UPCM NEWS, PM मोदी ने वाराणसी में लगभग 2413 करोड़ रु. की परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया

उत्तर प्रदेश (वाराणसी)।
UPCM NEWS, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में देश के पहले मल्टीमोडल टर्मिनल को राष्ट्र को समर्पित किया। इससे बंगाल के हल्दिया से वाराणसी तक जलमार्ग संचालित किया जाएगा। इसके बाद उन्होंने वाराणसी-बाबतपुर 4-लेन मार्ग और रिंग रोड का उद्घाटन किया। इस अवसर पर वाजिदपुर, हरहुआ में आयोजित जनसभा को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वाराणसी को जो तोहफा आज मिल रहा है, वह दशकों पहले मिल जाना चाहिए था, जो आज हुआ है वह दशकों पहले होना चाहिए था।

उन्होंने कहा कि देश का प्रधानसेवक होने और वाराणसी का सांसद होने के नाते मुझे आज दोहरी ख़ुशी हो रही है। वाराणसी और देश, इस बात का गवाह बना है कि संकल्प लेकर जब कार्य समय पर सिद्ध किए जाते हैं, तो उसकी तस्वीर कितनी भव्य और कितनी गौरवमयी होती है। इससे यह भी विदित होता है कि नेक्स्ट जेनरेशन इंफ्रास्ट्रक्चर की अवधारणा और ट्रांसपोर्ट के तौर-तरीकों का कायाकल्प करने जा रही है। उन्होंने कहा कि आज यहां कंटेनर वेसल का स्वागत कर मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है।

PM मोदी वाराणसी में परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करते हुए
PM मोदी वाराणसी में परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करते हुए

प्रधानमंत्री ने कहा कि न्यू जेनरेशन इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ कायाकल्प भी हो रहा है। काशी की पवित्र भूमि से हर किसी का आध्यात्मिक सम्पर्क है। आज जल, थल, नभ तीनों को जोड़ने वाली नई ऊर्जा का संचार क्षेत्र में हुआ है। आज देश के पहले मल्टीमोडल टर्मिनल का लोकार्पण किया गया है। कंटेनर वेसेल चलने से अब पूर्वी भारत भी बंगाल की खाड़ी से जुड़ गया है। उन्होंने कहा कि आज बाबतपुर हवाई अड्डे से सड़क रिंग रोड और कनेक्टिविटी और अन्य परियोजनाओं के साथ गंगा को प्रदूषण से रोकने वाली योजना का लोकार्पण व शिलान्यास किया गया है। यह बदलते बनारस की तस्वीर को और भव्य बनाएंगे।

