नवनियुक्त औषधि निरीक्षकों को दिया गया आधारभूत प्रशिक्षण

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशो के क्रम में राज्य ग्राम्य विकास संस्थान द्वारा विभिन्न विकासपरक व अन्य शासकीय योजनाओं को मुकम्मल अन्जाम देने के उद्देश्य से विभिन्न विषयों पर सतत् रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान द्वारा उ0प्र0 राज्य खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग मे नवनियुक्त औषधि निरीक्षकों का 15 दिवसीय आवासीय क्षमता संवर्द्धन विषयक आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 24 जून, 2024 से 08 जुलाई, 2024 तक की अवधि में किया गया है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों यथा-प्रयागराज, रामपुर, अमेठी, कानपुर नगर, शाहजहाँपुर, ललितपुर, अमरोहा, अलीगढ़ सोनभद्र, मथुरा, सम्भल एवं कन्नौज से कुल 12 प्रशिक्षु प्रतिभागियों (नवनियुक्त औषधि निरीक्षकों) द्वारा प्रतिभाग किया गया। इस आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम के अन्तर्गत विभिन्न समसामायिक रुप से उपयोगी एवं प्रासंगिक विषयों पर राज्य/राष्ट्रीय स्तर के अनुभवी एवं विषयगत प्रबुद्ध वार्ताकारों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

प्रशिक्षण सत्र के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि रेखा एस. चौहान, अपर आयुक्त, राज्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग/विशेष सचिव उ0प्र0 शासन द्वारा प्रशिक्षु प्रतिभागी अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए बताया गया कि सम्पन्न हुए आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम के अन्तर्गत, क्षमता संवर्द्धन के दृष्टिकोण से, जो प्रासंगिक विषयगत ज्ञान, अनुभवी एवं प्रबुद्ध वार्ताकारों द्वारा प्राप्त कराया गया है, उसके अनुरुप आप सभी को अपने-अपने कार्यक्षेत्रों मे जाकर, यथोचित रुप से व अनुशासनबद्धता के साथ क्रियान्वित करना है। फील्ड के कार्यों में विभिन्न प्रकार की समस्याएं आती हैं, जहाँ पर हमको विचलित होने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि विवेकपुर्ण ढंग से, प्रदत्त कार्यों का निष्पादन करना है। यही हमारी संकल्पबद्धता होगी।

इस अवसर पर संस्थान के अपर निदेशक, बी0डी0 चौधरी द्वारा प्रतिभागी अधिकारियों को अपने अध्यक्षीय सम्बोधन मे बताया कि प्रशिक्षण एक महत्वपूर्ण व उपयोगी ऐसी विधा है, जिसके द्वारा किसी भी कार्य को हम सुव्यवस्थित ढंग से निष्पादित करते हैं तथा जब हमारा प्रवेश किसी भी प्रकार की सेवा में होता है या अपने सेवाकाल के अन्तर्गत किसी नवीन तकनीकी विधा का प्रादुर्भाव होता है, तो उन स्थितियों में प्रशिक्षण प्राप्त करना प्रासंगिक हो जाता है।  अपने महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए श्री चौधरी ने  औषधि निरीक्षकों से कहा कि वह अपने कार्यक्षेत्र में जाकर जितनी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करेंगे, उससे कहीं अधिक आपको आत्मिक संतोष प्राप्त होगा। इसीलिये संस्थान द्वारा आपके विभागीय निर्दिष्ट विषयों के अतिरिक्त अन्य विषयों पर वार्ता प्रदान की गयी है, यथा-तनाव प्रबंधन, व्यक्तित्व का विकास, अभिप्रेरणा तथा नेतृत्व क्षमता इत्यादि भी हैं।

इस 15 दिवसीय आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन संस्थान की उपनिदेशक, डॉ नीरजा गुप्ता के मार्गनिर्देशन में किया गया  तथा प्रशिक्षण के आयोजन व प्रबंधन के दृष्टिगत संस्थान की सहायक निदेशक व प्रशिक्षण प्रभारी, डॉ0 सीमा राठौर, प्रतिमेश तिवारी, शोध सह-युक्त, अनुज कुमार दुबे, कम्पयुटर प्रोगामर, मो0 शहन्शाह, प्रचार सहायक तथा विनय सिंह, परिचारक का अत्यन्त महत्वपूर्ण सराहनीय योगदान रहा है। प्रशिक्षण का संचालन संस्थान के सलाहकार हेमेन्द्र शर्मा द्वारा किया गया।

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