जलशक्ति मंत्री ने 48 मास्टर ट्रेनर्स को प्रमाण पत्र वितरित किये

लखनऊ।
देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संकल्पों के अनुसार वर्ष 2024 तक पाइप के माध्यम से प्रदेश के ‘हर घर को जल’ पहुंचाने के लिए लगभग 28 लाख मानव संसाधन को प्रशिक्षित किया जाना है और उ0प्र0 में कुशल प्लम्बर, टेक्नीशियन, इलेक्ट्रीशियन, पम्प हाउस ऑपरेटर आदि को प्रशिक्षित करने का कार्यक्रम शुरू हो चुका है। इसी क्रम में आज 654 मास्टर टेªनर्स को विशेषज्ञों द्वारा टेªनिंग दी गयी है जो इसी महीने प्रत्येक ब्लाक के 4-4 लोगों को प्रशिक्षण देंगे।

जलशक्ति मंत्री ने इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान गोमती नगर में नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग द्वारा आयोजित मास्टर्स ट्रेनर्स के प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेशभर से आये प्रतिभागियों को सम्बोधित किया। उन्होंने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले 24 पुरूष एवं 24 महिला प्रशिक्षकों को प्रमाण पत्र एवं मानदेय वितरित किया। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि जल जीवन मिशन एक बहुत बड़ा कार्य है और इसको साकार रूप देने में इन प्रशिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम की घोषणा प्रधानमंत्री जी ने लालकिले की प्राचीर से की थी। उनके संकल्पों को साकार करने में यह प्रशिक्षित मानव संसाधन महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा।

डाॅ0 महेन्द्र सिंह ने कहा कि बुन्देलखण्ड एवं विन्ध्य क्षेत्र में पानी पहुंचाना कठिन माना जाता था लेकिन उ0प्र0 सरकार ने इन क्षेत्रों में पानी पहुंचाकर इस धारणा को बदलने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन, अटल भूजल योजना को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है और अटल भूजल योजना को अब प्रदेश के 75 जनपदों में संचालित किया जायेगा। इसके माध्यम से गिरते जलस्तर को रोककर डार्क जोन में जाने वाले विकास खण्डों को सेफ जोन में लाया जायेगा। उन्होंने कहा कि पाइप पेयजल योजना में 15 हजार करोड़ रूपये की धनराशि व्यय करके लगभग 03 करोड़ घरों तक पानी पहुंचाना एक बहुत ही बड़ा काम है। उ0प्र0 सरकार इस चुनौती को स्वीकार करते हुए योगी जी के मार्गदर्शन में हर घर तक जल पहुंचाने का कार्य करेगी। इसके लिए बड़े पैमाने पर मानव संसाधन की उपलब्धता एवं कारगर कार्ययोजना बना ली गयी है।

डाॅ0 महेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रशिक्षण के प्रथम चरण भाग-1 में प्रदेश के कुल 756522 तकनीकी कार्मिकों-प्लम्बर, इलेक्ट्रीशियन, पम्प ऑपरेटर, मोटर मैकेनिक, फिटर तथा राजमिस्त्री को प्रशिक्षण दिया जायेगा। जो मार्च 2021 तक प्रदेश के समस्त जनपदों में पूर्ण कर ली जायेगी। प्रशिक्षण के प्रथम चरण भाग-2 में पंचायत निर्वाचन के उपरान्त माह मई, 2021 से माह जुलाई, 2021 के मध्य नव निर्वाचित जन प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गयी है। उन्होंने मास्टर ट्रेनर्स को बधाई देते हुए कहा कि यह पुण्य का कार्य है और सभी लोग पूरी निष्ठा के साथ गांव में पानी पहुंचाने के अभियान से जुड़ जाएं।

प्रमुख सचिव नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति अनुराग श्रीवास्तव ने प्रशिक्षण दिये जाने सम्बंधी पूरी योजना का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि यह योजना एक चुनौती है और राज्य सरकार सफलतापूर्वक हर घर को जल पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित टेªनरों द्वारा प्रत्येक विकास खण्डवार अपने-अपने जनपद में दिनांक 15 फरवरी, 2021 से 31 मार्च, 2021 के मध्य प्रशिक्षण की कार्यवाही पूर्ण करायी जायेगी।

अधिशासी निदेशक ग्रामीण जलापूर्ति सुरेन्द्र राम ने कहा कि टेªडवार समस्त कुशल मानव संसाधनों को प्रशिक्षण किट तथा जल जीवन मिशन ‘हर घर जल’ की ‘लोगो युक्त जैकेट’ भी प्रशिक्षण के दौरान उपलब्ध करायी जायेगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपदवार एवं विकास खण्डवार प्रशिक्षण के दौरान कुशल मानव संसाधनों को ट्रेडवार तैयार कराये गये वीडियो क्लिप भी उनके मोबाइल व्हाट्सअप नम्बर पर उपलब्ध कराया जायेगा, जिससे प्रशिक्षित मानव संसाधनों द्वारा जल जीवन मिशन ‘हर घर जल’ के क्रियान्वयन में आवश्यकतानुसार वीडियो क्लिप का अवलोकन कर योजना के क्रियान्वयन में अपना सहयोग प्रदान कर सकें।

इस अवसर पर विशेष सचिव नमामि गंगे राजेश पाण्डेय समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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