UPCM ने गोरखपुर में पिपराइच चीनी मिल का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति को देखा

उत्तर प्रदेश (गोरखपुर)।
UPCM ने गोरखपुर में 384 करोड़ की लागत से बन रहे पिपराइच चीनी मिल का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति को देखा। इस दौरान चीनी मिल की डिजाइन को देखकर वहां कराये जा रहे कार्यों की भी जानकारी ली और निर्देश दिया कि सभी कार्यों को एक साथ कराया जाये और टाइमलाइन बनाकर कार्यों को पूरा करें।

UPCM ने कहा फरवरी 2019 से गोरखपुर की पिपराइच, बस्ती की मुंडेरवा और मेरठ की रमाला चीनी मिल शुरू हो जाएगी। UPCM गोरखपुर शनिवार को अपने दो दिवसीय दौरे पर और गोरखपुर में रहेंगे। UPCM ने ने कहा कि 20 वर्ष से बंद चीनी मिल के शुरू होने से गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज के 25 हजार किसान लाभान्वित होंगे। पिपराइच क्षेत्र के 282 गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष रूप से पांच हजार लोगों को रोजगार भी मिल जाएगा।
UPCM ने कहा कि पिपराइच चीनी मिल में बिजली उत्पादन भी किया जाएगा। 27 मेगावाट का बिजली प्लांट लगाया जा रहा है। एथेनाल प्लांट स्थापित किया गया है। एथेनाल 59 रुपये प्रति लीटर उपलब्ध रहेगा। इसे डीजल और पेट्रोल का विकल्प बनाने की कोशिश चल रही है। डिस्टिलरी यूनिट भी स्थापित की जा रही है, जो प्रदूषण रहित होगी।

UPCM ने कहा पिपराइच चीनी मिल आधुनिक सुविधा-संसाधनों से लैस होगी। इसके जरिए सल्फर रहित चीनी तैयार की जाएगी। चीनी मिल के लिए 10 लाख कुंतल गन्ने की जरूरत पड़ेगी। एक दिन में 50 हजार टन चीनी तैयार की जा सकेगी। बाद में क्षमता बढ़ाकर 75 हजार, फिर एक लाख टन की जाएगी। मुंडेरवा चीनी मिल भी समय से चालू की जाएगी। UPCM ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी।
UPCM ने कहा 25 नवंबर तक उत्तर प्रदेश की सभी 119 चीनी मिल चालू हो जाएं ताकि गन्ना किसानों को किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।