PM मोदी ने कहा कि आज हम नदी मार्ग को कारोबार के लिए इतने व्यापक स्तर पर इस्तेमाल करने में सक्षम हुए हैं। उन्हांने कहा कि चार साल पहले बनारस-हल्दिया को जलमार्ग से जोड़ने का प्रयास शुरु किया, तो लोगों ने नकारात्मक बातें कीं। मगर जहाज के आने के साथ ही सबको जवाब मिल गया। यह पहला कंटेनर वेसेल माल ढुलाई नहीं न्यू इंडिया का जीता जागता सुबूत है, प्रतीक है। जिसमें देश के संसाधनों और देश के सामर्थ्य पर भरोसा किया जाता है। आज कंटेनर वेसेल औद्योगिक सामान लेकर आयी है और यहां से वह खाद लेकर जाएगी। यानि प्रदेश में बना सामान सीधे पूर्वी भारत के बंदरगाहों तक पहुंच पाएगा। वह दिन दूर नहीं जब यहां होने वाली सब्जियां, अनाज व बुनकरों के बनाये वस्तु व अन्य उत्पाद इसी जलमार्ग से जाया करेंगे। अब यहां के किसानों और व्यापारियों के लिए कमाई के नए अवसर उपलब्ध होंगे। कच्चा माल मंगाने और वैल्यू एडीशन कर बाहर भेजने में इसकी बड़ी भूमिका होगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि शीघ्र ही यहां से रो सर्विस शुरू होगी, तो लोगों को लंबी दूरी तय करने के लिए नया विकल्प मिलेगा। इस जलमार्ग से समय और धन दोनों की बचत होगी। साथ ही शहर में प्रदूषण भी घटेगा। उन्होंने कहा कि पहले नदियों में जहाज चलते थे। किन्तु पिछली सरकारों ने जलमार्गां को मजबूत करने के बजाय इनकी उपेक्षा की। देश का नुकसान किया गया। नदियों की शक्ति के साथ पिछली सरकारों ने अन्याय किया। आज देश में सौ से ज्यादा वॉटरवे पर काम हो रहा है। वाराणसी से हल्दिया के बीच पांच हजार करोड़ रुपये खर्च कर सुविधा विकसित हो रही है। पूर्वी भारत को बड़ा फायदा मिलेगा। सामान ढुलाई के अलावा, यह पूर्वी भारत के राज्यों को एशियाई देशों से भी जोड़ेगा। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। काशी की सभ्यता और संस्कार सब उसके अनुरूप होगा। आधुनिक स्वरूप के साथ ही विकास होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आधुनिक स्वरूप के साथ वाराणसी नेचर, कल्चर और एडवेंचर का संगम स्थल बनेगा। वाराणसी, भदोही और मीरजापुर कारपेट ही नहीं टेक्सटाइल का हब बन रहे हैं। इंडिया कारपेट एक्सपो की शुरुआत की जा चुकी है। काशी से कोलकाता वॉटरवे से इस क्षेत्र के कालीन बनाने वालों को भी फायदा होगा। सुगमता का सुविधा से सीधा रिश्ता होता है।

प्रधानमंत्री ने आज लोकार्पित हुए वाराणसी-बाबतपुर 4-लेन सड़क की चर्चा करते हुए कहा कि बाहर गए लोग शहर आ रहे हैं तो उन्हें यकीन नहीं हो रहा है कि हरहुआ, तरना व शिवपुर से गुजर रहे हैं। अब तक सड़कें रुलाती थीं, मगर अब स्थिति बदल गई है। बाबतपुर एयरपोर्ट को शहर से जोड़ने वाली सड़क चार लेन की हो गई है। पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करने लगी है। जौनपुर, सुल्तानपुर और लखनऊ की राह सुगम होगी। गोरखपुर, लखनऊ व आजमगढ, अयोध्या जाने के लिए शहर में आने की जरूरत नहीं होगी।निर्माणाधीन सड़कों एवं नेशनल हाई-वे के कार्यों को पूरा करने का प्रयास शुरू हुआ है, तो वह पूरा भी हुआ है। अन्य कार्य भी जल्द पूरे हो जाएंगे। बनारस में जाम की समस्या कम होगी और प्रदूषण भी घटेगा। अब सारनाथ जाना आसान होगा। उन्होंने कहा कि जितनी परियोजनाओं का शिलान्यास-लोकार्पण हुआ है, आने वाले समय में इनसे रोजगार भी निश्चित रूप से बढ़ेगा।

PM मोदी वाराणसी में NH-56 के बाबतपुर-वाराणसी मार्ग सहित अरबों की लागत के अन्य परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास के दौरान
PM मोदी वाराणसी में NH-56 के बाबतपुर-वाराणसी मार्ग सहित अरबों की लागत के अन्य परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास के दौरान

