बेटियों की सुरक्षा में सेंध लगाई तो जेल या जहन्नुम में से एक चुनना होगा : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी ने पिंडरा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कामकाजी महिला सम्मान समारोह को संबोधित किया

पहले घर से निकलने में डरती थीं बेटियां, अब सवाल है उन्हें कहां तक जाना है
नौ साल में महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी 12 से बढ़कर 36 फीसदी हुई
50 हजार मेधावी छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना से जोड़ेगी सरकार
प्रोजेक्ट गंगा में चार हजार महिला डिजिटल उद्यमी होंगी तैयार
नारी अब केवल परिवार की नहीं, प्रदेश और देश की आर्थिक शक्ति भी बनेगी
वाराणसी, 9 सितंबर 2026
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों के लिए उत्तर प्रदेश में केवल दो जगह हैं, जेल या जहन्नुम। नौ वर्ष पहले परिवारों के सामने सवाल था कि बेटी घर से बाहर कैसे निकलेगी और सुरक्षित लौटेगी या नहीं। आज सवाल बदल गया है। अब बेटी के सामने सवाल है कि उसे कहां तक जाना है। जहां उसके सपने ले जाएं, वह वहां तक जाने की तैयारी करे, डबल इंजन की सरकार उसके साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने बुधवार को पिंडरा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कामकाजी महिला सम्मान समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल नारों से नहीं होगा, उसका एहसास जमीन पर होना चाहिए। पिछले नौ वर्षों में सरकार ने पहले डर हटाया, फिर बेटी को पढ़ाया, उसे हुनर दिया, रोजगार से जोड़ा और अब आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। यह घर की चौखट से अवसर, अवसर से आत्मविश्वास और आत्मविश्वास से आत्मनिर्भरता तक पहुंचने की यात्रा है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले बेटी को स्कूल भेजने पर परिवार को उसकी सुरक्षा की चिंता रहती थी। घर में शौचालय नहीं था तो सम्मान की चिंता, रसोई में धुआं था तो स्वास्थ्य की चिंता और इलाज के लिए पैसे की चिंता थी। महिला घर से निकलकर कुछ करना चाहती थी तो रास्ते, कनेक्टिविटी और अवसर की चिंता सामने होती थी। सरकार ने इन बाधाओं को एक-एक कर दूर किया है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि महिला सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए गए। महिला बीट पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई और 1090 व 181 जैसी व्यवस्थाओं को सुरक्षा से जोड़ा गया। वर्ष 2017 में प्रदेश पुलिस में करीब 10 हजार महिला पुलिसकर्मी थीं, जिनकी संख्या अब 44 हजार हो गई है। नई भर्ती पूरी होने के बाद यह संख्या 50 हजार से अधिक हो जाएगी। तीन महिला पीएसी बटालियन भी बनाई जा रही हैं। इन्हें वीरांगना अवंती बाई लोधी, ऊदा देवी पासी और झलकारी बाई कोरी के नाम पर रखा गया है।
उन्होंने कहा कि बेटी के लिए रास्ते का मतलब केवल सड़क नहीं, बल्कि स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, बाजार, कार्यस्थल और उसके सपनों तक पहुंचने का रास्ता है। पिछले नौ वर्षों में हाईवे से एयरपोर्ट और रेलवे से मेट्रो तक कनेक्टिविटी का विस्तार हुआ है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गंगा और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे ने लोगों के लिए अवसरों तक पहुंच आसान की है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सरकार बेटी के जन्म से लेकर शिक्षा और आगे के जीवन तक उसके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में जन्म से स्नातक तक 25 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में पांच लाख से अधिक बेटियों की शादी हो चुकी है। कस्तूरबा गांधी विद्यालयों को अब 12वीं तक संचालित किया जाएगा। अटल आवासीय विद्यालयों में आधी सीटें बेटियों के लिए हैं और सैनिक स्कूलों में भी बेटियों के प्रवेश की व्यवस्था की गई है। बहुत जल्द स्नातक अंतिम वर्ष की 50 हजार मेधावी छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई के नाम पर स्कूटी योजना से जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी सरकार लगातार काम कर रही है। प्रोजेक्ट गंगा के तहत प्रदेश की आठ हजार न्याय पंचायतों में डिजिटल उद्यमी तैयार किए जाएंगे, जिनमें चार हजार महिलाएं होंगी। ये गांव में डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ रोजगार का अपना रास्ता भी तैयार करेंगी।
उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लखपति दीदी, ड्रोन दीदी और बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट सखी आर्थिक स्वावलंबन का उदाहरण बन रही हैं। प्रदेश में 28 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। पांच मिल्क प्रोड्यूसर संगठनों से चार लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। प्रदेश के 24 हजार से अधिक स्टार्टअप में करीब आधे का संचालन महिलाएं कर रही हैं। महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी पहले करीब 12 फीसदी थी, जो अब बढ़कर 36 फीसदी से अधिक हो गई है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कामकाजी महिलाओं के लिए लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के नाम पर श्रमजीवी छात्रावास बनाए जा रहे हैं। 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा भी दी गई है। उन्होंने कहा कि आधी आबादी को सुरक्षा के साथ सम्मान और आर्थिक स्वावलंबन देने का काम लगातार आगे बढ़ रहा है।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बहुत से लोग आएंगे, नई-नई घोषणाएं करेंगे और जातीय आधार पर समाज को बांटने का काम करेंगे, लेकिन किसी दुर्दांत माफिया पर कार्रवाई की बात आती है तो उनकी सिट्टी-पिट्टी गुम हो जाती है। हम वोट बैंक के लिए किसी माफिया के सामने गिड़गिड़ाने वालों में नहीं हैं। बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले गुंडे और माफिया को जेल या जहन्नुम में से एक चुनना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि गरीब परिवार में पैदा होने के कारण कोई बेटी पीछे नहीं रहेगी और पूंजी के अभाव में कोई महिला अपना सपना नहीं छोड़ेगी। अवसर सरकार देगी और महिलाएं अपने परिश्रम व सामर्थ्य से आगे बढ़ेंगी। लक्ष्य है कि आधी आबादी जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अपनी भागीदारी बढ़ाए। नारी अब केवल परिवार की शक्ति नहीं, बल्कि प्रदेश और देश की आर्थिक शक्ति भी बनेगी।
काशी के विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पिछले 12 वर्षों में काशी में एक लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं या तो पूरी हो चुकी हैं या उन पर काम चल रहा है। उन्होंने विधायक डॉ. अवधेश सिंह के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मुश्किल से 24 घंटे की तैयारी में इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी उत्साहित करने वाली है।








