वित्तमंत्री ने अपने बयान से उत्तर प्रदेश का अपमान किया, तत्काल माफ़ी मांगें: कांग्रेस

लखनऊ। कांग्रेस ने केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमन के उस बयान की तीखी आलोचना की है, जिसमें उन्होंने बजट की आलोचना को ‘‘यूपी टाइप जवाब’’ बताया है। कांग्रेस पार्टी ने इसे उत्तर प्रदेश का अपमानजनक टिप्पणी बताते हुए इसके जवाब में पूरे उत्तर प्रदेश में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमन का पुतला फूंका। कई जिलों में पुतला फूंकने को लेकर पुलिस से कांग्रेस कार्यकर्ताओं की झड़प भी हुई। कांग्रेस पार्टी ने कहा कि वित्तमंत्री का बयान उत्तर प्रदेश के प्रति उनकी मानसिकता को दिखाता है। यही वजह है कि बजट में उत्तर प्रदेश को लेकर कोई विशेष घोषणा नहीं की, कोरोना की विभीषिका ने सबसे ज्यादा असर उत्तर प्रदेश की आम जनता पर डाला, लेकिन उसके लिए बजट में कोई राहत योजना का न होना निराशाजनक है। कांग्रेस पार्टी उत्तर प्रदेश के कोने-कोने से उत्तर प्रदेश में बनने वाली 100 शिल्पकलाओं के नमूनों को वित्तमंत्री को भेजेगी, ताकि उन्हें पता चल सके की उत्तर प्रदेश की खासियत उसका शिल्प, गुणवत्ता और कलाकारी है।

यूपी कांग्रेस के मीडिया एवं कम्युनिकेशन विभाग के वाइस चेयरमैन डॉ.पंकज श्रीवास्तव ने कहा कि वित्तमंत्री ने एक ऐसे प्रदेश का अपमान किया है, जो न केवल अपनी राजनीतिक चेतना के लिए जाना जाता है। बल्कि उसका अपना बौद्धिक इतिहास रहा है। वर्तमान में देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री इसी प्रदेश से हैं, बावजूद इसके उत्तर प्रदेश की बौद्धिकता पर सवाल उठाना राज्य की अस्मिता का अपमान करने जैसा है। उत्तर प्रदेश का अपमान करके निर्मला सीतारमन राम और कृष्ण की धरती का अपमान कर रही हैं। उनके बयान से जाहिर हुआ है कि अयोध्या और मथुरा का नाम भाजपा के लिए सिर्फ़ राजनीति का मुद्दा है। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि वित्तमंत्री तत्काल अपना बयान वापस लें और माफ़ी मांगें।

डॉ.पंकज ने कहा कि वित्तमंत्री ने अपने एक बयान से झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, क्रांतिकारी मंगल पांडे से लेकर चंद्रशेखर आज़ाद, अशफ़ाक उल्लाह, रामप्रसाद बिस्मिल तक का अपमान किया है। यही नहीं, उन्होंने ऐसा बयान देकर उत्तर प्रदेश के उस बौद्धिक इतिहास को ललकारा है जो गोरखनाथ, रैदास, कबीर और तुलसीदास जैसे संतों से जुड़ा हुआ है। उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता शायद कभी माफ़ नहीं करेगी। वित्तमंत्री को शायद पता नहीं है कि उत्तर प्रदेश के लिए कहा जाता है कि दिल्ली में सरकार का रास्ता उत्तर प्रदेश से ही होकर जाता है। उस उत्तर प्रदेश का जिसने इस देश को अब तक नौ प्रधानमंत्री दिए हैं। जिनमें पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू से लेकर लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी, चौधरी चरण सिंह, चंद्रशेखर से लेकर राजीव गांधी तक शामिल हैं।

डॉ.पंकज श्रीवास्तव ने कहा कि जब वित्तमंत्री उत्तर प्रदेश का उपहास उड़ा रही थीं तो शायद भूल गईं कि वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश के वाराणसी से चुनकर संसद में पहुंचे हैं। और उनकी ही पार्टी के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी उत्तर प्रदेश से ही संसद में पहुंचे थे कांग्रेस पार्टी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी पूछना कि राज्य की जनता के मुखिया होने के नाते वे अपनी पार्टी की केंद्रीय मंत्री के इस बयान के बारे में क्या सोचते हैं. और क्या वे मोदी मंत्रिमंडल के किसी सदस्य के बयान पर आपत्ति जताने का माद्दा रखते हैं? कांग्रेस पार्टी बनारस की साड़ी, भदोही की कालीन, लखनऊ का चिकन, बुलंदशहर की पॉटरी जैसे उत्तर प्रदेश के 100 शिल्पकला के नमूने, जिनपर देश को नाज है, इनको वित्त मंत्री को कूरियर करेगी, ताकि उन्हें पता चल सके की उत्तर प्रदेश की खासियत उसका शिल्प, गुणवत्ता और कलाकारी है।

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