लखपति दीदी के लक्ष्यों की ओर तेजी के साथ अग्रसर उत्तर प्रदेश : केशव मौर्य

मुख्यमंत्री आवास योजना -ग्रामीण में निर्धारित पात्रता की प्राथमिकता श्रेणी में पति की मृत्यु के उपरांत निराश्रित महिला (आयु 18 वर्ष से 40 वर्ष) को सम्मिलित किया जायेगा

एक परिवार में एक से अधिक दिव्यांग व्यक्ति हों, तो उन्हें भी मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में चयन में वरीयता दी जाएगी

प्रत्येक विकास खण्ड में 10 सबसे पिछड़ी ग्राम पंचायतों के चयन में तत्परता बरती जाए: केशव प्रसाद मौर्य

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश लखपति दीदी  बनाने के कार्यों में तेजी के साथ अग्रसर है। उन्होंने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि  लखपति दीदी बनाने हेतु दिये जा रहे प्रशिक्षण में तेजी लाई जाय। सर्वे में जिन दीदियों की आमदनी 60 हज़ार से एक लाख के बीच है, ऐसी संख्या लगभग 3 लाख होगी, उन्हें विशेष आजीविका गतिविधियों से जोड़ते हुए विशेष  रूचि लेते हुए अधिक से अधिक लखपति दीदी बनाया जाय।

केशव प्रसाद मौर्य ने अपने कैम्प कार्यालय। 7-कालिदास मार्ग पर आयोजित  एक उच्च स्तरीय बैठक में ग्राम्य विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा की।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में क्लस्टर्स में आवास बनाये जाने की आवश्यकता पर बल दिया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक विकास खण्ड में 10 पिछड़ी ग्राम पंचायतों का चयन कर आकाक्षात्मक विकास खण्डो की तरह वहां विशेष ध्यान देकर विकास कार्य कराये जाने हैं। ऐसी ग्राम सभाओं के चयन, मानकों, सर्वे आदि के निर्धारण के लिए आई आई एम,  आई आई टी जैसी तकनीकी संस्थानों का नियमानुसार सहयोग लिया जाय, ताकि अच्छी तरह से रिसर्च व अध्ययन कर 10 पिछड़ी ग्राम पंचायतों का चयन  होने के बाद उन पर विशेष ध्यान देकर  विकास में अग्रणी ग्राम सभाओं के बराबर लाया जा सके। इस तरह प्रदेश में लगभग 8 हजार ग्राम सभाएं होंगी, जिन्हें विशेष इंतजाम  कर और बेहतर सुविधाएं देकर विकास की मुख्य धारा में जोड़ा जा सकेगा, मन्शा, स्मार्ट शहरों की तरह स्मार्ट गांव बनाना है, इससे गांवों से शहरों की ओर पलायन भी रूकेगा।

उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि विभाग के खाली जिन पदों को भरने के लिए अधियाचन भेजा जाय, उनमें आरक्षित पदों का अनिवार्य रूप से उल्लेख किया जाए।उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं ग्राम्य विकास विभाग की सभी विंग की वेबसाइट अपडेट रखी जाय, इसके लिए टीम बनाकर कार्य किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि टी एच आर प्लान्ट्स को सोलर लाइट सिस्टम से जोड़ा जाय, इसमें अनुदान दिये जाने की भी व्यवस्था है और प्लान्ट्स भी निर्बाध गति से चलते रहेंगे।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के निर्धारित पात्रता की प्राथमिकता श्रेणी में पति की मृत्यु के उपरांत निराश्रित महिला (आयु 18 वर्ष से 40 वर्ष) को सम्मिलित किया जायेगा इस सम्बन्ध में शासनादेश भी निर्गत कर दिया गया है।एक परिवार में एक से अधिक दिव्यांग व्यक्ति हों, तो उन्हें भी मुख्यमंत्री आवास योजना -ग्रामीण में चयन में वरीयता दी जाएगी।

बैठक में अपर मुख्य सचिव, ग्राम्य विकास विभाग हिमांशु कुमार, ग्राम्य विकास आयुक्त जी एस प्रियदर्शी ,सचिव ग्राम्य विकास  सुखलाल भारती, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक दीपा रंजन, यूपीआरआरडीए की मुख्य कार्यपालक अधिकारी दिव्या मित्तल, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के निदेशक ए.के. शर्मा, एसआईआरडी के प्र० अपर निदेशक बी डी चौधरी, यूपीएसआरएलएम के संयुक्त निदेशक मिथिलेश कुमार तिवारी अधीक्षण अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ईशम सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

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