प्रधानमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार देश का विकास कर रही है। देश विकास की राजनीति चाहता है, वोट बैंक की राजनीति नहीं। चार वर्षों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास साफ नजर आता है। नॉर्थ ईस्ट में भी रेल पहुंच रही है। नेशनल हाई-वे और एक्सप्रेस-वे सरकार की पहचान बन गए हैं। सामान्य जरूरतों जैसे स्वच्छता और स्वास्थ्य पर भी काम किया गया है। दायरा जो पहले चालीस फीसदी था अब 95 फीसद हो चुका है। गरीब से गरीब का भी अस्पताल में इलाज सुनिश्चित हुआ है। दो लाख से ज्यादा गरीबों का मुफ्त इलाज हो चुका है। प्रधानमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ने सभी नदियों को भी स्वस्थ रखने का फैसला लिया है। ‘नमामि गंगे’ नए पड़ाव पर पहुंचा है। गंदे पानी के ट्रीटमेंट के लिए लोकार्पण-शिलान्यास किए गए हैं। दीनापुर में तीन प्लांट शहर की गंदगी को मां गंगा में मिलने से बचाएगा। रामनगर प्लांट भी जल्द तैयार हो जाएगा। केन्द्र सरकार गंगा का पैसा पानी में नहीं बहा रही, बल्कि साफ करने में लगा रही है। नमामि गंगे परियोजना में पांच हजार करोड़ रुपये से काम चल रहा है। गांव O.D.F. हो रहे हैं। गंगोत्री से गंगा सागर तक गंगा को निर्मल और अविरल बनाने का प्रयास चल रहा है। जन भागीदारी और जनभावना से काम हो रहा है। पुरानी सरकारों ने हजारों करोड़ बहा दिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज कुछ इलाकों में बिजली सुधार किया गया है। आई.पी.डी.एस. के तहत काम पूरा हो चुका है। तारों के लटकते हुए जाल अब अंडर ग्राउंड हो चुके हैं। यह बड़ा कदम है। शहर के अन्य क्षेत्रों में भी इसे विस्तार दिया जाएगा। सबके प्रयासों से अब काशी की नई तस्वीर देश-दुनिया के सामने आ रही है। इसे हर हाल में हम सबको सहेजना है। उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीय दिवस काशी की पावन भूमि पर होना है और देश-दुनिया से आए लोगों के स्वागत के लिए मै स्वयं मौजूद रहूंगा।

UPCM ने इस अवसर पर लगभग ढाई हजार करोड़ लागत की 17 बड़ी परियोजनाओं का काशीवासियों को सौगात दिये जाने पर प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि 4 वर्ष पूर्व काशी की गलियां, सड़कें एवं गंगा की स्थिति क्या थी। आज बाबतपुर से वाराणसी आने के दौरान बेहतरीन मार्ग लोगों को चलने के लिये मिल रहा है। रिंग रोड मिली है। काशी के लटकते एवं जर्जर तार भूमिगत हो चुके है। गंगा के स्वच्छता, अविरलता के लिये अविस्मरणीय कार्य वाराणसी में हुआ है।

विकास एवं सुशासन की जो नई आधारशिला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी केनेतृत्व में रखी गयी है, उसके लिये UPCM ने प्रदेशवासियों की तरफ से प्रधानमंत्री का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अब तक काशी की पहचान आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी के रूप में थी, लेकिन जल परिवहन की सुविधा भी अब काशी की पहचान बनेगी। उन्होंने कहा कि काशी में सामाजिक, सांस्कृतिक व आध्यात्मिक ही नहीं, बल्कि भौतिक प्रगति भी अब देखने को मिलेगी।

केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपने सम्बोधन में कहा कि UPCM के 5 वर्ष के कार्यकाल में केन्द्र सरकार उत्तर प्रदेश में दो लाख करोड़ लागत की सड़क निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 80 लाख टन कार्गो का ट्रान्सपोर्ट किया जाएगा। अब पानी के रास्ते क्रूज़ से भी लोग परिवहन की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। गंगा में 5 स्टार क्लास के क्रूज़ चलाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि गंगा के जल शुद्धीकरण का 10 हजार करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट है। उन्होंने कहा कि अप्रैल, मई व जून के महीने में भी अब गंगा में पानी की अविरलता बनी रहेगी और इन महीनों में भी कम से कम 2 फीट पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करायी जाएगी। उन्होंने कहा कि मार्च से पहले गंगा 70 से 80 फीसदी तक शुद्ध हो जाएगी।

