UPCM ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति कार्यों की वीडियो काॅन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से समीक्षा की

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने अपने सरकारी आवास पर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत बचे हुए जनपदों को O.D.F. घोषित किए जाने के लिए शौचालय निर्माण कार्य की प्रगति, जनपदों में साफ-सफाई की स्थिति, सौभाग्य योजना के तहत दिए जाने वाले इन्फाॅर्मल विद्युत संयोजनों के लिए जनपदवार निर्धारित लक्ष्यों और विद्युतीकरण कार्य की प्रगति की वीडियो काॅन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इन दोनों योजनाओं के माध्यम से केन्द्र और राज्य सरकार ने लोगों के जीवन को स्वच्छ बनाते हुए उन्हें विद्युत उपलब्ध कराने का कार्य किया है। इनसे बड़ी संख्या में लोग लाभान्वित हुए हैं।
UPCM ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत प्रदेश के सभी जिलों में ‘इज्जतघर’ के निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि अब तक 40 जनपद ODF घोषित किए जा चुके हैं, जबकि 35 जनपदों को नवम्बर, 2018 तक शौचालय निर्माण कार्य पूर्ण होने के उपरान्त ODF घोषित कर दिया जाएगा। उन्होंने इन जनपदों के जिलाधिकारियों से ‘इज्जत घर’ निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली और धीमी प्रगति वाले जनपदों को अपने कार्य में तेजी लाते हुए 30 नवम्बर, 2018 तक लक्ष्य प्राप्ति के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जनपदों की साफ-सफाई सुनिश्चित करने के साथ-साथ पाॅलिथीन और थर्मोकोल के प्रयोग पर सख्ती से रोक लगाने के भी निर्देश दिए।
UPCM ने शौचालय निर्माण कार्य में ओवर रिपोर्टिंग करने के सम्बन्ध में कहा कि ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनपद स्तर पर कुल ODF घोषित ग्रामों के सापेक्ष सत्यापन हेतु अवशेष ग्रामों की संख्या में धीमी प्रगति वाले 10 जनपदों के जिलाधिकारियों को काम में तेजी लाते हुए 30 नवम्बर, 2018 तक लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, एल.ओ.बी. के अंतर्गत निर्धारित कैप के सापेक्ष लाभार्थीवार आॅनलाइन इन्ट्री में धीमी प्रगति वाले 10 जनपदों के जिलाधिकारियों को चेतावनी देते हुए उन्होंने इस कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसी प्रकार अनअपू्रव्ड शौचालय के सापेक्ष खराब धीमी प्रगति वाले 10 जनपदों के जिलाधिकारियों को भी काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वच्छाग्रहियों के भुगतान के सापेक्ष खराब प्रगति वाले और एडवान्स एम.आई.एस. पाए जाने के सापेक्ष खराब प्रगति वाले 10 जनपदों के जिलाधिकारियों को भी लक्ष्य को शीघ्रता से हासिल करने के निर्देश दिए।
UPCM ने सभी जिलाधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने जनपदों में स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि यदि ODF को सुनिश्चित करते हुए वातावरण को स्वच्छ बनाया जाए तो वेक्टर बोर्न और वाॅटर बोर्न बीमारियों को पूरी तरह से नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने खुले में कूड़ा फेंकने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के निर्देश देते हुए कहा कि अक्सर लोग कूड़े में आग लगाते हैं, जो बड़े पैमाने पर वातावरण को प्रदूषित करता है। उन्होंने इस पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जहां-जहां ‘इज्जत घर’ निर्मित किए जा चुके हैं, वहां उनके प्रयोग के लिए लोगों को प्रेरित किया जाए। उन्होंने बेस लाइन सर्वे के बाद बचे हुए घरों में शौचालय निर्माण कार्य करवाने के भी निर्देश दिए।
UPCM ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के दौरान सौभाग्य योजना के तहत पश्चिमांचल, दक्षिणांचल, मध्यांचल तथा पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के लिए इन्फाॅर्मल कनेक्शनों के लिए निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने पश्चिमांचल के 14 जनपदों में सौभाग्य योजना के तहत इन्फाॅर्मल कनेक्शन कार्य के संतृप्तिकरण पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि जिन स्थलों पर लोगों को यह कनेक्शन दिए गए हैं, वहां विद्युत आपूर्ति भी सुनिश्चित की जाए। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के तहत आने वाले 21 जनपदों में से मात्र 05 जनपदों के संतृप्तिकरण पर असंतोष व्यक्त करते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के तहत आने वाले 19 जनपदों में कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि कार्य में तेजी लाते हुए निर्धारित लक्ष्य शीघ्रता से हासिल किए जाएं। उन्होंने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के तहत आने वाले 21 जनपदों में भी निर्धारित लक्ष्यों को 31 दिसम्बर, 2018 तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए।
UPCM ने सभी वितरण निगमों के प्रबन्ध निदेशकों को अपने-अपने क्षेत्रों में लाइन लाॅस कम करने, सही बिलिंग करने, बिल वसूलने, खराब ट्रांसफाॅर्मरों को शीघ्रता से ठीक करने और फाॅल्ट को त्वरित गति से सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने पूरे प्रदेश में कराए जा रहे विद्युतीकरण कार्य को भी समयबद्धता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सौभाग्य योजना के तहत निःशुल्क विद्युत संयोजन उपलब्ध कराने का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने इसके लिए जनपदों के प्रमुख स्थलों पर एल.ई.डी. वैन स्थापित कर प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, रेडियो, एफ.एम. चैनल और टी.वी. चैनल पर भी इसके व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। उन्होंने सौभाग्य योजना के तहत विद्युत कनेक्शन लेने तथा समस्याओं को रिपोर्ट करने के लिए स्थापित किए गए टोल-फ्री हेल्पलाइन नम्बर 1912 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने गुणवत्ता के सम्बन्ध में शिकायत जांच में सही पाए जाने पर मानक के अनुसार कार्य की कमियों को दूर कराते हुए सम्बन्धित दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा, मुख्य सचिव डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय, प्रमुख सचिव ऊर्जा आलोक कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।








