UPCM कानपुर में आयोजित IMLDAP-2017 कार्यक्रम में शामिल हुए

उत्तर प्रदेश (कानपुर)।
UPCM ने आज कानपुर स्थित एलन हाउस में आयोजित चमड़ा एवं फुट वियर क्षेत्र के उद्यमियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि कानपुर से दिल्ली को वायुसेवा से जोड़े जाने और चमड़ा उद्योग को 2600 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज मिलने से कानपुर चमड़ा फुट वियर उद्योग के उत्पादन एवं निर्यात में काफी सहायता मिलेगी। साथ ही, यह उद्योग और तेजी से विकास कर सकेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश खाद्यान्न उत्पादन एवं कनेक्टिविटी में प्रथम स्थान पर है। UP-इन्वेस्टर्स समिट-2018 में डिफेंस काॅरिडोर में कानपुर के चमड़ा उद्योग को बढ़ाने हेतु अपार संभावनाएं पायी गयीं।

UPCM ने कहा कि कानपुर के जाजमऊ में चमड़ा उद्योग के सम्बन्ध में एन.जी.टी. को ध्यान में रखकर सरकार ने कार्ययोजना तैयार की है। उन्होंने कहा कि गंगा जी में प्रदूषित जल नहीं जाना चाहिए। आपसी सहमति के अनुसार रमईपुर के पूरे क्षेत्र को विकसित करने एवं उद्योग स्थापित करने के लिए सरकार उद्यमियों को सुविधाएं प्रदान करेगी, इसका लाभ उद्यमी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इन अवसरों को हम सकारात्मक दृष्टि से लेते हुए एक नई मंजिल प्राप्त करें।
UPCM ने कहा कि जल प्रदूषण को रोकना है। जल प्रदूषण को रोककर गंगा जी को स्वच्छ रखना होगा। पर्यावरण को दृष्टिगत रखकर विकास किये जाने से प्रदेश व देश समृद्धि की ओर आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि गंगा में प्रदूषित जल को जाने से रोकने के लिए सी.टी.पी. के लिए धनराशि प्रदान की गई है। इस योजना को सफल बनाने के लिए कार्य योजना बनाकर आगे बढ़ना होगा। इस कार्य में सभी उद्यमियों, समाज के प्रबुद्धजनों एवं जनसहयोग की आवश्यकता है।

इस अवसर पर केन्द्रीय वाणिज्य, उद्योग एवं नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि चमड़ा उद्योग देश का प्रमुख उद्योग है। विश्व के कई देशों में चमड़े का निर्यात कानपुर से होता है। भारत सरकार चमड़ा क्षेत्र के बुनियादी ढांचे का विकास करने के लिए इससे संबंधित पर्यावरण से जुड़ी चिन्ताओं का समाधान करने की दिषा में गम्भीर है। रोजगार सृजन एवं उत्पादन में वृद्धि हेतु 2600 करोड़ रुपये का पैकेज वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक के लिए प्रदान किया गया है। इसके अन्तर्गत चमड़ा फुट वियर और सहायक क्षेत्र में रोजगार सृजन हेतु विशेष पैकेज के तहत 3 वर्ष में 3.24 लाख नई नौकरियां पैदा करने के साथ दो लाख नौकरियों को सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि चीन एवं जापान निर्यात क्षेत्र में माहिर है। हम सभी देशों के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत कर रहे हैं। पिछले सालों में 20 प्रतिशत निर्यात बढ़ा है। छोटे-छोटे उद्योगों/कारोबारियों की समस्याओं को दूर किया जाएगा एवं सबके सहयोग के साथ उद्योगों को बढ़ाया जाएगा।
केन्द्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि मानव संसाधन विकास उप-योजना के अन्तर्गत 5 हजार रुपये प्रति कर्मचारी की दर से कार्यरत कामगारों के कौशल उन्नयन प्रशिक्षण और 2 लाख रुपये प्रति व्यक्ति की दर से प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण की व्यवस्था की गयी है। मेगा लेदर फुट वियर और सहायक समान क्लस्टर की स्थापना करके 125 करोड़ रुपये तक की अधिकतम सरकारी सहायता के साथ (भूमि की लागत को छोड़कर) पात्र परियोजना लागत के 50 प्रतिशत तक ग्रेडेड सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि चमड़ा प्रौद्योगिकी, नवप्रयोग तथा पर्यावरणीय कार्य हेतु अगले तीन वर्ष के लिए 782 करोड़ रुपये की कार्य-योजना की स्वीकृति प्रदान की गयी है।

इस अवसर पर सांसद मुरली मनोहर जोशी ने चमड़ा उद्योग को और अधिक विकसित करने के लिए आधुनिक तकनीक को अपनाने और नये इनोवेशन के साथ कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने चमड़ा उद्योग को बढ़ाने के साथ पर्यावरण के संरक्षण एवं जल प्रदूषण को रोकने के सम्बन्ध में अपील की।
इस अवसर पर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, नागरिक उड्डयन मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’, सांसद देवेन्द्र सिंह भोले सहित चमड़ा उद्योग के प्रमुख उद्यमी एवं व्यापारी उपस्थित रहे।









