावा और हवन सामग्री को करीने से पैक करती है। इन सबको मिलाकर बनता है नवरात्र का पूजा कॉम्बो पैक। इस पैक की खासियत यह है कि भक्त को पूजा की तैयारी के लिए बाजार में भटकना नहीं पड़ता। जो चाहिए, सब एक जगह मिल जाता है। नवरात्र जैसे त्योहारों पर पूजा सामग्री की मांग बढ़ जाती है। समूह की महिलाओं ने इसी मांग को अवसर में बदल दिया है।
65 प्रेरणा मार्ट बने महिला उद्यमियों का बाजार
उत्पाद बन जाने के बाद असली चुनौती उसे सही ग्राहक तक पहुंचाने की होती है और इसका जवाब बने हैं प्रेरणा मार्ट। योगी सरकार की महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने की पहल के तहत ये मार्ट स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध करा रहे हैं। उपायुक्त (स्व रोजगार) पवन कुमार सिंह के अनुसार वाराणसी के आठ ब्लॉकों में आठ-आठ प्रेरणा मार्ट संचालित हैं। जिला मुख्यालय पर एक मार्ट अलग है। इस तरह जिले में कुल 65 प्रेरणा मार्ट हैं, जिनका संचालन स्वयं सहायता समूह की महिलाएं ही करती हैं।
उत्पादक से उद्यमी तक का सफर
ब्लॉक मिशन मैनेजर पूजा तिवारी बताती हैं कि प्रेरणा मार्ट के माध्यम से महिलाएं केवल उत्पाद तैयार करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनकी बिक्री और विपणन से भी जुड़ रही हैं। इससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ रहा है और वे अपनी पहचान उद्यमी के रूप में बना रही हैं। नवरात्र में हम देवी के नौ रूपों की उपासना करते हैं और ये महिलाएं उसी शक्ति का व्यावहारिक रूप दिखा रही हैं। वे परिवार को संभालती हैं, समूह में मिलकर काम करती हैं और बाजार में अपने उत्पाद की पहचान गढ़ती हैं। मुर्दहा की ये महिलाएं हर पैक के साथ यही संदेश दे रही हैं कि शक्ति की सच्ची आराधना अपने हुनर पर भरोसा करना है।