इससे पूर्व प्रधानमंत्री ने कचहरी से बाबतपुर तक 4-लेन सड़क 17.25 Km. लागत 812.59 करोड़ रुपये, रिंग रोड फेज-1 हरहुआ से आजमगढ़ मार्ग गोइठहां तक 17 Km. सड़क लागत 759.36 करोड़ रुपये, रामनगर राल्हूपुर मल्टीमोडल टर्मिनल लागत 208 करोड़ रुपये, तीन सीवेज पम्पिंग स्टेशन 140 एम.एल.डी. चौकाघाट, 7.5 एम.एल.डी. फुलवरिया और 3.7 एम.एल.डी. सरैया लागत 34 करोड़ रुपये, दीनापुर एस.टी.पी. 140 एम.एल.डी. लागत 186.46 करोड़ रुपये, इंटरसेप्शन सीवर और पम्पिंग वर्क वरुणा नदी पर और आसपास 28 Km. लागत 155 करोड़ रुपये, तेवर ग्राम पेयजल योजना 15 बस्तियों में 6,000 से ज्यादा आबादी को पेयजल आपूर्ति हेतु लागत 2.79 करोड़ रुपये, आश्रय योजना के तहत निर्मित भवन लागत 1.54 करोड़ रुपये, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय देईपुर हॉस्टल लागत 1.70 करोड़ रुपये और आई.पी.डी.एस. फेज-2 के अन्तर्गत 123 Km. अंडर ग्राउंड बिजली वायर सारनाथ और बौद्ध पर्यटन स्थली, 18 नए ट्रांसफॉर्मर, 372 Km. ओवरहेड तारों का जाल हटाने के कार्य लागत 139 करोड़ रुपये सहित कुल 2301.75 करोड़ रुपये लागत की 10 बड़ी विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया।

इसके साथ ही, रामनगर में ड्रेन और ट्रीटमेंट वर्क जिसके तहत गंगा में गिरने वाले 9 नाले बंद किए जाएंगे व 13 एम.एल.डी. क्षमता ट्रीटमेंट प्लांट लागत 72 करोड़ रुपये, रामनगर किला कटरिया मार्ग चौड़ीकरण व सौंदर्यीकरण लागत 2.36 करोड़ रुपये, एन.एच.-7 पड़ाव से रामनगर टेंगरा मोड़ मरम्मत कार्य लागत 3.16 करोड़ रुपये, लहरतारा-बी.एच.यू. फुटपाथ मार्ग निर्माण व सुंदरीकरण लागत 20.99 करोड़ रुपये, करौदी में ड्राइवर प्रशिक्षण केंद्र लागत 4.44 करोड़ रुपये, सर्किट हाउस में प्रथम तल मीटिंग हॉल लागत 3.24 करोड़ रुपये एवं डोमरी-रामनगर में हेलीपैड निर्माण कार्य लागत 4.94 करोड़ रुपये सहित कुल 111 करोड़ रुपये की 7 बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया।

इससे पूर्व प्रधानमंत्री ने राल्हूपुर रामनगर में 208 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित मल्टीमोडल टर्मिनल का उद्घाटन किया और वहां पर पानी के जहाज से आए कन्टेनर को हरी झण्डी दिखायी।

इससे पूर्व बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डे पहुंचने पर प्रधानमंत्री का स्वागत UPCM, सूचना राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने लोगों को छठ पर्व की बधाई भी दी।

UPCM PM मोदी का वाराणसी आगमन पर स्वागत एवं अभिनन्दन करते हुए
UPCM PM मोदी का वाराणसी आगमन पर स्वागत एवं अभिनन्दन करते हुए

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