UPCM ने ‘ग्राम स्वराज अभियान’ के आयोजन के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक की

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने 14 अप्रैल से 05 मई, 2018 तक चलाए जा रहे ‘ग्राम स्वराज अभियान’ के तहत निर्धारित दिवसों पर आयोजित कार्यक्रमों में प्रत्येक स्तर पर स्थानीय सांसद, विधायक एवं निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित कर, उनकी सहभागिता सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि ‘ग्राम स्वराज अभियान’ की ठोस रणनीति बनाते हुए गांव-गांव चैपाल आयोजित कर इसे सफल बनाया जाए। इस अभियान के सफल आयोजन से सम्बन्धित सभी कार्यक्रमों का अनुश्रवण प्रत्येक मण्डल के मण्डलायुक्त द्वारा किया जाएगा तथा इसकी रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराई जाएगी।

UPCM ने शास्त्री भवन में ‘ग्राम स्वराज अभियान’ के आयोजन के सम्बन्ध में आयोजित समीक्षा बैठक को सम्बोधित किया। UPCM ने कहा कि इस अभियान के दौरान ‘सबका साथ, सबका विकास’ की यात्रा का कार्यक्रम इस प्रकार बनाया जाए कि यह यात्रा सभी सम्बन्धित गांवों से होकर गुजरे। उन्होंने कहा कि अधिकारी और जनप्रतिनिधि चिन्ह्ति गांवों में चैपाल लगाएं और रात्रि विश्राम सुनिश्चित करें। इस दौरान वे स्थानीय जनता से संवाद स्थापित करते हुए इस अभियान के तहत संचालित कार्यक्रमों और योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाएं। जनता की शिकायतों का भी संज्ञान लिया जाए। चैपाल के दौरान सभी अधिकारी तैयारी के साथ शामिल हों और योजनाओं व कार्यक्रमों के संतृप्तिकरण में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए। चैपाल के दौरान गांवों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ‘ग्राम स्वराज अभियान’ के दौरान शिथिलता या लापरवाही पाए जाने पर अधिकारियों की जवाबदेही तय हो, जिससे उन्हें दण्डित किया जा सके।

UPCM शास्त्री भवन में ‘ग्राम स्वराज अभियान’ के आयोजन के सम्बन्ध में आयोजित समीक्षा बैठक को सम्बोधित करते हुए
UPCM शास्त्री भवन में ‘ग्राम स्वराज अभियान’ के आयोजन के सम्बन्ध में आयोजित समीक्षा बैठक को सम्बोधित करते हुए

UPCM ने कहा कि 14 अप्रैल से 05 मई, 2018 की अवधि में ‘ग्राम स्वराज अभियान’ का आयोजन केन्द्र सरकार द्वारा प्रस्तावित किया गया है, जिसके तहत विभागीय कार्यक्रमों का शीर्ष प्राथमिकता पर समन्वय एवं अनुश्रवण कर आयोजन की सफलता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि 24 अप्रैल, 2018 को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री जी के उद्बोधन के सीधे प्रसारण की भी सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

UPCM ने कहा कि इस आयोजन के तहत गांवों में 14 अप्रैल को सामाजिक न्याय दिवस, 18 अप्रैल को स्वच्छ भारत दिवस, 20 अप्रैल को उज्ज्वला दिवस, 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस, 30 अप्रैल को आयुष्मान भारत दिवस, 02 मई को किसान कल्याण दिवस तथा 05 मई को आजीविका दिवस मनाया जा रहा है। प्रदेश के 3387 गांवों को दिनांक 14 अप्रैल से 05 मई, 2018 की अवधि में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, सौभाग्य (प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना), उजाला योजना, प्रधानमंत्री जन-धन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना तथा मिशन इन्द्रधनुष जैसे कार्यक्रमों से संतृप्त कराया जाए। उन्होंने कहा कि 30 अप्रैल को आयुष्मान भारत दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन के विषय में पात्र लाभार्थियों को अवगत कराया जाए। पात्र व्यक्तियों की पहचान करते हुए उनके परिवार से सम्बन्धित अतिरिक्त सूचनाओं का संकलन किया जाए।

UPCM ने कहा कि इसके साथ-साथ इस अवधि में जनपद के प्रत्येक विकास खण्ड के सर्वाधिक अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, आबादी वाले गांव तथा प्रत्येक नगर निगम/नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत के सर्वाधिक अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति की आबादी वाले वार्ड को केन्द्र एवं राज्य सरकार की लाभार्थीपरक योजनाओं से इस अवधि के दौरान संतृप्त किया जाए। ‘ग्राम स्वराज अभियान’ के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कुल 821 ग्राम पंचायत के अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति बाहुल्य ग्रामों को चयनित किया गया है। इसी प्रकार, 653 वार्डों का चयन किया गया है।

UPCM ने कहा कि इन कार्यक्रमों में स्टार्टअप इण्डिया, स्टैण्डअप इण्डिया, पेंशन योजना (पति की मृत्यु के बाद निराश्रित महिला, वृद्धावस्था, दिव्यांगजन सशक्तिकरण आदि), प्रधानमंत्री आवास योजना, पेयजल (हैण्डपम्पों का अधिष्ठापन एवं रिबोर), राशन कार्ड, अनुसूचित जाति/जनजाति हेतु शादी अनुदान योजना, अनुसूचित जाति/जनजाति हेतु निःशुल्क बोरिंग योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को भी शामिल करते हुए लाभार्थियों को संतृप्त किया जाए।

UPCM ने कहा कि अनुसूचित जाति/जनजाति के सभी पात्र लोगों को उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएं। इसी प्रकार, सौभाग्य योजना में निःशुल्क विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत जहां पर विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं और विद्युत बिलों में गड़बड़ियों की शिकायतें मिल रही हैं, उन्हें भी प्राथमिकता के स्तर पर ठीक कराया जाए तथा जिन लोगों के खाते प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत अभी तक नहीं खुल सके हैं, उन्हें भी खुलवाए जाने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दी जाने वाली धनराशि सीधे लाभार्थी के खाते में उपलब्ध कराई जाए, जिसमें बिचैलियों के लिए कोई स्थान न हो और भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश न रहे। इन योजनाओं में किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने या भ्रष्टाचार पाए जाने पर सम्बन्धित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

UPCM ने कहा कि सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार उस योजना के उद्देश्य को विफल करता है। इसलिए पूरी पारदर्शिता के साथ कार्यक्रमों और योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के आधार कार्ड अब तक नहीं बन सके हैं, उनके आधार कार्ड बनवाए जाने की भी कार्यवाही की जाए।

इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा, खेल मंत्री चेतन चैहान, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री सत्यदेव पचैरी, पंचायती राज राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भूपेन्द्र सिंह चैधरी, ग्राम्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डाॅ. महेन्द्र सिंह, ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वतंत्रदेव सिंह, सूचना राज्यमंत्री डाॅ. नीलकण्ठ तिवारी, कौशल विकास राज्यमंत्री सुरेश पासी, मुख्य सचिव राजीव कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री S.P. गोयल सहित सम्बन्धित विभागों के अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव मौजूद रहे।
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