UPCM ने ग्राम प्रहरियों का मानदेय 2500 रु. किए जाने की घोषणा की

लखनऊ (06 मार्च, 2019)।
UPCM ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाए रखने में ग्राम प्रहरियों की भूमिका नींव के पत्थर के समान है। प्रदेश में कुल 60 हजार ग्रांम पंचायतें हैं, जबकि 68,337 ग्राम प्रहरी कार्यरत हैं। अगर इनका बेहतर उपयोग हो तो इनके माध्यम से प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में शांति व्यवस्था व सौहार्द के साथ-साथ गैर कानूनी गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सकता है।
UPCM ने लोक भवन में उत्तर प्रदेश ग्राम प्रहरी सम्मेलन में अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम प्रहरियों के मानदेय को 1,500 रुपए से बढ़ाकर 2500 रुपए किए जाने की घोषणा की। इससे प्रदेश सरकार पर करीब 73 करोड़ रुपए अतिरिक्त का व्यय भार आएगा। उन्होंने अधिकारियों को ग्राम प्रहरियों को नियमित रूप से खाकी कोट, जर्सी, बेल्ट क्लास्प, चमड़े की पेटी, जूता आदि उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही UPCM ने पुलिस थानों और चौकियों के अंशकालिक सफाई कर्मचारियों के मानदेय को दोगुना करने की घोषणा भी की। UPCM ने इस अवसर पर कुछ ग्राम प्रहरियों को वर्दी भी प्रदान की।

UPCM ने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वयं को चौकीदार कहा है, यह आप सभी के लिए गर्व की बात है। चौकीदार का काम चौकन्ना रहना है। आपके चौकन्ने रहने से चोर भयभीत रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सजग रहकर देश की सेवा कर रहे हैं, ठीक उसी तरह गांव के चौकीदारों को सजग और सतर्क रहकर अपने गांव की सेवा करना चाहिए।
UPCM ने कहा कि आप सभी को चैकन्ना रहकर साप्ताहिक रूप से थाना प्रभारियों के साथ सम्पर्क में रहकर गांव की असामान्य गतिविधियों की जानकारी देनी चाहिए। इस प्रकार आप गांव की सुरक्षा और शांति व्यवस्था में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा पाएंगे। इससे आपके कार्य को मान्यता और सम्मान मिलेगा। अपने कर्तव्यों का सही तरीके से निर्वहन और समाज हित में काम करने से ही आपकी भूमिका सार्थक होगी।
UPCM ने कहा कि प्रधानमंत्री ने एक बहुत अच्छी योजना ‘प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना’ चलायी है। इस योजना के अंतर्गत असंगठित क्षेत्र के श्रमिक के प्रतिमाह 55 रुपए से 200 रुपए तक योगदान करने पर केन्द्र सरकार द्वारा भी इतनी ही धनराशि का योगदान किया जाता है।योजनांतर्गत लाभार्थी के 60 वर्ष की अवस्था के पश्चात उसे प्रतिमाह कम से कम 3000 रुपए पेंशन का प्राविधान है। 18 से 40 वर्ष की आयु के श्रमिक इस योजना हेतु पात्र हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पात्र ग्राम प्रहरियों को इस योजना में सम्मिलित किया जाना चाहिए।

UPCM ने कहा कि ‘प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना’ के अलावा प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना आदि सामाजिक सुरक्षा योजनाएं भी संचालित हैं। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत गरीब परिवार को 05 लाख रुपए तक की चिकित्सा बीमा सुविधा सुलभ करायी जा रही है। इस योजना से आच्छादित न होने वाले गरीब परिवारों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत लाभान्वित किया जा रहा है। UPCM ने किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, सौभाग्य योजना आदि की चर्चा करते हुए कहा कि ग्राम प्रहरियों को इन योजनाओं की जानकारी होने पर, वे इन्हें अन्य लोगों से साझा कर लाभान्वित कर सकते हैं।
कार्यक्रम को सांसद महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों का आभार ज्ञापित करते हुए प्रमुख सचिव गृह अरविन्द कुमार ने कहा कि UPCM द्वारा की गई घोषणाओं एवं निर्देशों के सम्बन्ध में शासनादेश शीघ्र ही जारी कर दिए जाएंगे।
इस अवसर पर मुख्य सचिव डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय, पुलिस महानिदेशक ओ.पी. सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।









