उत्तर रेलवे ने “फ्लाई ऐश” का लदान कर एक नए माल यातायात के लदान की शुरूआत की

लखनऊ।
उत्तर रेलवे ने दिनांक 10.09.2020 को पहली बार एक नए माल यातायात फ्लाई ऐश का बठिंडा से रूपनगर के लिए लदान कर एक नई शुरूआत की। उत्तर रेलवे के अम्बाला मंडल ने बॉक्स-एन वैगनों में 4060 टन फ्लाई ऐश का लदान कर सड़क मार्ग से जाने वाले एक प्रमुख माल यातायात को रेल यातायात की ओर लाने में सफलता हासिल की है। उत्तर रेलवे पर फ्लाई ऐश का लदान न केवल पहली बार किया गया अपितु इसको करने वाला अम्बाला मंडल भी उत्तर रेलवे का पहला मंडल है।

रेलवे ने मालभाड़ा यातायात को प्रोत्साहन देने के लिए अनेक प्रकार की रियायतें अपने ग्राहकों को दी हैं तथा माल यातायात आकर्षित करने हेतु बीडीयू का भी गठन किया है। इससे एक ओर जहां ग्राहक रियायतों का लाभ उठाकर लाभान्वित होते हैं वहीं दूसरी ओर रेलवे को भी अपने मालभाड़ा राजस्व को बढ़ाने में मदद मिलती है। अम्बाला मंडल के बीडीयू के प्रयासों के फलस्वरूप ही उत्तर रेलवे को पहली बार फ्लाई ऐश के लदान करने का अवसर मिला है।

उल्लेखनीय है कि सीमेंट कम्पनियों द्वारा अपने उत्पाद हेतु फ्लाई ऐश का इस्तेमाल किया जाता है। फ्लाई ऐश को बंद थैलों में अथवा खुले वैगनों में रेल द्वारा ले जाने की सुविधा प्रदान की गयी है तथा इस पर रेल द्वारा रियायत भी प्रदान की जाती है। अम्बाला मंडल की बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट ने अपने मौजूदा ग्राहकों को यह सामग्री रेल द्वारा ले जाने के लिए आकर्षक प्रस्ताव दिया जोकि रेलवे व ग्राहक दोनों के लिए लाभप्रद है। इसके परिणामस्वरूप दिनांक 10.09.2020 को फ्लाई ऐश से लदा पहला रैक बठिंडा से रूपनगर के लिए रवाना किया गया।

उत्तर एवं उत्तर-मध्य रेलवे के महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने इस नए माल यातायात को प्राप्त करने में अम्बाला मंडल के प्रयासों की सराहना की तथा कहा कि इससे उत्तर रेलवे के अन्य मंडल एवं बीडीयू भी प्रेरणा लेकर मालभाड़ा यातायात को बढ़ाने में हरसंभव सहयोग प्रदान करें।

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