प्रयागराज (05 मार्च, 2019)।
UPCM ने कुम्भ के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने हेतु कोर टीम को एक माह का वेतन बोनस के रूप में दिए जाने के साथ-साथ सुरक्षा कर्मियों के बेहतरीन कार्य के लिये कुम्भ सेवा मेडल दिए जाने और कुम्भ मेले में लगे सभी विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र व पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जिस तरह से अधिकारियों ने कुम्भ में पूरी सेवा भावना से कार्य किया है, उसी प्रकार अपने दैनिक जीवन के रूटीन कार्यों में अपना योगदान देकर एक नया उदाहरण प्रस्तुत करें। कुम्भ में लगे सभी अधिकारियों व कर्मचारियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, कर्मयोगियों, सन्तों-महात्माओं आदि का आभार व्यक्त करते हुए शुभकामनाएं दीं।
UPCM ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में 15 जनवरी से 4 मार्च, 2019 तक सम्पन्न हुए ‘भव्य और दिव्य कुम्भ’ में सफलता की नयी ऊंचाइयों को छुआ गया है, और कुम्भ को अविस्मरणीय बनाया गया है। इससे पूरी दुनिया में इसकी चर्चा हो रही है। 24 करोड़ से अधिक लोगों ने स्नान कर विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है। प्रधानमंत्री ने स्वच्छता के कर्मयोगियों के पांव पखारकर स्वच्छता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का उल्लेखनीय सन्देश दिया है।
UPCM ने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश, देश में 17वें स्थान पर था, कुम्भ में पर्यटन सेवाओं की बेहतर सुविधा के लिए अब यह प्रथम स्थान पर जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि पहली बार कुम्भ को एक नया ‘लोगो’ दिया गया। 06 हजार से अधिक संस्थाएं इसकी सहभागी बनीं। 450 वर्षों से बन्द अक्षयवट व सरस्वती कूप को दर्शन के लिए खोला गया और प्रतिदिन लगभग एक लाख लोगों ने अक्षयवट के दर्शन किए। 70 देशों के राजदूत आए और 3200 से अधिक अप्रवासी भारतीय कुम्भ में आए।
माॅरीशस के प्रधानमंत्री ने भी संगम में स्नान किया व यहां की व्यवस्थाओं की प्रशंसा की। यूनेस्को ने कुम्भ को ‘मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर’ घोषित किया है। लगभग 01 लाख 22 हजार ईको फ्रेण्डली टाॅयलेट यहां बनाए गए। कुम्भ के क्षेत्र को इतना विशाल समागम होने बावजूद गन्दगी से मुक्त रखा गया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश बदल रहा है और नई दिशा की ओर अग्रसर हो रहा है। कुम्भ में सुरक्षा की दृष्टिकोण से जहां हेलीकाॅप्टर से निगरानी की गयी, वहीं श्रद्धालुओं के ऊपर पुष्प वर्षा भी की गयी।
समापन समारोह को UP_Dy_CM केशव प्रसाद मौर्य, संसदीय कार्य एवं नगर विकास मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष परमपूज्य नरेन्द्र गिरि, प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह आदि ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर भव्य, दिव्य, सुरक्षित व स्वच्छ कुम्भ को सफल बनाने में अपना योगदान देने वाले अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। शीर्ष प्रबन्धन एवं सम्पूर्ण व्यवस्थाओं का नेतृत्व करने के लिये मेलाधिकारी विजय किरन आनन्द, मण्डलायुक्त आशीष कुमार गोयल को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। पुलिस एवं यातायात व्यवस्था का सफलतापूर्वक नेतृत्व करने के लिए उप-पुलिस महानिरीक्षक कुम्भ मेला कवीन्द्र प्रताप सिंह, अपर पुलिस महानिदेशक प्रयागराज जोन सत्यनारायण साबत, पुलिस महानिरीक्षक प्रयागराज मोहित अग्रवाल, तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नितिन तिवारी को सम्मानित किया गया। कुशल प्रबन्धन एवं नेतृत्व हेतु तत्कालीन जिलाधिकारी सुहास एल.वाई. और शहर की अवस्थापना सुविधाओं के विकास का प्रबन्धन एवं नेतृत्व किए जाने हेतु उपाध्यक्ष प्रयागराज विकास प्राधिकरण भानु चन्द्र गोस्वामी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
स्वच्छता कार्य योजना का सफल संचालन करने हेतु मुुख्य विकास अधिकारी सैमुअल पाल एन. और नगरीय प्रबन्ध एवं नगर की स्वच्छता कार्य योजना का सफल संचालन करने हेतु नगर आयुक्त डाॅ. उज्ज्वल कुमार को भी सम्मानित किया गया।
इसके अतिरिक्त, राज्यपाल राम नाईक व UPCM ने शासन स्तर पर महती भूमिका निभाने के लिये मुख्य सचिव डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय, पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंह, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं पर्यटन अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
मीडिया के बेहतर प्रबन्धन हेतु उप सूचना निदेशक प्रयागराज डाॅ. संजय राय को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, कुम्भ मेला के सफल आयोजन में सराहनीय कार्य करने वाले विभिन्न विभागों केे अधिकारियों को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इनमें रेलवे, लोक निर्माण, विद्युत, सेतु निगम, स्वास्थ्य, पर्यटन, परिवहन, गंगा प्रदूषण बोर्ड, सांस्कृतिक कार्य विभाग, खाद्य सुरक्षा, वन, राजस्व, पुलिस, जल सुरक्षा NDRF, STF, अग्निशमन, यातायात, होमगाड्र्स आदि विभागों के अधिकारी शामिल हैं। समारोह में अखाडा परिषद के अध्यक्ष नरेन्द्र गिरि सहित अन्य अखाडों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। पेण्टिंग, स्वच्छता व शटल बसों के संचालन के लिए गिनीज बुक में दर्ज रिकार्ड का प्रमाण-पत्र UPCM को भेंट किया गया।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्वार्थ नाथ सिंह ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन रंजना त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’, रीता बहुगुणा जोशी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
कुम्भ के दौरान सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश एवं केन्द्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी विकासपरक एवं रोजगारपरक योजनाओं के प्रचार-प्रसार हेतु विभिन्न विधाओं में पंजीकृत 721 सांस्कृतिक दलों यथा-जादू, कथपुतली, आल्हा, बिरहा, लोकगीत, कव्वाली, नुक्कड़ नाटक, लघु एवं वृहद् सांस्कृतिक दल, नौटंकी आदि दलों के माध्यम से कुम्भ मेला के सेक्टर-1 से लेकर सेक्टर-20 तक तथा शहर के विभिन्न चैराहों, बस/रेलवे स्टेशन और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में 7210 कार्यक्रमों का वृहद् स्तर पर आयोजन कराया गया।