UPCM के मंत्री के लिए गाँव में प्रशासनिक अधिकारियों ने किया VVIP जैसा इन्तजाम….पढ़ें पूरी रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश (अलीगढ़-खैर)।
UPCM का ग्राम स्वराज अभियान बना दिखावा, अलीगढ़-खैर रात्रि-प्रवास के नाम पर मंत्री जी जैसे नेता कर रहे हैं जनता के साथ मजाक। UPCM के मंत्री और जिला प्रशासन मिलकर गाँव मे भी होटल का इंतजाम कर रहे हैं।

रात्रि-प्रवास में खाने में क्या मिला मंत्री को?
आईये आपको बताते हैं कि रात्रि प्रवास के दौरान मंत्री जी को क्या मिला अलीगढ़-खैर मखाने को। इन व्यंजनों पालक-पनीर, मखनी-दाल, छोला, बेहतरीन रायता, तंदूर, कॉफी, रसगुल्ला और मिनरल वाटर का इंतजाम रहा। मंत्री जी ने दलित घर में बेहतरीन कुक के द्वारा बनाया गया पार्टी के खाने का उठाया लुफ्त।

 

राज्यमंत्री सुरेश राणा के लिए सामुदायिक केंद्र को प्रशासन द्वारा बहतरीन होटल बनाया दिया गया। मंत्री जी को गाँव मे भी होटल की उपलब्ध कराई गईं सुविधाएं। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया और ग्रामीण अपनी शिकायत के लिए करते रहे इंतजार।

जहां एक ओर देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के UPCM गांव-गांव में जाकर अपने मंत्री सांसद और विधायक को रात्रि प्रवास कर जनता का भरोसा जीतने की एक कोशिश कर रहे हैं, वही उन्हीं के भेजे हुए दूत लोगों का दिल जीतने में असफल दिखाई दे रहे हैं।

 

UPCM भले ही दिलो-जान अपने मिशन को कामयाब बनाने जा रहे हो, लेकिन उनके मंत्री सांसद और विधायक अपने वीवीआईपी कल्चर को शायद ही छोड़ पा रहे हैं। जिसकी जीती जागती तस्वीर थाना खैर का गांव लोहागढ़ में देखने को मिली।

दरअसल अलीगढ़ की तहसील खैर इलाके के गांव लोहागढ़ में राज्य मंत्री सुरेश राणा का रात्रि प्रवास और उससे पहले की पंचायत तस्वीर साफ बयान कर रही है कि यह किसी गांव और गरीब घर की तस्वीर नहीं है बल्कि इंतजाम VVIP प्रशासनिक अधिकारियों का है क्योंकि मंत्री जी के रात्रि भोजन में बेहतरीन पार्टी वाला शलाद, दाल मखनी, छोले-चावल, पालक पनीर, उड़द की दाल, मिक्स वेज रायता, तंदूर, मिठाई में गुलाब जामुन, कॉफी और मिनरल वाटर मौजूद है। इतना ही नहीं विश्राम के लिए गद्देदार डबल बेड चारों ओर से तूफानी हवा फेंकने वाले पानी के कूलर लगे हुए हैं।

 

यह सारी व्यवस्थाएं की गई हैं एक सामुदायिक केंद्र में…..जिसको किसी होटल नुमा ही बना दिया गया है। मानो कि इसमें कोई VVIP पार्टी होनी हो।

अब जरा उस व्यक्ति की भी सुन लीजिए…जिसके घर मे मंत्री जी ने रात्रि को खाना खाया। उसका नाम है रजनीश….जिसका कहना है कि उसने कभी नहीं सोचा था कि उसके घर कभी मंत्री रात्रि के ग्यारह बजे उसके घर आ जाएंगे। लेकिन जब उसने खाने पीने के बारे में बताया कि उसके घर खाना नहीं बना है…..हालांकि दलित के यहाँ जाने का मतलब केवल उनको विश्वास में लेना था। लजीज व्यंजन तो पहले से तैयार किये गए थे…..सारी तस्वीर साफ हो गई कि यह सारा कार्यक्रम मंत्री जी के स्वागत में प्रशासनिक अधिकारियों का है।

 

अब सवाल उठता है कि UPCM जहां एक ओर अपने अभियान को सफल बनाने में लगे हैं वहीँ दूसरी ओर उनके ही मंत्री उनके पीठ पीछे धोखा दे रहे हैं। अब देखना होगा कि UPCM अपने मंत्री को कैसे पटरी पर ला पाएंगे?

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